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Faridabad News: बारिश से सूरजकुंड रोड का हिस्सा धंसा, हादसे का खतरा
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ट्रैफिक पुलिस ने पेड़ की शाखाएं रखकर की बैरिकेडिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। लगातार हो रही बारिश के कारण सूरजकुंड रोड पर मानव रचना इंस्टीट्यूट से फरीदाबाद की ओर जाने वाली सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। सड़क का हिस्सा धंसने के बाद यहां हादसे का खतरा बढ़ गया है। गनीमत रही कि घटना के दौरान कोई वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया। फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
सड़क का किनारा ढहने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने टूटे हुए हिस्से के आसपास पेड़ की शाखाएं रखकर अस्थायी रूप से बैरिकेडिंग कर दी, ताकि वाहन चालक और राहगीर दुर्घटना का शिकार न हों। हालांकि, सड़क के किनारे बने गहरे गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से के कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय निवासी सोनू और मुकेश रघुवंशी का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि सड़क बनाने में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण लगातार बारिश के बाद सड़क का किनारा ढह गया। लोगों ने विभाग से क्षतिग्रस्त हिस्से की तुरंत मरम्मत कराने और सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक स्थायी मरम्मत नहीं होती, तब तक यहां उचित बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। लगातार हो रही बारिश के कारण सूरजकुंड रोड पर मानव रचना इंस्टीट्यूट से फरीदाबाद की ओर जाने वाली सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। सड़क का हिस्सा धंसने के बाद यहां हादसे का खतरा बढ़ गया है। गनीमत रही कि घटना के दौरान कोई वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया। फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
सड़क का किनारा ढहने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने टूटे हुए हिस्से के आसपास पेड़ की शाखाएं रखकर अस्थायी रूप से बैरिकेडिंग कर दी, ताकि वाहन चालक और राहगीर दुर्घटना का शिकार न हों। हालांकि, सड़क के किनारे बने गहरे गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से के कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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स्थानीय निवासी सोनू और मुकेश रघुवंशी का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि सड़क बनाने में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण लगातार बारिश के बाद सड़क का किनारा ढह गया। लोगों ने विभाग से क्षतिग्रस्त हिस्से की तुरंत मरम्मत कराने और सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक स्थायी मरम्मत नहीं होती, तब तक यहां उचित बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए।
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