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Faridabad News: मस्तिष्क रोग विभाग नहीं होने से बेहोश युवती को किया दिल्ली रेफर
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ और संबंधित उपचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण एक बेहोश युवती को प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली रेफर करना पड़ा। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद युवती की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया।
पर्वतीय कॉलोनी निवासी रुचिका को रविवार दोपहर परिजन बेहोशी की हालत में बीके नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि रुचिका घर पर काम कर रही थी। इसी दौरान वह अचानक गिर गई और बेहोश हो गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की।
रुचिका की मां रेखा देवी ने बताया कि उनकी बेटी दोपहर में घर का काम कर रही थी। इसी दौरान वह अचानक बेहोश होकर गिर गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि रुचिका को मस्तिष्क संबंधी समस्या हो सकती है, लेकिन बीके अस्पताल में इसके समुचित उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके चलते उसे दिल्ली के बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई।
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रेखा देवी ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह के बाद परिवार ने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था की और रुचिका को बेहतर उपचार के लिए दिल्ली लेकर रवाना हो गए।
परिजनों का कहना है कि जिला नागरिक अस्पताल में न्यूरोलॉजी विभाग नहीं होने के कारण मस्तिष्क संबंधी गंभीर मरीजों को अक्सर दिल्ली या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अगर किसी मरीज की स्थिति गंभीर होती है और अस्पताल में उसके उपचार की समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं होती है तो बिना देर किए उसे उच्चतर स्वास्थ्य केंद्र में रेफर किया जाता है। इस मामले में भी मरीज के हित को देखते हुए यही किया गया है।-डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
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फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ और संबंधित उपचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण एक बेहोश युवती को प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली रेफर करना पड़ा। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद युवती की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया।
पर्वतीय कॉलोनी निवासी रुचिका को रविवार दोपहर परिजन बेहोशी की हालत में बीके नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि रुचिका घर पर काम कर रही थी। इसी दौरान वह अचानक गिर गई और बेहोश हो गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की।
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रुचिका की मां रेखा देवी ने बताया कि उनकी बेटी दोपहर में घर का काम कर रही थी। इसी दौरान वह अचानक बेहोश होकर गिर गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि रुचिका को मस्तिष्क संबंधी समस्या हो सकती है, लेकिन बीके अस्पताल में इसके समुचित उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके चलते उसे दिल्ली के बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई।
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रेखा देवी ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह के बाद परिवार ने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था की और रुचिका को बेहतर उपचार के लिए दिल्ली लेकर रवाना हो गए।
परिजनों का कहना है कि जिला नागरिक अस्पताल में न्यूरोलॉजी विभाग नहीं होने के कारण मस्तिष्क संबंधी गंभीर मरीजों को अक्सर दिल्ली या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अगर किसी मरीज की स्थिति गंभीर होती है और अस्पताल में उसके उपचार की समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं होती है तो बिना देर किए उसे उच्चतर स्वास्थ्य केंद्र में रेफर किया जाता है। इस मामले में भी मरीज के हित को देखते हुए यही किया गया है।-डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।