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Faridabad News: फ्लायर<bha>--</bha>- कांवड़ यात्रा में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी, कई पहली बार उठा रहीं कांवड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्त कांवड़ियों का जिले की सीमा में पहुंचना शुरू हो गया है। कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों में उत्साह दिखाई दे रहा है। इस बार यात्रा में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में महिलाएं पहली बार कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रही हैं। इन महिलाओं का कहना है कि उनके परिवार में आज तक किसी ने कांवड़ नहीं उठाई थी, लेकिन भगवान शिव के प्रति आस्था और मन में बनी श्रद्धा ने उन्हें पहली बार कांवड़ यात्रा पर निकलने के लिए प्रेरित किया। पहली बार कांवड़ उठाने को लेकर महिलाओं में धार्मिक आस्था के साथ-साथ गर्व और खुशी का भाव भी नजर आ रहा है।
महिलाओं से बातचीत
परिवार में आज तक किसी ने कांवड़ नहीं उठाई थी। स्वयं कांवड़ लाने का संकल्प लिया। थकान के बाद भी भगवान शिव का नाम लेने से उत्साह बना रहता है। - गुलवीरी, मंडकोला
पहली बार कांवड़ लेकर आने का अनुभव बेहद ही शानदार रहा है और रास्ते में मिलने वाले शिवभक्तों से और भी ज्यादा हौसला मिलता है। -अनीता, जैदापुर
बेटियां भी धार्मिक परंपराओं और संस्कारों से जुड़ें। इसी उद्देश्य से पहली बार कांवड़ उठाई और यात्रा में परिवार का पूरा सहयोग मिला। -पपीता, हसनपुर
अब कांवड़ में महिलाएं भी बढ़कर हिस्सा ले रही हैं। शिवभक्ति में भेद नहीं है और श्रद्धा हो तो हर कोई कांवड़ लेकर यात्रा कर सकता है। -लीला, हसनपुर
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पलवल। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्त कांवड़ियों का जिले की सीमा में पहुंचना शुरू हो गया है। कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों में उत्साह दिखाई दे रहा है। इस बार यात्रा में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में महिलाएं पहली बार कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रही हैं। इन महिलाओं का कहना है कि उनके परिवार में आज तक किसी ने कांवड़ नहीं उठाई थी, लेकिन भगवान शिव के प्रति आस्था और मन में बनी श्रद्धा ने उन्हें पहली बार कांवड़ यात्रा पर निकलने के लिए प्रेरित किया। पहली बार कांवड़ उठाने को लेकर महिलाओं में धार्मिक आस्था के साथ-साथ गर्व और खुशी का भाव भी नजर आ रहा है।
महिलाओं से बातचीत
परिवार में आज तक किसी ने कांवड़ नहीं उठाई थी। स्वयं कांवड़ लाने का संकल्प लिया। थकान के बाद भी भगवान शिव का नाम लेने से उत्साह बना रहता है। - गुलवीरी, मंडकोला
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पहली बार कांवड़ लेकर आने का अनुभव बेहद ही शानदार रहा है और रास्ते में मिलने वाले शिवभक्तों से और भी ज्यादा हौसला मिलता है। -अनीता, जैदापुर
बेटियां भी धार्मिक परंपराओं और संस्कारों से जुड़ें। इसी उद्देश्य से पहली बार कांवड़ उठाई और यात्रा में परिवार का पूरा सहयोग मिला। -पपीता, हसनपुर
अब कांवड़ में महिलाएं भी बढ़कर हिस्सा ले रही हैं। शिवभक्ति में भेद नहीं है और श्रद्धा हो तो हर कोई कांवड़ लेकर यात्रा कर सकता है। -लीला, हसनपुर