{"_id":"6a4171cbf172197d140addfb","slug":"the-citys-24-busiest-major-intersections-and-key-thoroughfares-will-undergo-a-transformation-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-73515-2026-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: शहर के सबसे व्यस्त 24 बड़े चौराहों और प्रमुख मार्गों का होगा कायाकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: शहर के सबसे व्यस्त 24 बड़े चौराहों और प्रमुख मार्गों का होगा कायाकल्प
विज्ञापन
हार्डवेयर चौक पर चल रहे वाहनों की फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएम के निर्देशों के बाद फरीदाबाद की सड़कों का बदलेगा नक्शा, जाम से मिलेगी राहत
90 दिन में तैयार करनी होगी डीपीआर
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद फरीदाबाद में विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। हाल ही में कार्यों में लापरवाही मिलने पर दो अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद अब फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने शहर के सबसे व्यस्त 24 चौराहों और प्रमुख सड़क मार्गों के कायाकल्प की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका लक्ष्य केवल जाम कम करना नहीं बल्कि सड़क हादसों में कमी लाना, पैदल यात्रियों को सुरक्षित रास्ता देना और शहर के ट्रैफिक सिस्टम को आधुनिक बनाना है।
फरीदाबाद देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और पलवल को जोड़ने वाले मार्गों का भारी दबाव भी शहर की सड़कों पर पड़ता है। रोजाना लाखों लोग नौकरी, उद्योग, व्यापार और शिक्षा के लिए इन मार्गों का उपयोग करते हैं। सुबह और शाम के समय बीके चौक, हार्डवेयर चौक, नीलम चौक, बाटा चौक और शहीद भगत सिंह चौक पर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें आम बात हैं।
बढ़ रहा सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ
जानकारी के अनुसार जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। साल 2024 में जहां लगभग 629 गंभीर हादसों में 251 लोगों ने अपनी जान गंवाई और 547 लोग घायल हुए, वहीं साल 2025 में गंभीर सड़क हादसों का यह आंकड़ा 606 रहा जिसमें मौतों की संख्या बढ़कर 265 तक पहुंच गई और 458 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। ट्रैफिक पुलिस के आंतरिक विश्लेषण के अनुसार इन हादसों में सबसे ज्यादा जान गंवाने वाले दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री हैं, जो किलर ब्लैक स्पॉट्स में ड्राइविंग और ओवर स्पीड के शिकार हुए हैं।
विज्ञापन
24 चौराहों की होगी वैज्ञानिक डिजाइनिंग
एफएमडीए ने हार्डवेयर चौक-बीके चौक, बीके चौक-मुल्ला होटल चौक, नीलम चौक-बाटा चौक और भगत सिंह चौक-नीलम चौक सहित प्रमुख सड़क मार्गों को पहले चरण में शामिल किया है। बीके चौक, हार्डवेयर चौक, चिमनी बाई चौक, नीलम चौक, वंदे भारत चौक, मस्जिद चौक, तिकोना पार्क और अन्य प्रमुख जंक्शन का ड्रोन सर्वे, जीपीआर सर्वे और ट्रैफिक अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद चौराहों की ज्यामिति बदली जाएगी, फ्री-लेफ्ट टर्न विकसित होंगे, आधुनिक साइनेज लगाए जाएंगे और ट्रैफिक का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जाएगा। चयनित कंसल्टेंट को यह पूरी डीपीआर 90 दिनों में तैयार करनी होगी।
पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों पर विशेष फोकस
नई सड़क डिजाइन में बाधारहित फुटपाथ, सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग, पेडेस्ट्रियन रिफ्यूज आइलैंड, साइकिल ट्रैक और बेहतर बस स्टॉप विकसित किए जाएंगे। उद्देश्य यह है कि सड़क पार करते समय पैदल यात्रियों की जान जोखिम में न पड़े और दोपहिया चालकों के लिए भी अधिक सुरक्षित यातायात व्यवस्था तैयार हो।
जलभराव का भी निकलेगा स्थायी समाधान
बारिश के दौरान जलभराव से जाम की समस्या और बढ़ जाती है। इसे देखते हुए सड़क किनारे रेन गार्डन, स्वेल्स और ग्रीन बफर विकसित किए जाएंगे, जिससे वर्षा जल का प्राकृतिक पुनर्भरण हो सके और सड़कों पर पानी जमा होने की समस्या कम हो। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना तय समय पर लागू होती है तो इससे यात्रा समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। लंबे समय से जाम, अव्यवस्थित चौराहों और बढ़ते सड़क हादसों से जूझ रहे फरीदाबाद के लिए यह परियोजना शहर के ट्रैफिक ढांचे में सबसे बड़े बदलावों में से एक साबित हो सकती है।
इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए इसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर एफएमडीए
विज्ञापन
90 दिन में तैयार करनी होगी डीपीआर
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद फरीदाबाद में विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। हाल ही में कार्यों में लापरवाही मिलने पर दो अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद अब फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने शहर के सबसे व्यस्त 24 चौराहों और प्रमुख सड़क मार्गों के कायाकल्प की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका लक्ष्य केवल जाम कम करना नहीं बल्कि सड़क हादसों में कमी लाना, पैदल यात्रियों को सुरक्षित रास्ता देना और शहर के ट्रैफिक सिस्टम को आधुनिक बनाना है।
फरीदाबाद देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और पलवल को जोड़ने वाले मार्गों का भारी दबाव भी शहर की सड़कों पर पड़ता है। रोजाना लाखों लोग नौकरी, उद्योग, व्यापार और शिक्षा के लिए इन मार्गों का उपयोग करते हैं। सुबह और शाम के समय बीके चौक, हार्डवेयर चौक, नीलम चौक, बाटा चौक और शहीद भगत सिंह चौक पर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें आम बात हैं।
विज्ञापन
बढ़ रहा सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ
जानकारी के अनुसार जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। साल 2024 में जहां लगभग 629 गंभीर हादसों में 251 लोगों ने अपनी जान गंवाई और 547 लोग घायल हुए, वहीं साल 2025 में गंभीर सड़क हादसों का यह आंकड़ा 606 रहा जिसमें मौतों की संख्या बढ़कर 265 तक पहुंच गई और 458 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। ट्रैफिक पुलिस के आंतरिक विश्लेषण के अनुसार इन हादसों में सबसे ज्यादा जान गंवाने वाले दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री हैं, जो किलर ब्लैक स्पॉट्स में ड्राइविंग और ओवर स्पीड के शिकार हुए हैं।
विज्ञापन
24 चौराहों की होगी वैज्ञानिक डिजाइनिंग
एफएमडीए ने हार्डवेयर चौक-बीके चौक, बीके चौक-मुल्ला होटल चौक, नीलम चौक-बाटा चौक और भगत सिंह चौक-नीलम चौक सहित प्रमुख सड़क मार्गों को पहले चरण में शामिल किया है। बीके चौक, हार्डवेयर चौक, चिमनी बाई चौक, नीलम चौक, वंदे भारत चौक, मस्जिद चौक, तिकोना पार्क और अन्य प्रमुख जंक्शन का ड्रोन सर्वे, जीपीआर सर्वे और ट्रैफिक अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद चौराहों की ज्यामिति बदली जाएगी, फ्री-लेफ्ट टर्न विकसित होंगे, आधुनिक साइनेज लगाए जाएंगे और ट्रैफिक का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जाएगा। चयनित कंसल्टेंट को यह पूरी डीपीआर 90 दिनों में तैयार करनी होगी।
पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों पर विशेष फोकस
नई सड़क डिजाइन में बाधारहित फुटपाथ, सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग, पेडेस्ट्रियन रिफ्यूज आइलैंड, साइकिल ट्रैक और बेहतर बस स्टॉप विकसित किए जाएंगे। उद्देश्य यह है कि सड़क पार करते समय पैदल यात्रियों की जान जोखिम में न पड़े और दोपहिया चालकों के लिए भी अधिक सुरक्षित यातायात व्यवस्था तैयार हो।
जलभराव का भी निकलेगा स्थायी समाधान
बारिश के दौरान जलभराव से जाम की समस्या और बढ़ जाती है। इसे देखते हुए सड़क किनारे रेन गार्डन, स्वेल्स और ग्रीन बफर विकसित किए जाएंगे, जिससे वर्षा जल का प्राकृतिक पुनर्भरण हो सके और सड़कों पर पानी जमा होने की समस्या कम हो। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना तय समय पर लागू होती है तो इससे यात्रा समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। लंबे समय से जाम, अव्यवस्थित चौराहों और बढ़ते सड़क हादसों से जूझ रहे फरीदाबाद के लिए यह परियोजना शहर के ट्रैफिक ढांचे में सबसे बड़े बदलावों में से एक साबित हो सकती है।
इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए इसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर एफएमडीए