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Faridabad News: डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में छात्र नहीं दिखा रहे रुचि
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बिना डिजिटल प्रमाण पत्र के छात्रों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति नहीं मिलेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लेने वाले छात्र डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से इसे अनिवार्य किए जाने के बावजूद अभी तक चुनिंदा छात्रों ने ही डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाए हैं।
ऐसे में आने वाले समय में छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों के लिए डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना डिजिटल प्रमाण पत्र के छात्रों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति नहीं मिलेगी। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को भी छात्रों को इसके प्रति जागरूक करने और प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। सहायक खेल शिक्षा अधिकारी प्रेम शर्मा ने बताया कि अभी तक केवल कुछ छात्रों ने ही डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र बनवाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने अभी तक प्रमाण पत्र नहीं बनवाया है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए, ताकि आगामी प्रतियोगिताओं के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बता दें कि खेल प्रतियोगिताओं में उम्र संबंधी धांधली को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र की व्यवस्था लागू की है। इसके माध्यम से खिलाड़ियों की जन्मतिथि का प्रमाण आधिकारिक रिकॉर्ड से सत्यापित किया जा सकेगा। विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी खिलाड़ी उम्र कम करवाकर प्रतियोगिता में अनुचित लाभ न ले सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लेने वाले छात्र डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से इसे अनिवार्य किए जाने के बावजूद अभी तक चुनिंदा छात्रों ने ही डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाए हैं।
ऐसे में आने वाले समय में छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों के लिए डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना डिजिटल प्रमाण पत्र के छात्रों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति नहीं मिलेगी। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को भी छात्रों को इसके प्रति जागरूक करने और प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। सहायक खेल शिक्षा अधिकारी प्रेम शर्मा ने बताया कि अभी तक केवल कुछ छात्रों ने ही डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र बनवाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने अभी तक प्रमाण पत्र नहीं बनवाया है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए, ताकि आगामी प्रतियोगिताओं के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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बता दें कि खेल प्रतियोगिताओं में उम्र संबंधी धांधली को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र की व्यवस्था लागू की है। इसके माध्यम से खिलाड़ियों की जन्मतिथि का प्रमाण आधिकारिक रिकॉर्ड से सत्यापित किया जा सकेगा। विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी खिलाड़ी उम्र कम करवाकर प्रतियोगिता में अनुचित लाभ न ले सके।
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