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Faridabad News: किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक पर न करें क्लिक
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फरीदाबाद पुलिस ने टेलीग्राम प्रीपेड टास्क फ्रॉड से बचने के लिए दी सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डिजिटल युग में ऑनलाइन कमाई के नाम पर ठगी के नए तरीके सामने आ रहे हैं । जिसमें प्रीपेड टेलीग्राम टास्क फ्रॉड सबसे प्रमुख है। इस धोखाधड़ी में ठग सबसे पहले व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर अनजान नंबर से मैसेज भेजकर घर बैठे दो हजार से पांच रुपये रोज कमाने का लालच देते हैं।
जिले के निवासियों को जागरूक करते हुए पुलिस उपायुक्त मुख्यालय व अपराध हिमाद्री कौशिक ने कहा कि शुरुआत में यूजर का भरोसा जीतने के लिए उन्हें गूगल रेटिंग और वीडियो लाइक जैसे आसान टास्क दिए जाते हैं और बदले में उनके खाते में सचमुच 250 से 500 रुपये भेज दिए जाते हैं। जब यूजर को प्लेटफॉर्म असली लगने लगता है तो उसे बड़ा मुनाफा कमाने के लिए पैसे निवेश करने यानी प्रीपेड टास्क का लालच दिया जाता है। ठग एक फर्जी वेबसाइट पर यूजर का नकली लाभ और बैलेंस बढ़ता हुआ दिखाते हैं लेकिन जब यूजर अपना पैसा निकालना चाहता है तो टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और पैसों की मांग की जाती है और अंत में ठग संपर्क तोड़ देते हैं।
पुलिस उपायुक्त हिमाद्री कौशिक ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक या विज्ञापन पर क्लिक न करें और केवल विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। यदि आप किसी भी प्रकार की ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके साथ ही अपनी शिकायत साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज कराएं। ।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डिजिटल युग में ऑनलाइन कमाई के नाम पर ठगी के नए तरीके सामने आ रहे हैं । जिसमें प्रीपेड टेलीग्राम टास्क फ्रॉड सबसे प्रमुख है। इस धोखाधड़ी में ठग सबसे पहले व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर अनजान नंबर से मैसेज भेजकर घर बैठे दो हजार से पांच रुपये रोज कमाने का लालच देते हैं।
जिले के निवासियों को जागरूक करते हुए पुलिस उपायुक्त मुख्यालय व अपराध हिमाद्री कौशिक ने कहा कि शुरुआत में यूजर का भरोसा जीतने के लिए उन्हें गूगल रेटिंग और वीडियो लाइक जैसे आसान टास्क दिए जाते हैं और बदले में उनके खाते में सचमुच 250 से 500 रुपये भेज दिए जाते हैं। जब यूजर को प्लेटफॉर्म असली लगने लगता है तो उसे बड़ा मुनाफा कमाने के लिए पैसे निवेश करने यानी प्रीपेड टास्क का लालच दिया जाता है। ठग एक फर्जी वेबसाइट पर यूजर का नकली लाभ और बैलेंस बढ़ता हुआ दिखाते हैं लेकिन जब यूजर अपना पैसा निकालना चाहता है तो टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और पैसों की मांग की जाती है और अंत में ठग संपर्क तोड़ देते हैं।
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पुलिस उपायुक्त हिमाद्री कौशिक ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक या विज्ञापन पर क्लिक न करें और केवल विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। यदि आप किसी भी प्रकार की ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके साथ ही अपनी शिकायत साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज कराएं। ।