{"_id":"69bd99c701021a0eba0581a5","slug":"people-fall-ill-after-eating-kuttu-flour-questions-raised-over-food-safety-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-65500-2026-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: कुट्टू का आटा खाने से 12 लोग बीमार, खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: कुट्टू का आटा खाने से 12 लोग बीमार, खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल
विज्ञापन
विज्ञापन
नवरात्र से पहले कार्रवाई के अभाव पर उठे सवाल
- मार्च में सिर्फ 15 खाद्य नमूने, विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नवरात्र के दौरान खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को व्रत के पहले दिन कुट्टू का आटा खाने से 12 लोग बीमार पड़ गए। सभी को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद डबुआ स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना ने त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
बीमार होने वालों में सारन की रहने वाली सुषमा देवी, उनकी बेटी रिया और पति रोहित शामिल हैं। वहीं डबुआ कॉलोनी के कपिल और उनकी पत्नी सपना भी प्रभावित हुए। इसके अलावा जया, पुलकित और माया समेत अन्य लोग भी बीमार पड़े, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
जांच में सामने आया है कि मार्च माह में जिला खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने केवल 15 खाद्य नमूने ही लिए हैं। इनमें दूध से बने उत्पाद, कुट्टू का आटा, मसाले और व्रत में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ सैंपलिंग और निरीक्षण भी तेज होना चाहिए, लेकिन यहां स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि नवरात्र से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था। नवरात्र में कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना और खोए से बनी मिठाइयों की मांग बढ़ने पर मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है।
विभाग को इस मामले की कोई सूचना या शिकायत नहीं मिली है। सैंपलिंग नियमित रूप से जारी है और मार्च में अब तक 15 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं, जिनमें दूध उत्पाद व व्रत सामग्री शामिल हैं।-- -डॉ. पुनीत शर्मा, जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी
बॉक्सः
मिलावटी सामानों की पहचान जरूरी व्रत में रखें सेहत का ख्याल
एक निजी अस्पताल की डाइटिशियन डॉ. अवंतिका मजूमदार ने कहा कि नवरात्र के दौरान व्रत रखने वाले लोगों को खानपान में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। केवल भूखे रहने के बजाय संतुलित और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बने खाद्य पदार्थ ऊर्जा देते हैं, लेकिन इन्हें अधिक तला हुआ खाने से बचना चाहिए। फल, दूध, दही और सूखे मेवे शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी और नींबू पानी का सेवन करते रहना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि व्रत में मिलावटी खाद्य पदार्थों का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए हमेशा पैक्ड और भरोसेमंद ब्रांड का सामान ही खरीदें, खुला आटा लेने से बचें और खाद्य पदार्थों के रंग, गंध व गुणवत्ता की जांच जरूर करें।
मिलावट से बचाव के उपाय
मानक मूल्य से कम दाम के खाद्य पदार्थ न खरीदें
खुला आटा लेने से बचें
पैक्ड और भरोसेमंद ब्रांड का ही आटा खरीदें
रंग और गंध की जांच करें, खराब होने पर उपयोग न करें
साबूदाना और चावल साफ व बिना बदबू के हों
Trending Videos
- मार्च में सिर्फ 15 खाद्य नमूने, विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नवरात्र के दौरान खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को व्रत के पहले दिन कुट्टू का आटा खाने से 12 लोग बीमार पड़ गए। सभी को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद डबुआ स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना ने त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
बीमार होने वालों में सारन की रहने वाली सुषमा देवी, उनकी बेटी रिया और पति रोहित शामिल हैं। वहीं डबुआ कॉलोनी के कपिल और उनकी पत्नी सपना भी प्रभावित हुए। इसके अलावा जया, पुलकित और माया समेत अन्य लोग भी बीमार पड़े, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच में सामने आया है कि मार्च माह में जिला खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने केवल 15 खाद्य नमूने ही लिए हैं। इनमें दूध से बने उत्पाद, कुट्टू का आटा, मसाले और व्रत में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ सैंपलिंग और निरीक्षण भी तेज होना चाहिए, लेकिन यहां स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि नवरात्र से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था। नवरात्र में कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना और खोए से बनी मिठाइयों की मांग बढ़ने पर मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है।
विभाग को इस मामले की कोई सूचना या शिकायत नहीं मिली है। सैंपलिंग नियमित रूप से जारी है और मार्च में अब तक 15 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं, जिनमें दूध उत्पाद व व्रत सामग्री शामिल हैं।
बॉक्सः
मिलावटी सामानों की पहचान जरूरी व्रत में रखें सेहत का ख्याल
एक निजी अस्पताल की डाइटिशियन डॉ. अवंतिका मजूमदार ने कहा कि नवरात्र के दौरान व्रत रखने वाले लोगों को खानपान में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। केवल भूखे रहने के बजाय संतुलित और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बने खाद्य पदार्थ ऊर्जा देते हैं, लेकिन इन्हें अधिक तला हुआ खाने से बचना चाहिए। फल, दूध, दही और सूखे मेवे शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी और नींबू पानी का सेवन करते रहना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि व्रत में मिलावटी खाद्य पदार्थों का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए हमेशा पैक्ड और भरोसेमंद ब्रांड का सामान ही खरीदें, खुला आटा लेने से बचें और खाद्य पदार्थों के रंग, गंध व गुणवत्ता की जांच जरूर करें।
मिलावट से बचाव के उपाय
मानक मूल्य से कम दाम के खाद्य पदार्थ न खरीदें
खुला आटा लेने से बचें
पैक्ड और भरोसेमंद ब्रांड का ही आटा खरीदें
रंग और गंध की जांच करें, खराब होने पर उपयोग न करें
साबूदाना और चावल साफ व बिना बदबू के हों