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Faridabad News: शिक्षकों की एसआईआर ड्यूटी से रुकीं स्कूली प्रतियोगिताएं
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-31 जुलाई तक होना है आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में व्यस्तता का सीधा असर अब राजकीय विद्यालयों की अन्य शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर दिखने लगा है। जिले के लगभग सभी सरकारी स्कूलों में इस समय अध्यापकों की भारी कमी महसूस की जा रही है, क्योंकि अधिकतर शिक्षक एसआईआर के कागजी कामों में उलझे हुए हैं।
इस व्यस्तता का सबसे बड़ा नुकसान स्कूली बच्चों को उठाना पड़ रहा है। जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, वाद-विवाद, पेंटिंग और पोस्टर मेकिंग सहित कई तरह की रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी हैं। शिक्षा विभाग के कैलेंडर के मुताबिक इन सभी गतिविधियों को 31 जुलाई तक पूरा करना है। लेकिन स्कूलों में स्टाफ की कमी और उपस्थित शिक्षकों पर काम के अत्यधिक बोझ के कारण ये प्रतियोगिताएं शुरू ही नहीं हो पा रही हैं। अध्यापकों का कहना है कि एक तरफ उन पर समय से एसआईआर का काम पूरा करने का दबाव है, तो दूसरी तरफ बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगिताओं की तैयारी कराना इतने कम स्टाफ में मुमकिन नहीं हो पा रहा है।
वहीं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के इंचार्ज जलवंत सिंह का कहना है कि एसआईआर का काम अब अपने अंतिम चरण में है और इसे जल्द ही समाप्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस काम के पूरे होते ही स्कूलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में व्यस्तता का सीधा असर अब राजकीय विद्यालयों की अन्य शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर दिखने लगा है। जिले के लगभग सभी सरकारी स्कूलों में इस समय अध्यापकों की भारी कमी महसूस की जा रही है, क्योंकि अधिकतर शिक्षक एसआईआर के कागजी कामों में उलझे हुए हैं।
इस व्यस्तता का सबसे बड़ा नुकसान स्कूली बच्चों को उठाना पड़ रहा है। जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, वाद-विवाद, पेंटिंग और पोस्टर मेकिंग सहित कई तरह की रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी हैं। शिक्षा विभाग के कैलेंडर के मुताबिक इन सभी गतिविधियों को 31 जुलाई तक पूरा करना है। लेकिन स्कूलों में स्टाफ की कमी और उपस्थित शिक्षकों पर काम के अत्यधिक बोझ के कारण ये प्रतियोगिताएं शुरू ही नहीं हो पा रही हैं। अध्यापकों का कहना है कि एक तरफ उन पर समय से एसआईआर का काम पूरा करने का दबाव है, तो दूसरी तरफ बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगिताओं की तैयारी कराना इतने कम स्टाफ में मुमकिन नहीं हो पा रहा है।
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वहीं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के इंचार्ज जलवंत सिंह का कहना है कि एसआईआर का काम अब अपने अंतिम चरण में है और इसे जल्द ही समाप्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस काम के पूरे होते ही स्कूलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
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