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Faridabad News: एपीके फाइल, टेलीग्राम टास्क और केवाईसी के नाम पर छह लोगों से साइबर ठगी
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-अलग-अलग साइबर थानों में धोखाधड़ी के मामलों में प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर अपराध थाना एनआईटी, सेंट्रल और साइबर अपराध सेंट्रल पुलिस ने अलग-अलग शिकायतों पर छह साइबर धोखाधड़ी के मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों ने फर्जी क्रेडिट कार्ड, वीडियो केवाईसी, टेलीग्राम टास्क, एपीके फाइल और गुम हुए मोबाइल का दुरुपयोग कर लाखों रुपये से अधिक की ठगी कर ली।
ओल्ड फरीदाबाद के राकेश कुमार चौहान ने शिकायत में बताया कि शुक्रवार को क्रेडिट कार्ड विभाग का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति ने वीडियो केवाईसी के बहाने उनका क्रेडिट कार्ड वीडियो कॉल पर दिखवाया। इसके तुरंत बाद कार्ड से 1,32,991 रुपये निकाल गए। इस मामले में 11 जुलाई को साइबर अपराध सेंट्रल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। दूसरे मामले में सेक्टर-18 निवासी कशिश अग्रवाल ने बताया कि चार जुलाई को टेलीग्राम लिंक भेजकर पहले छोटे टास्क पूरे करवाए गए और फिर अधिक मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग किश्तों में 2.75 लाख रुपये जमा करा लिए। इसके बाद रकम वापस मांगने पर पता चला की ठगी हुई। इस मामले में आठ जुलाई को साइबर अपराध एनआईटी थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई।
समयपुर रोड निवासी विष्णु ने शिकायत दी कि 11 और 12 जून को व्हाट्सएप पर आरटीओ चालान की एपीके फाइल डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके और उनकी मां के बैंक खातों से 2,41,710 रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। इसी तरीके से सेक्टर-45 निवासी रश्मि अहिरवार ने आरोप लगाया कि 29 मार्च को मोबाइल हैक कर उनके नाम से यूपीआई आईडी बनाकर बैंक खाते से 3,08,507 रुपये निकाल लिए गए। इस संबंध में शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई।
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हनुमान नगर निवासी बृजेश ने बताया कि दो जुलाई को मोबाइल गुम होने के बाद तीन से पांच जुलाई के बीच उनके बैंक खाते से 1,09,300 रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में सात जुलाई को साइबर अपराध एनआईटी थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। वहीं रामनगर निवासी संजय कुमार ने शिकायत में बताया कि तीन मई 2024 की रात उनके बैंक खाते से बिना अनुमति 1,50,900 रुपये निकल गए। न्यायालय के आदेश पर इस मामले में सात जुलाई को साइबर अपराध एनआईटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि सभी मामलों में पुलिस आरोपियों की पहचान कर लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर अपराध थाना एनआईटी, सेंट्रल और साइबर अपराध सेंट्रल पुलिस ने अलग-अलग शिकायतों पर छह साइबर धोखाधड़ी के मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों ने फर्जी क्रेडिट कार्ड, वीडियो केवाईसी, टेलीग्राम टास्क, एपीके फाइल और गुम हुए मोबाइल का दुरुपयोग कर लाखों रुपये से अधिक की ठगी कर ली।
ओल्ड फरीदाबाद के राकेश कुमार चौहान ने शिकायत में बताया कि शुक्रवार को क्रेडिट कार्ड विभाग का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति ने वीडियो केवाईसी के बहाने उनका क्रेडिट कार्ड वीडियो कॉल पर दिखवाया। इसके तुरंत बाद कार्ड से 1,32,991 रुपये निकाल गए। इस मामले में 11 जुलाई को साइबर अपराध सेंट्रल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। दूसरे मामले में सेक्टर-18 निवासी कशिश अग्रवाल ने बताया कि चार जुलाई को टेलीग्राम लिंक भेजकर पहले छोटे टास्क पूरे करवाए गए और फिर अधिक मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग किश्तों में 2.75 लाख रुपये जमा करा लिए। इसके बाद रकम वापस मांगने पर पता चला की ठगी हुई। इस मामले में आठ जुलाई को साइबर अपराध एनआईटी थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई।
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समयपुर रोड निवासी विष्णु ने शिकायत दी कि 11 और 12 जून को व्हाट्सएप पर आरटीओ चालान की एपीके फाइल डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके और उनकी मां के बैंक खातों से 2,41,710 रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। इसी तरीके से सेक्टर-45 निवासी रश्मि अहिरवार ने आरोप लगाया कि 29 मार्च को मोबाइल हैक कर उनके नाम से यूपीआई आईडी बनाकर बैंक खाते से 3,08,507 रुपये निकाल लिए गए। इस संबंध में शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई।
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हनुमान नगर निवासी बृजेश ने बताया कि दो जुलाई को मोबाइल गुम होने के बाद तीन से पांच जुलाई के बीच उनके बैंक खाते से 1,09,300 रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में सात जुलाई को साइबर अपराध एनआईटी थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। वहीं रामनगर निवासी संजय कुमार ने शिकायत में बताया कि तीन मई 2024 की रात उनके बैंक खाते से बिना अनुमति 1,50,900 रुपये निकल गए। न्यायालय के आदेश पर इस मामले में सात जुलाई को साइबर अपराध एनआईटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि सभी मामलों में पुलिस आरोपियों की पहचान कर लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।