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Fire in Delhi: इमारत का डिजाइन बना हादसे की वजह, अंदर नहीं थे बचाव के इंतजाम, वेंटिलेशन न होने के कारण घुटा दम

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 19 Mar 2026 01:56 AM IST
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सार

ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग दूसरी और तीसरी मंजिलों पर फंस गए और उनकी मौत हो गई। दरअसल, ग्राउंड फ्लोर से लेकर पहली और दूसरी मंजिलों को सामने की ओर से शीशा लगाकर पूरी पैक कर दिया गया था। 

Fire in Delhi: Building design became the reason for the accident
पालम में आग - फोटो : भूपिंदर सिंह
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विस्तार

पालम में जिस इमारत में आग लगी उसका डिजाइन कुछ इस तरह का था कि वहां से सुरक्षित निकलना मुश्किल हो गया। ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग दूसरी और तीसरी मंजिलों पर फंस गए और उनकी मौत हो गई। दरअसल, ग्राउंड फ्लोर से लेकर पहली और दूसरी मंजिलों को सामने की ओर से शीशा लगाकर पूरी पैक कर दिया गया था। 

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तीसरी मंजिल की महज एक बालकनी खुली थी। यही वजह रही कि इमारत में आग लगी तो वेंटिलेशन नहीं होने से धुएं की वजह से वहां मौजूद लोगों का दम घुटा। बाद में आग पूरी इमारत में फैल गई। आग में फंसे अनिल ने बेटी मिताली के साथ जान बचाने की नियत से इमरात से छलांग लगा दी।
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दमकल विभाग के सूत्रों का कहना है कि आग ग्राउंड फ्लोर से लगी और ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई। ऊपर सो रहे लोगों की तब नींद खुली तब तक जीने से नीचे जाने और छत पर जाने का रास्ता बंद हो चुका था। ऐसे में जो जो जिस फ्लोर पर मौजूद था वहीं कैद हो गया। 

दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब 200 गज की इमारत में बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल पर कॉस्मेटिक और होजरी का सामान भरा हुआ था। आग लगते ही कॉस्मेटिक के सामान में तेजी से आग फैली और चंद ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को आग की चपेट में ले लिया।

बचाव दल पहुंचा तो इमारत में लगी आग तक पानी पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा था। नीचे मौजूद लोगों ने इमारत में लगे शीशों को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन बड़े-बड़े पत्थर मारने पर भी शीशे नहीं टूटे। बाद में दमकल कर्मियों ने हाइड्रोलिक क्रेन वाली गाड़ी की मदद से शीशों को तोड़ा। इसके बाद ही अंदर पानी पहुंचाया गया। 

हालात देखते हुए दूसरी और तीसरी मंजिलों की साइड की दीवारों को पुलिसकर्मियों और दमकल कर्मियों ने हथौड़ों और कुदाल की मदद से तोड़ा। बाद में इन होल से भी इमारत में पानी डाला गया। आग पर काबू पाने के बाद दमकलकर्मी बीए सूट पहनकर अंदर दाखिल हुए। 

इसके बाद दूसरी और तीसरी मंजिलों से एक-एक कर 9 शवों को निकाला गया। एक अधिकारी ने बताया कि इमारत पूरी तरह कामर्शियल तरीके से बनाई गई थी। अमूमन इस तरह की डिजाइन की गई इमारतों में रिहाइश नहीं होती है। हादसे में इतनी ज्यादा मौतों की वजह इसका डिजाइन भी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इमारत में आग से बचाव के भी कोई इंतजाम नहीं थे।

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