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Faridabad News: छांयसा में खत्म होगी जलभराव और सेम की समस्या

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:45 AM IST
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The problem of waterlogging and beans will end in Chhayasa
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-सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने तैयार की निकासी की योजना
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-44 लाख होंगे खर्च, डीआई पाइपलाइन व संपवेल का होगा निर्माण
राहुल राज


पलवल। छांयसा गांव में जलभराव और सेम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जलभराव और सेम के पानी की निकासी (डीवाटरिंग) के लिए 44 लाख रुपये की लागत से एक परियोजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत डीआई पाइपलाइन और सम्प वेल (संग्रह कुआं) का निर्माण किया जाएगा। जिससे गांव में जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। सिंचाई विभाग ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।



छांयसा गांव में दूषित पानी की हो रही थी सप्लाई :



गौरतलब है कि हाल ही में छांयसा गांव में दूषित पानी और हेपिटाइटिस से कई लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने पानी के सैंपल जांच करवाए थे। अधिकांश पानी के सैंपल जांच में फेल हो गए थे। जनस्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में सामने आया था कि रेनीवेल की पाइपलाइन 80 जगहों से क्षतिग्रस्त थी। इसके कारण सेम का पानी पाइपलाइन के जरिए घरों तक पहुंच रहा था। दूषित पानी पीने से ग्रामीणों के लिवर पर बुरा असर पड़ रहा था।
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सेम की वजह से फसलों को होता है नुकसान --



छांयसा गांव में सेम की समस्या पिछले काफी समय से बनी हुई है। इसके कारण गांव में फसल उपज भी नहीं हो पा रही है। परियोजना के तहत एक स्वचालित इलेक्ट्रिक कंट्रोल पैनल और 30 एचपी क्षमता का मोटर पंपिंग सेट लगाया जाएगा। मोटर की मदद से तेज गति से खेतों से पानी को बाहर निकाला जाएगा। इसके साथ ही लगभग 1371 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे पानी को व्यवस्थित तरीके से निकाला जा सके।
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मजबूत आधारभूत संरचना पर दिया जा रहा ध्यान :



योजना के क्रियान्वयन में मजबूत आधारभूत संरचना पर भी ध्यान दिया गया है। इसके अंतर्गत खुदाई, मिट्टी भराई, सीमेंट कंक्रीट कार्य, ईंट चिनाई और स्टील सुदृढ़ीकरण जैसे कार्य शामिल हैं। साथ ही, 900 मिमी व्यास की आरसीसी पाइप लाइन भी डाली जाएगी, जिससे जल निकासी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
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सबमर्सिबल केबल, एयर वाल्व, स्कॉर वाल्व लगेंगे :
इसके अलावा सबमर्सिबल केबल, एयर वाल्व, स्कॉर वाल्व और अन्य आवश्यक उपकरणों की स्थापना भी की जाएगी। पूरी योजना को इस तरह तैयार किया गया है कि भविष्य में बाढ़ और सेम की स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। परियोजना के बाद गांव के लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। यदि समय पर और सही तरीके से कार्य पूरा हुआ, तो यह योजना गांव के लिए एक स्थायी समाधान साबित हो सकती है।



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छांयसा गांव में जलभराव और सेम की समस्या का निदान करने के लिए विभाग की तरफ से परियोजना लाई गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद ग्रामीणों को जलभराव और सेम की समस्या से राहत मिलेगी।
– मोहित वशिष्ठ, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग
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