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Faridabad News: मां कात्यायनी से की कल्याण की कामना
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महर्षि कात्यायन के घर जन्म लेने से पड़ा कात्यायनी नाम
बल्लभगढ़। चैत्र नवरात्र के छठे दिन मंगलवार को भक्तों ने मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर विभिन्न मंदिरों में कई धार्मिक आयोजन हुए। तिकोना पार्क स्थित श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रात: कालीन हवन यज्ञ और पूजा का शुभारंभ करवाया। इस पावन मौके पर उद्यमी और समाजसेवी मनमोहन गुप्ता तथा आर के बत्रा ने माता रानी के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई तथा ज्योति प्रज्वलित की। वहीं एनआईटी 1 बी ब्लॉक में स्थित सिद्ध पीठ श्री हनुमान मंदिर के पूर्व प्रधान भरत अरोड़ा ने बताया कि वैसे तो माता रानी के दरबार में श्रद्धालुओं के भीड़ हमेशा बनी रहती है। लेकिन नवरात्र के समय मां के दरबार में श्रद्धालुओं का मानों जनसैलाब उमड़ रहा है। नवरात्र के दिनों में 24 घंटे मंदिर के दरबार खुले रहते हैं। स्वामी सुदर्शनाचार्य वेद वेदांग संस्कृत महाविद्यालय के विद्यार्थियों और आचार्यो की ओर से किए गए देवी पुराण महाभागवत में मंत्रोच्चार के साथ युवाचार्य स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने विश्व कल्याण की विशेष-पूजा-अर्चना की। शहर के सूरजकुंड मार्ग स्थित श्रीसिद्धदाता आश्रम में चल रहे आदिशक्ति मां दुर्गा के विशेष अनुष्ठान में पहुंचे श्रद्धालुओं ने आदिशक्ति मां दुर्गा के षष्टम स्वरुप माता कात्यायनी की पूजा-अर्चना की। आयोजित अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने धर्म, अर्थ, मोक्ष पाने और संतान की उन्नति के लिए के लिए माता की विशेष पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ा। इस दिन मां के दर्शन और पूजन से विशेष फल की प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। संवाद
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बल्लभगढ़। चैत्र नवरात्र के छठे दिन मंगलवार को भक्तों ने मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर विभिन्न मंदिरों में कई धार्मिक आयोजन हुए। तिकोना पार्क स्थित श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रात: कालीन हवन यज्ञ और पूजा का शुभारंभ करवाया। इस पावन मौके पर उद्यमी और समाजसेवी मनमोहन गुप्ता तथा आर के बत्रा ने माता रानी के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई तथा ज्योति प्रज्वलित की। वहीं एनआईटी 1 बी ब्लॉक में स्थित सिद्ध पीठ श्री हनुमान मंदिर के पूर्व प्रधान भरत अरोड़ा ने बताया कि वैसे तो माता रानी के दरबार में श्रद्धालुओं के भीड़ हमेशा बनी रहती है। लेकिन नवरात्र के समय मां के दरबार में श्रद्धालुओं का मानों जनसैलाब उमड़ रहा है। नवरात्र के दिनों में 24 घंटे मंदिर के दरबार खुले रहते हैं। स्वामी सुदर्शनाचार्य वेद वेदांग संस्कृत महाविद्यालय के विद्यार्थियों और आचार्यो की ओर से किए गए देवी पुराण महाभागवत में मंत्रोच्चार के साथ युवाचार्य स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने विश्व कल्याण की विशेष-पूजा-अर्चना की। शहर के सूरजकुंड मार्ग स्थित श्रीसिद्धदाता आश्रम में चल रहे आदिशक्ति मां दुर्गा के विशेष अनुष्ठान में पहुंचे श्रद्धालुओं ने आदिशक्ति मां दुर्गा के षष्टम स्वरुप माता कात्यायनी की पूजा-अर्चना की। आयोजित अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने धर्म, अर्थ, मोक्ष पाने और संतान की उन्नति के लिए के लिए माता की विशेष पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ा। इस दिन मां के दर्शन और पूजन से विशेष फल की प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। संवाद