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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Farmers displaced for the airport received ownership rights after seven years

Delhi NCR News: सात साल बाद एयरपोर्ट विस्थापित किसानों को मिला मालिकाना हक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 08:19 PM IST
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इंतजार से मिली आजादी
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विधायक व एसडीएम ने 5 किसानों को दी भूखंडों की रजिस्ट्री, अब 3500 किसानों को भी जल्दी मिलेंगे दस्तावेज

माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। एयरपोर्ट विस्थापित किसानों का सात साल लंबा इंतजार शुक्रवार को खत्म हो गया। स्वतंत्रता दिवस से पहले सरकार ने किसानों को तोहफा देते हुए आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्री का काम शुरू कर दिया। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह और एसडीएम दुर्गेश सिंह की मौजूदगी में सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पहले दिन पांच किसानों को उनके भूखंडों की रजिस्ट्री सौंपी गई। रजिस्ट्री मिलने के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए पहले चरण में जेवर क्षेत्र के रोही, नगला गणेशी, नगला फूल खां, किशोरपुर, दयानतपुर खेड़ा, नगला शरीफ खां और नगला छीतर गांवों का अधिग्रहण किया गया था। इन गांवों के 3500 से अधिक किसानों को विस्थापित किया गया। वर्ष 2020-21 में विस्थापित परिवारों के लिए 3065 भूखंडों के आरक्षण और आवंटन पत्र जारी किए गए थे। हालांकि, वर्ष 2022 से रजिस्ट्री लंबित होने के कारण किसानों को भूखंडों का पूर्ण मालिकाना हक नहीं मिल सका था। पहले दिन नगला शरीफ खां निवासी उमर मोहम्मद, दयानतपुर खेड़ा निवासी हंसराज और ओमप्रकाश तथा रोही निवासी जयवीर सिंह और प्रेमवती को रजिस्ट्री सौंपी गई।
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रजिस्ट्री नहीं होने से नहीं मिल पाता था बैंक कर्ज
भूखंडों की रजिस्ट्री मिलने के बाद किसानों ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अब उन्हें वास्तव में अपने मकान और भूखंड का मालिक होने का एहसास हुआ है। रजिस्ट्री नहीं होने के कारण वे अपने मकान का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे। जरूरत पड़ने पर बैंक से ऋण लेने में भी परेशानी होती थी। अब रजिस्ट्री मिलने के बाद मकान निर्माण और अन्य जरूरतों के लिए बैंक से ऋण लेने का रास्ता साफ हो गया है।रजिस्ट्री शुरू होने से किसानों को अब बेदखली की आशंका से भी राहत मिली है।
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एनओसी जमा कराने के बाद ही मिलेगी रजिस्ट्री
एसडीएम दुर्गेश सिंह ने बताया कि विस्थापित किसानों को भूखंडों की रजिस्ट्री देने का काम शुरू कर दिया गया है। विस्थापित किए गए 3500 से अधिक किसानों को पहले चरण में रजिस्ट्री दी जाएगी। इसके लिए किसानों को एडीएम एलआर कार्यालय से एनओसी लेकर जमा करानी होगी। एनओसी जमा होने के बाद ही भूखंड की रजिस्ट्री सौंपी जाएगी।
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