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Delhi NCR News: कोयला घोटाला मामले में पूर्व सांसद विजय दर्दा, उनके पुत्र और पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता बरी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कोयला आवंटन घोटाले के एक प्रमुख मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व राज्यसभा सांसद विजय दर्दा, उनके पुत्र देवेंद्र दर्दा और पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता को सभी आरोपों से बरी कर दिया। विशेष सीबीआई न्यायाधीश सुनेना शर्मा ने 11 वर्ष लंबे मुकदमे के बाद यह फैसला सुनाया और तीनों को सम्मानजनक बरी किया।
यह मामला छत्तीसगढ़ के जामसूंगढ़ कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि 2008-09 में इस कोयला ब्लॉक का आवंटन विजय दर्दा की कंपनी जेएलडी यवतमाल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को अनियमित तरीके से किया गया। पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता पर स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक में अनुचित सिफारिश करने का आरोप था। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा। गवाहों के बयान, दस्तावेजी सबूत और अन्य सामग्री पर्याप्त नहीं थीं, जिससे तीनों आरोपियों को लाभ का संदेह मिला। विजय दर्दा महाराष्ट्र से कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य हैं। उनके पुत्र देवेंद्र दर्दा कंपनी के निदेशक थे। एचसी गुप्ता उस समय कोयला मंत्रालय के सचिव थे जब यह आवंटन हुआ था। गौरतलब है कि कोयला घोटाला मामले में यह महत्वपूर्ण फैसला है। एचसी गुप्ता पर कुल 19 मामलों में आरोप लगे थे, जिनमें से कई में वे पहले ही बरी या डिस्चार्ज हो चुके हैं। बचाव पक्ष ने लंबे समय से दलील दी थी कि आवंटन प्रक्रिया में कोई आपराधिक साजिश या अनियमितता नहीं थी।
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नई दिल्ली। कोयला आवंटन घोटाले के एक प्रमुख मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व राज्यसभा सांसद विजय दर्दा, उनके पुत्र देवेंद्र दर्दा और पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता को सभी आरोपों से बरी कर दिया। विशेष सीबीआई न्यायाधीश सुनेना शर्मा ने 11 वर्ष लंबे मुकदमे के बाद यह फैसला सुनाया और तीनों को सम्मानजनक बरी किया।
यह मामला छत्तीसगढ़ के जामसूंगढ़ कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि 2008-09 में इस कोयला ब्लॉक का आवंटन विजय दर्दा की कंपनी जेएलडी यवतमाल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को अनियमित तरीके से किया गया। पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता पर स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक में अनुचित सिफारिश करने का आरोप था। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा। गवाहों के बयान, दस्तावेजी सबूत और अन्य सामग्री पर्याप्त नहीं थीं, जिससे तीनों आरोपियों को लाभ का संदेह मिला। विजय दर्दा महाराष्ट्र से कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य हैं। उनके पुत्र देवेंद्र दर्दा कंपनी के निदेशक थे। एचसी गुप्ता उस समय कोयला मंत्रालय के सचिव थे जब यह आवंटन हुआ था। गौरतलब है कि कोयला घोटाला मामले में यह महत्वपूर्ण फैसला है। एचसी गुप्ता पर कुल 19 मामलों में आरोप लगे थे, जिनमें से कई में वे पहले ही बरी या डिस्चार्ज हो चुके हैं। बचाव पक्ष ने लंबे समय से दलील दी थी कि आवंटन प्रक्रिया में कोई आपराधिक साजिश या अनियमितता नहीं थी।
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