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Faridabad News: जिले के आईटीआई संस्थानों में सीटों में कटौती, दाखिले में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
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ऑनलाइन मैपिंग के बाद पिछले सत्र की तुलना में करीब 20 प्रतिशत सीटें कम की गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने इस वर्ष प्रदेशभर की राजकीय आईटीआई में दाखिले से पहले सीटों में बड़े स्तर पर कटौती कर दी है। जिले की नौ राजकीय आईटीआई में पिछले सत्र की तुलना में करीब 20 प्रतिशत सीटें कम कर दी गई हैं। इनमें एनआईटी स्थित जिले की सबसे बड़ी राजकीय आईटीआई में इस बार 544 के बजाय केवल 456 सीटों पर ही दाखिले होंगे।
विभाग ने यह फैसला उन ट्रेडों और अतिरिक्त यूनिटों को बंद करके लिया है, जहां नियमित प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। प्रदेशभर में ट्रेंड इंस्ट्रक्टरों की ऑनलाइन मैपिंग के बाद जिन संस्थानों में प्रशिक्षक नहीं मिले, वहां संबंधित ट्रेड या उनकी अतिरिक्त यूनिटें समाप्त कर दी गईं। इसका सीधा असर सीटों की संख्या पर पड़ा है। इसके अलावा ओल्ड फरीदाबाद स्थित राजकीय आईटीआई में इस बार 296 और ओल्ड फरीदाबाद के महिला आईटीआई में 220 की बजाय 200 सीटें कर दी गई हैं। इसी प्रकार से तिगांव, सिकरौना सहित अन्य 6 संस्थानों में भी 15 से 20 प्रतिशत सीटें कर दी गई हैं।
दूसरी ओर तकनीकी और रोजगारपरक कोर्स की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे हालात में तमाम युवा पारंपरिक डिग्रियों की बजाय आईटीआई की ओर रुख कर रहे हैं। इसके बावजूद सीटें घटने से प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है। बता दें कि जिले में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड की प्रत्येक सीट पर दो आवेदन आ रहे हैं जबकि कोपा की हर दो सीट पर संस्थानों को तीन आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार समय रहते ट्रेड इंस्ट्रक्टरों की भर्ती कर दे तो बंद किए गए ट्रेडों को दोबारा शुरू किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों को विकल्प मिलेंगे और प्रशिक्षित मानव संसाधन भी तैयार होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने इस वर्ष प्रदेशभर की राजकीय आईटीआई में दाखिले से पहले सीटों में बड़े स्तर पर कटौती कर दी है। जिले की नौ राजकीय आईटीआई में पिछले सत्र की तुलना में करीब 20 प्रतिशत सीटें कम कर दी गई हैं। इनमें एनआईटी स्थित जिले की सबसे बड़ी राजकीय आईटीआई में इस बार 544 के बजाय केवल 456 सीटों पर ही दाखिले होंगे।
विभाग ने यह फैसला उन ट्रेडों और अतिरिक्त यूनिटों को बंद करके लिया है, जहां नियमित प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। प्रदेशभर में ट्रेंड इंस्ट्रक्टरों की ऑनलाइन मैपिंग के बाद जिन संस्थानों में प्रशिक्षक नहीं मिले, वहां संबंधित ट्रेड या उनकी अतिरिक्त यूनिटें समाप्त कर दी गईं। इसका सीधा असर सीटों की संख्या पर पड़ा है। इसके अलावा ओल्ड फरीदाबाद स्थित राजकीय आईटीआई में इस बार 296 और ओल्ड फरीदाबाद के महिला आईटीआई में 220 की बजाय 200 सीटें कर दी गई हैं। इसी प्रकार से तिगांव, सिकरौना सहित अन्य 6 संस्थानों में भी 15 से 20 प्रतिशत सीटें कर दी गई हैं।
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दूसरी ओर तकनीकी और रोजगारपरक कोर्स की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे हालात में तमाम युवा पारंपरिक डिग्रियों की बजाय आईटीआई की ओर रुख कर रहे हैं। इसके बावजूद सीटें घटने से प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है। बता दें कि जिले में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड की प्रत्येक सीट पर दो आवेदन आ रहे हैं जबकि कोपा की हर दो सीट पर संस्थानों को तीन आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार समय रहते ट्रेड इंस्ट्रक्टरों की भर्ती कर दे तो बंद किए गए ट्रेडों को दोबारा शुरू किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों को विकल्प मिलेंगे और प्रशिक्षित मानव संसाधन भी तैयार होगा।
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