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Delhi NCR News: आलस बढ़ेगा, लीवर बिगड़ेगा
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-गलत खान-पान और खराब जीवनशैली से बढ़ रही फैटी लीवर की समस्या
-गंभीरता से नहीं लेने पर फैटी लीवर बन सकती है लीवर सिरोसिस का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी से फैटी लीवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। युवा से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते इसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो आगे चलकर यह लीवर सिरोसिस और अन्य गंभीर रोगों का कारण बन सकती है।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि फैटी लीवर की मुख्य वजह तला-भुना, जंक फूड, मीठे और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों और शराब का अत्यधिक सेवन और शारीरिक रूप से कम मेहनत है। इसके अलावा मोटापा, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल भी फैटी लीवर के प्रमुख कारक हैं। उन्होंने बताया कि अपच, पेट में भारीपन, दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द, थकान और भूख न लगना इसके आम संकेत हैं। कई मामलों में लंबे समय तक स्पष्ट लक्षण भी नहीं दिखते।
संतुलित आहार व संयमित जीवनशैली से होगा नियंत्रित
विशेषज्ञों का कहना है कि फैटी लीवर को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में बदलाव सबसे जरूरी है। संतुलित आहार, हरी सब्जियों व फलों का सेवन, नियमित व्यायाम और वजन को नियंत्रित रखना बेहद अहम है। शराब से दूरी बनाना और मीठे व अधिक तेल वाले भोजन की मात्रा कम करना भी लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
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-गंभीरता से नहीं लेने पर फैटी लीवर बन सकती है लीवर सिरोसिस का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी से फैटी लीवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। युवा से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते इसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो आगे चलकर यह लीवर सिरोसिस और अन्य गंभीर रोगों का कारण बन सकती है।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि फैटी लीवर की मुख्य वजह तला-भुना, जंक फूड, मीठे और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों और शराब का अत्यधिक सेवन और शारीरिक रूप से कम मेहनत है। इसके अलावा मोटापा, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल भी फैटी लीवर के प्रमुख कारक हैं। उन्होंने बताया कि अपच, पेट में भारीपन, दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द, थकान और भूख न लगना इसके आम संकेत हैं। कई मामलों में लंबे समय तक स्पष्ट लक्षण भी नहीं दिखते।
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संतुलित आहार व संयमित जीवनशैली से होगा नियंत्रित
विशेषज्ञों का कहना है कि फैटी लीवर को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में बदलाव सबसे जरूरी है। संतुलित आहार, हरी सब्जियों व फलों का सेवन, नियमित व्यायाम और वजन को नियंत्रित रखना बेहद अहम है। शराब से दूरी बनाना और मीठे व अधिक तेल वाले भोजन की मात्रा कम करना भी लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।