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Faridabad News: भुगतान करने के बाद भी नहीं शुरू हुआ अल्ट्रासाउंड
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गर्भवती महिलाओं के साथ अन्य मरीजों को भी हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांव छांयसा स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में तीन महीने से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल रही है। अस्पताल की ओर से पीपीपी मोड के तहत चलाने वाली कंपनी को भुगतान भी कर दिया गया है, इसके बावजूद सुविधा शुरू नहीं हो रही है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी शुरू हुए करीब 3 साल से अधिक का समय हो चुका है। संसाधनों की कमी के कारण पहले यहां कम मरीज उपचार करवाने के लिए आते थे लेकिन अब अस्पताल में खून की जांच, डिजिटल एक्स-रे, आईपीडी और इमरजेंसी सेवा शुरू कर दी गई है। उसके बाद से मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। अगस्त 2025 में मेडिकल कॉलेज में पीपीपी मोड के तहत रेडियोलॉजिस्ट विभाग को शुरू किया गया था। उस विभाग में डिजिटल एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जा रही थी। लेकिन पिछले तीन महीने से अल्ट्रासाउंड की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। मेडिकल कॉलेज की ओर से निजी संस्थान को भुगतान भी कर दिया है लेकिन उसके बावजूद भी सुविधा को दोबारा से शुरू नहीं किया गया। इस वजह से गर्भवती महिलाओं को करीब 28 किलोमीटर दूर बीके अस्पताल रेफर किया जा रहा है। निदेशक डॉ. देवेंद्र अटल ने बताया कि पीपीपी मोड के तहत इस सुविधा को शुरू किया गया है। जिस कंपनी की ओर से सुविधा दी जा रही है उसको भुगतान कर दिया है। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक सुविधा शुरू हो जाएगी।
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बल्लभगढ़। गांव छांयसा स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में तीन महीने से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल रही है। अस्पताल की ओर से पीपीपी मोड के तहत चलाने वाली कंपनी को भुगतान भी कर दिया गया है, इसके बावजूद सुविधा शुरू नहीं हो रही है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी शुरू हुए करीब 3 साल से अधिक का समय हो चुका है। संसाधनों की कमी के कारण पहले यहां कम मरीज उपचार करवाने के लिए आते थे लेकिन अब अस्पताल में खून की जांच, डिजिटल एक्स-रे, आईपीडी और इमरजेंसी सेवा शुरू कर दी गई है। उसके बाद से मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। अगस्त 2025 में मेडिकल कॉलेज में पीपीपी मोड के तहत रेडियोलॉजिस्ट विभाग को शुरू किया गया था। उस विभाग में डिजिटल एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जा रही थी। लेकिन पिछले तीन महीने से अल्ट्रासाउंड की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। मेडिकल कॉलेज की ओर से निजी संस्थान को भुगतान भी कर दिया है लेकिन उसके बावजूद भी सुविधा को दोबारा से शुरू नहीं किया गया। इस वजह से गर्भवती महिलाओं को करीब 28 किलोमीटर दूर बीके अस्पताल रेफर किया जा रहा है। निदेशक डॉ. देवेंद्र अटल ने बताया कि पीपीपी मोड के तहत इस सुविधा को शुरू किया गया है। जिस कंपनी की ओर से सुविधा दी जा रही है उसको भुगतान कर दिया है। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक सुविधा शुरू हो जाएगी।
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