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Delhi NCR News: विधानसभा की कमेटियों का गठन, अब विधायकों की बढ़ेगी ताकत
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जनहित और जवाबदेही सुधरेगी, अध्यक्ष ने 2026-27 के लिए गठित कीं संसदीय समितियां
प्रोटोकॉल उल्लंघन और एमसीडी पर विशेष नजर, अधिकारियों की मनमानी पर कसेगा नकेल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विधानसभा ने विधायी वर्ष 2026-27 के लिए सदन की विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों का गठन कर दिया है। इससे अब जनता के मुद्दों पर सीधी निगरानी और सरकार की जवाबदेही और अधिक पुख्ता हो सकेगी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इन समितियों के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि यह समितियां प्रभावी निगरानी, गहन परीक्षण और सुव्यवस्थित विचार-विमर्श सुनिश्चित कर विधायी प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।
विधानसभा की सबसे महत्वपूर्ण कार्य मंत्रणा समिति की अध्यक्षता स्वयं विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता करेंगे। समिति में उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, मुख्य सचेतक अभय कुमार वर्मा, जितेन्द्र महाजन, ओम प्रकाश शर्मा, राज कुमार चौहान, सोम दत्त, सुरेन्द्र कुमार और सूर्य प्रकाश खत्री सदस्य होंगे। इसके अलावा गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयक एवं संकल्प समिति, नियम समिति, सामान्य प्रयोजन समिति और पुस्तकालय समिति के सभापति की जिम्मेदारी भी अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ही संभालेंगे। वहीं, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट को सरकारी आश्वासन समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति और शांति एवं सद्भाव संबंधी समिति का सभापति नियुक्त किया गया है।
अधिकारियों पर लगाम लगाएगी प्रोटोकॉल उल्लंघन समिति
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार और विधायकों के सम्मान में कमी न आए, इसके लिए सरकारी अधिकारियों द्वारा प्रोटोकॉल मानकों के उल्लंघन एवं विधायकों के साथ अवमाननापूर्ण व्यवहार से संबंधित समिति का गठन किया गया है। इसके सभापति कैलाश गहलोत होंगे। यह समिति प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी पर लगाम लगाने और विधायी गरिमा को बनाए रखने की दिशा में काम करेगी।
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हाशिए पर खड़े समाज को मिलेगी तवज्जो
नवगठित समितियों में सामाजिक न्याय पर विशेष ध्यान दिया गया है। ट्रांसजेंडर एवं दिव्यांगजन कल्याण समिति की कमान करनैल सिंह को सौंपी गई है। साथ ही पूनम शर्मा महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति होंगी, जबकि कैलाश गंगवाल अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति और तरविन्दर सिंह मारवाह अल्पसंख्यक कल्याण समिति का नेतृत्व करेंगे। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए तिलक राम गुप्ता की अध्यक्षता में अलग समिति बनाई गई है।
दिल्ली के बुनियादी मुद्दों पर विशेष फोकस
दिल्ली की स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए दिल्ली नगर निगम समिति का सभापति ओम प्रकाश शर्मा को बनाया गया है। वहीं, अनधिकृत कॉलोनियों से संबंधित मामलों की समिति का नेतृत्व कुलदीप सोलंकी करेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विभाग से संबद्ध स्थायी समितियों का गठन किया गया है। शिक्षा समिति के सभापति उमंग बजाज होंगे।
विशेषाधिकार और आचरण समिति
सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए विशेषाधिकार समिति का सभापति प्रद्युम्न सिंह राजपूत को बनाया गया है, जबकि विधायकों के व्यवहार की निगरानी के लिए आचरण समिति की कमान करतार सिंह तंवर के हाथों में होगी। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए निहित विधायन समिति के सभापति प्रवेश रत्न होंगे।
वर्जन-
यह समितियां जनकल्याण से जुड़े विषयों पर सुव्यवस्थित विचार-विमर्श सुनिश्चित कर विधायी प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ और प्रभावशाली बनाएंगी। इन समितियों में नामित सदस्यों का सामूहिक अनुभव राष्ट्रीय राजधानी में जवाबदेही के एक नए युग की शुरुआत करेगा। - विजेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, दिल्ली विधानसभा
प्रोटोकॉल उल्लंघन और एमसीडी पर विशेष नजर, अधिकारियों की मनमानी पर कसेगा नकेल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विधानसभा ने विधायी वर्ष 2026-27 के लिए सदन की विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों का गठन कर दिया है। इससे अब जनता के मुद्दों पर सीधी निगरानी और सरकार की जवाबदेही और अधिक पुख्ता हो सकेगी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इन समितियों के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि यह समितियां प्रभावी निगरानी, गहन परीक्षण और सुव्यवस्थित विचार-विमर्श सुनिश्चित कर विधायी प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।
विधानसभा की सबसे महत्वपूर्ण कार्य मंत्रणा समिति की अध्यक्षता स्वयं विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता करेंगे। समिति में उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, मुख्य सचेतक अभय कुमार वर्मा, जितेन्द्र महाजन, ओम प्रकाश शर्मा, राज कुमार चौहान, सोम दत्त, सुरेन्द्र कुमार और सूर्य प्रकाश खत्री सदस्य होंगे। इसके अलावा गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयक एवं संकल्प समिति, नियम समिति, सामान्य प्रयोजन समिति और पुस्तकालय समिति के सभापति की जिम्मेदारी भी अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ही संभालेंगे। वहीं, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट को सरकारी आश्वासन समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति और शांति एवं सद्भाव संबंधी समिति का सभापति नियुक्त किया गया है।
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अधिकारियों पर लगाम लगाएगी प्रोटोकॉल उल्लंघन समिति
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार और विधायकों के सम्मान में कमी न आए, इसके लिए सरकारी अधिकारियों द्वारा प्रोटोकॉल मानकों के उल्लंघन एवं विधायकों के साथ अवमाननापूर्ण व्यवहार से संबंधित समिति का गठन किया गया है। इसके सभापति कैलाश गहलोत होंगे। यह समिति प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी पर लगाम लगाने और विधायी गरिमा को बनाए रखने की दिशा में काम करेगी।
हाशिए पर खड़े समाज को मिलेगी तवज्जो
नवगठित समितियों में सामाजिक न्याय पर विशेष ध्यान दिया गया है। ट्रांसजेंडर एवं दिव्यांगजन कल्याण समिति की कमान करनैल सिंह को सौंपी गई है। साथ ही पूनम शर्मा महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति होंगी, जबकि कैलाश गंगवाल अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति और तरविन्दर सिंह मारवाह अल्पसंख्यक कल्याण समिति का नेतृत्व करेंगे। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए तिलक राम गुप्ता की अध्यक्षता में अलग समिति बनाई गई है।
दिल्ली के बुनियादी मुद्दों पर विशेष फोकस
दिल्ली की स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए दिल्ली नगर निगम समिति का सभापति ओम प्रकाश शर्मा को बनाया गया है। वहीं, अनधिकृत कॉलोनियों से संबंधित मामलों की समिति का नेतृत्व कुलदीप सोलंकी करेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विभाग से संबद्ध स्थायी समितियों का गठन किया गया है। शिक्षा समिति के सभापति उमंग बजाज होंगे।
विशेषाधिकार और आचरण समिति
सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए विशेषाधिकार समिति का सभापति प्रद्युम्न सिंह राजपूत को बनाया गया है, जबकि विधायकों के व्यवहार की निगरानी के लिए आचरण समिति की कमान करतार सिंह तंवर के हाथों में होगी। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए निहित विधायन समिति के सभापति प्रवेश रत्न होंगे।
वर्जन-
यह समितियां जनकल्याण से जुड़े विषयों पर सुव्यवस्थित विचार-विमर्श सुनिश्चित कर विधायी प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ और प्रभावशाली बनाएंगी। इन समितियों में नामित सदस्यों का सामूहिक अनुभव राष्ट्रीय राजधानी में जवाबदेही के एक नए युग की शुरुआत करेगा। - विजेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, दिल्ली विधानसभा