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Delhi NCR News: एयरपोर्ट शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार से सीधा जुड़ेगा गौतमबुद्धनगर, बढ़ेगी इकोनॉमी
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देश-विदेश आने-जाने के लिए व्यापारियों को मिलेगी सुविधा
तीन वर्षों में 15 प्रतिशत तक बढ़ सकती है नोएडा की अर्थव्यवस्था
संदीप वर्मा
यमुना सिटी। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुरू होते ही गौतमबुद्ध नगर समेत उत्तर भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार से सीधा जुड़ जाएगा। वर्तमान में गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी का अंतरराष्ट्रीय बाजार में 94272 करोड़ रुपये का निर्यात है। इसमें से लगभग 40 प्रतिशत व्यापार हवाई मार्ग से होता है। अब देश के 45 शहरों समेत अमेरिका, यूरोप, पूर्वी एशिया और खाड़ी देशों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार का निर्यात आसान होगा। ऐसे में नोएडा की इकोनॉमी में अगले तीन वर्षों में 15 प्रतिशत तक इजाफा होने की संभावना है।
वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में उद्योगों का निर्यात दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से होता है। अब नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो से निर्यात और आयात में आसानी होगी। कार्गो की क्षमता लगभग ढाई लाख एमटी है। आने वाले सात वर्षों में इसकी क्षमता करीब 20 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष की जाएगी। वहीं, आईजीआई एयरपोर्ट की क्षमता वर्तमान में दस लाख मीट्रिक टन है। नोएडा एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय शहरों में कॉमर्शियल फ्लाइटों के शुरू होने के बाद यहां कार्गाे से निर्यात-आयात शिफ्ट होगा। दो से तीन वर्षों में न केवल नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के उद्योग, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के उद्योगों से होने वाले लगभग 15 से 20 प्रतिशत निर्यात यहां शिफ्ट होंगे।
उद्योगों की बढ़ेगी संख्या
जिले में वर्तमान में करीब 11000 से अधिक एमएसएमई और बड़े उद्योग हैं। यमुना सिटी में तेजी से बड़ी औद्योगिक कंपनियां आ रही हैं। अगले पांच वर्षों में लगभग पांच हजार से अधिक उद्योग इस क्षेत्र में लगेंगे। इनमें सेमीकंडक्टर यूनिट, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, सेक्टर-28 औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-33 औद्योगिक क्षेत्र समेत अन्य सेक्टरों में यूनिटें लगने जा रही हैं। इसके अलावा नोएडा एयरपोर्ट के निकट ग्रेटर नोएडा, नोएडा व बुलंदशहर क्षेत्र में भी इनकी स्थापना होगी। अनुमान के मुताबिक पचास हजार करोड़ का निर्यात इन औद्योगिक कंपनियों के आने पर बढ़ेगा।
इन उत्पादों का होगा निर्यात
जिले से प्रमुख रूप से स्मार्टफोन, रेडीमेड गारमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने, बासमती चावल, रसायन और तैयार माल वर्तमान में निर्यात होते हैं। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कॉमर्शियल फ्लाइट्स शुरू होने के बाद इनमें तेजी से इजाफा होगा। इसके अलावा यमुना सिटी के बाहर लगभग 60 एकड़ क्षेत्र में भी अन्य उद्योग आ रहे हैं।
यमुना सिटी के अपैरल क्लस्टर में शुरू होंगे 150 से अधिक उद्योग
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अपैरल इंडस्ट्री का उत्तर भारत का सबसे बड़ा हब है। यहां से वर्तमान में 55 हजार करोड़ का एक्स्पोर्ट होता है। यमुना सिटी में करीब 175 एकड़ से नोएडा अपैरल यीडा एक्सपोर्ट क्लस्टर (एनएईसी) स्थापित हो रहा है। इसमें करीब 150 से अधिक वस्त्र उद्योग लगने हैं। आने वाले वर्षों में अपैरल इंडस्ट्री का यहां से निर्यात 90 हजार करोड़ पहुंचेगा।
ललित ठुकराल, अध्यक्ष, नोएडा अपैरल इंडस्ट्री
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देश-विदेश आने-जाने के लिए व्यापारियों को मिलेगी सुविधा
तीन वर्षों में 15 प्रतिशत तक बढ़ सकती है नोएडा की अर्थव्यवस्था
संदीप वर्मा
यमुना सिटी। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुरू होते ही गौतमबुद्ध नगर समेत उत्तर भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार से सीधा जुड़ जाएगा। वर्तमान में गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी का अंतरराष्ट्रीय बाजार में 94272 करोड़ रुपये का निर्यात है। इसमें से लगभग 40 प्रतिशत व्यापार हवाई मार्ग से होता है। अब देश के 45 शहरों समेत अमेरिका, यूरोप, पूर्वी एशिया और खाड़ी देशों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार का निर्यात आसान होगा। ऐसे में नोएडा की इकोनॉमी में अगले तीन वर्षों में 15 प्रतिशत तक इजाफा होने की संभावना है।
वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में उद्योगों का निर्यात दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से होता है। अब नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो से निर्यात और आयात में आसानी होगी। कार्गो की क्षमता लगभग ढाई लाख एमटी है। आने वाले सात वर्षों में इसकी क्षमता करीब 20 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष की जाएगी। वहीं, आईजीआई एयरपोर्ट की क्षमता वर्तमान में दस लाख मीट्रिक टन है। नोएडा एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय शहरों में कॉमर्शियल फ्लाइटों के शुरू होने के बाद यहां कार्गाे से निर्यात-आयात शिफ्ट होगा। दो से तीन वर्षों में न केवल नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के उद्योग, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के उद्योगों से होने वाले लगभग 15 से 20 प्रतिशत निर्यात यहां शिफ्ट होंगे।
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उद्योगों की बढ़ेगी संख्या
जिले में वर्तमान में करीब 11000 से अधिक एमएसएमई और बड़े उद्योग हैं। यमुना सिटी में तेजी से बड़ी औद्योगिक कंपनियां आ रही हैं। अगले पांच वर्षों में लगभग पांच हजार से अधिक उद्योग इस क्षेत्र में लगेंगे। इनमें सेमीकंडक्टर यूनिट, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, सेक्टर-28 औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-33 औद्योगिक क्षेत्र समेत अन्य सेक्टरों में यूनिटें लगने जा रही हैं। इसके अलावा नोएडा एयरपोर्ट के निकट ग्रेटर नोएडा, नोएडा व बुलंदशहर क्षेत्र में भी इनकी स्थापना होगी। अनुमान के मुताबिक पचास हजार करोड़ का निर्यात इन औद्योगिक कंपनियों के आने पर बढ़ेगा।
इन उत्पादों का होगा निर्यात
जिले से प्रमुख रूप से स्मार्टफोन, रेडीमेड गारमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने, बासमती चावल, रसायन और तैयार माल वर्तमान में निर्यात होते हैं। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कॉमर्शियल फ्लाइट्स शुरू होने के बाद इनमें तेजी से इजाफा होगा। इसके अलावा यमुना सिटी के बाहर लगभग 60 एकड़ क्षेत्र में भी अन्य उद्योग आ रहे हैं।
यमुना सिटी के अपैरल क्लस्टर में शुरू होंगे 150 से अधिक उद्योग
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अपैरल इंडस्ट्री का उत्तर भारत का सबसे बड़ा हब है। यहां से वर्तमान में 55 हजार करोड़ का एक्स्पोर्ट होता है। यमुना सिटी में करीब 175 एकड़ से नोएडा अपैरल यीडा एक्सपोर्ट क्लस्टर (एनएईसी) स्थापित हो रहा है। इसमें करीब 150 से अधिक वस्त्र उद्योग लगने हैं। आने वाले वर्षों में अपैरल इंडस्ट्री का यहां से निर्यात 90 हजार करोड़ पहुंचेगा।
ललित ठुकराल, अध्यक्ष, नोएडा अपैरल इंडस्ट्री