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Faridabad News: अब लाल डोरा की शिकायतों की सुनवाई राजस्व विभाग करेगा
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अब तक डीडीपीओ व बीडीपीओ कर रहे थे सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांवों की लाल डोरा आबादी के अंदर संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर अगर किसी का पारिवारिक विवाद चल रहा है तो उसकी सुनवाई पंचायत विभाग के बजाया अब राजस्व विभाग के अधिकारी करेंगे। पंचायत विभाग के निदेशक ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं।
हर गांव में एक नंबर होता था। इस नंबर के अंदर जो आबादी रहती है, उसे लाल डोरा कहते हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी के मकान को खरीदता, तो वह सिर्फ इकरारनामा ही कर सकता था। लाल डोरा के अंदर की भूमि की रजिस्ट्री नहीं होती थी। अब सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत लाल डोरा के अंदर जिस व्यक्ति का मकान है, उसे मालिक बना दिया। यदि किसी मकान में तीन भाई रहते हैं तो तीनों को मालिक बना दिया लेकिन मकान की रजिस्ट्री बड़े भाई ने अपने नाम से करा ली और छोटे भाइयों का नाम रजिस्ट्री में शामिल नहीं है। जिस वजह से अब छोटे भाइयों ने अपने हक को लेकर बड़े भाई के खिलाफ पंचायत विभाग के अधिकारियों के पास शिकायत कर दी। इस तरह की शिकायतें की सुनवाई अब तक डीडीपीओ व बीडीपीओ कर रहे थे।
अब पंचायत विभाग के निदेशक ने उपायुक्त के माध्यम से अपने विभागीय अधिकारी डीडीपीओ और बीडीपीओ को इन मामले में सुनवाई करने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब ऐसे मामले की सुनवाई राजस्व विभाग के अधिकारी करेंगे। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बल्लभगढ़ अंशु डागर ने बताया कि लाल डोरा को लेकर जनवरी-2025 में अधिसूचना जारी हो चुकी है। अब तक जिन विवादों की सुनवाई पंचायत और वह करते थे। अब पंचायत विभाग के निदेशक का पत्र मिला है, उसके अनुसार राजस्व विभाग के अधिकारी सुनवाई करेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांवों की लाल डोरा आबादी के अंदर संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर अगर किसी का पारिवारिक विवाद चल रहा है तो उसकी सुनवाई पंचायत विभाग के बजाया अब राजस्व विभाग के अधिकारी करेंगे। पंचायत विभाग के निदेशक ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं।
हर गांव में एक नंबर होता था। इस नंबर के अंदर जो आबादी रहती है, उसे लाल डोरा कहते हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी के मकान को खरीदता, तो वह सिर्फ इकरारनामा ही कर सकता था। लाल डोरा के अंदर की भूमि की रजिस्ट्री नहीं होती थी। अब सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत लाल डोरा के अंदर जिस व्यक्ति का मकान है, उसे मालिक बना दिया। यदि किसी मकान में तीन भाई रहते हैं तो तीनों को मालिक बना दिया लेकिन मकान की रजिस्ट्री बड़े भाई ने अपने नाम से करा ली और छोटे भाइयों का नाम रजिस्ट्री में शामिल नहीं है। जिस वजह से अब छोटे भाइयों ने अपने हक को लेकर बड़े भाई के खिलाफ पंचायत विभाग के अधिकारियों के पास शिकायत कर दी। इस तरह की शिकायतें की सुनवाई अब तक डीडीपीओ व बीडीपीओ कर रहे थे।
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अब पंचायत विभाग के निदेशक ने उपायुक्त के माध्यम से अपने विभागीय अधिकारी डीडीपीओ और बीडीपीओ को इन मामले में सुनवाई करने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब ऐसे मामले की सुनवाई राजस्व विभाग के अधिकारी करेंगे। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बल्लभगढ़ अंशु डागर ने बताया कि लाल डोरा को लेकर जनवरी-2025 में अधिसूचना जारी हो चुकी है। अब तक जिन विवादों की सुनवाई पंचायत और वह करते थे। अब पंचायत विभाग के निदेशक का पत्र मिला है, उसके अनुसार राजस्व विभाग के अधिकारी सुनवाई करेंगे।
