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UP: एक फोन नंबर, फर्जी पता और 22 पासपोर्ट, पोस्टमैन को दो हजार का लालच; इस देश में जाने के लिए तो नहीं रचा खेल
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 02 Feb 2026 09:23 AM IST
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सार
गाजियाबाद में पासपोर्ट घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। गलत पते और फर्जी कागजात के साथ एक मोबाइल नंबर पर 22 पासपोर्ट बन गए। मामले का खुलासा होने पर 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में पोस्टमैन भी शामिल पाया गया है।
गाजियाबाद में पासपोर्ट घोटाले का पर्दाफाश
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भोजपुर थाना इलाके में एक ही मोबाइल नंबर के आधार पर 22 पासपोर्ट जारी कर दिए गए। जांच के बाद पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
इलाके के पोस्टमैन और एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। घटना का खुलासा तब हुआ, जब दिल्ली स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से भोजपुर थाने को मामले की जांच भेजी गई।
डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी के अनुसार, 11 दिसंबर 2025 को पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों ने भोजपुर थाना पुलिस को पत्र भेजकर 22 पासपोर्ट के पतों की जांच कराने के लिए कहा था। इन पासपोर्ट में दर्ज पते गांव भोजपुर और त्योड़ी के थे। साथ ही सभी आवेदनों में एक ही मोबाइल नंबर दर्ज मिला।
जांच में पाया गया कि जिन पतों पर पासपोर्ट जारी हुए, वहां उसमें दर्ज नाम का कोई शख्स रहता ही नहीं। गिरफ्तार पोस्टमैन अरुण कुमार ने बताया कि करीब पांच माह पहले उसके पास विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा नाम के दो युवक आए थे।
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इलाके के पोस्टमैन और एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। घटना का खुलासा तब हुआ, जब दिल्ली स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से भोजपुर थाने को मामले की जांच भेजी गई।
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डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी के अनुसार, 11 दिसंबर 2025 को पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों ने भोजपुर थाना पुलिस को पत्र भेजकर 22 पासपोर्ट के पतों की जांच कराने के लिए कहा था। इन पासपोर्ट में दर्ज पते गांव भोजपुर और त्योड़ी के थे। साथ ही सभी आवेदनों में एक ही मोबाइल नंबर दर्ज मिला।
जांच में पाया गया कि जिन पतों पर पासपोर्ट जारी हुए, वहां उसमें दर्ज नाम का कोई शख्स रहता ही नहीं। गिरफ्तार पोस्टमैन अरुण कुमार ने बताया कि करीब पांच माह पहले उसके पास विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा नाम के दो युवक आए थे।
उन्होंने कहा था कि भोजपुर और त्योड़ी के पते पर आने वाले पासपोर्ट वहां वितरित न कर उन्हें दे दे। इसके बदले प्रति पासपोर्ट दो हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। लालच में आकर पोस्टमैन ने सभी पासपोर्ट आरोपियों को सौंप दिए थे।
गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में विवेक, प्रकाश, सतवंत कौर व उसका बेटा अमनदीप शामिल है। सतवंत कौर और अमनदीप ने भी पासपोर्ट बनवाया है।
कनाडा जाने के लिए तो नहीं बनवाए गए पासपोर्ट
जांच में सामने आया कि पासपोर्टों में दर्ज अधिकांश नाम पंजाबी व सिख समुदाय से जुड़े हैं। आशंका है कि फर्जी पासपोर्ट का उपयोग कनाडा सहित अन्य देशों की यात्रा के लिए किया जाना था। एफआईआर में उन 25 लोगों के नाम हैं जिन्होंने फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाया है।
जांच में सामने आया कि पासपोर्टों में दर्ज अधिकांश नाम पंजाबी व सिख समुदाय से जुड़े हैं। आशंका है कि फर्जी पासपोर्ट का उपयोग कनाडा सहित अन्य देशों की यात्रा के लिए किया जाना था। एफआईआर में उन 25 लोगों के नाम हैं जिन्होंने फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाया है।
25 हजार रुपये में बना आधार और ड्राइविंग लाइसेंस
भोजपुर में फर्जी तरीके से पासपोर्ट तैयार करने के मामले में पुलिस वेरिफिकेशन और पासपोर्ट ऑफिस में तैनात कर्मचारी भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। इस मामले में मां, बेटे और पोस्टमैन समेत 5 की गिरफ्तारी के बाद सामने आया है कि आरोपी सिर्फ पासपोर्ट ही नहीं आधार और ड्राइविंग लाइसेंस भी फर्जी तरीके से तैयार करवाते हैं।
भोजपुर में फर्जी तरीके से पासपोर्ट तैयार करने के मामले में पुलिस वेरिफिकेशन और पासपोर्ट ऑफिस में तैनात कर्मचारी भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। इस मामले में मां, बेटे और पोस्टमैन समेत 5 की गिरफ्तारी के बाद सामने आया है कि आरोपी सिर्फ पासपोर्ट ही नहीं आधार और ड्राइविंग लाइसेंस भी फर्जी तरीके से तैयार करवाते हैं।
गिरफ्तार किए गए सतवंत और अमनदीप के नाम से यह दस्तावेत तैयार किए गए हैं। इसके बाद पासपोर्ट बना। उनके पास से 4 फर्जी आधार कार्ड, 2 फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, 2 पासपोर्ट, 6 मोबाइल, 2 कार और कुछ नकदी बरामद की गई है।
कैसा हुआ वेरिफिकेशन जांच के घेरे में पुलिस
पासपोर्ट बनने से पहले पुलिस उसका वेरिफिकेशन करती है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस कुछ ऐसे पते हैं जिसमें पता तक ठीक नहीं है, उसे पुलिस ने वेरिफाई कर दिया है। डीसीपी ने बताया कि इस मामले में जांच की जा रही है। जिन पुलिसकर्मियों ने वेरिफिकेशन किया। उनके बारे में पता किया जा रहा है। इसके बाद सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
पासपोर्ट बनने से पहले पुलिस उसका वेरिफिकेशन करती है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस कुछ ऐसे पते हैं जिसमें पता तक ठीक नहीं है, उसे पुलिस ने वेरिफाई कर दिया है। डीसीपी ने बताया कि इस मामले में जांच की जा रही है। जिन पुलिसकर्मियों ने वेरिफिकेशन किया। उनके बारे में पता किया जा रहा है। इसके बाद सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
इनके जारी किए गए पासपोर्ट
अमनप्रीत कौर, जसप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेधना राणा, रामकुमारी, दलजीत सिंह, मोहिंद्र कौर, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह, कमलजीत कौर, इंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, मनजीत सिंह, रजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरन कौर, जगलीन कौर, गुरनुर कौर, जसकरण सिंह, जपमैहर कौर के नाम पासपोर्ट जारी हुए हैं।
अमनप्रीत कौर, जसप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेधना राणा, रामकुमारी, दलजीत सिंह, मोहिंद्र कौर, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह, कमलजीत कौर, इंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, मनजीत सिंह, रजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरन कौर, जगलीन कौर, गुरनुर कौर, जसकरण सिंह, जपमैहर कौर के नाम पासपोर्ट जारी हुए हैं।
साथियों की मदद से किया कारनामा
आरोप है कि विशाल ने अपने साथियों की मदद से इस 25 हजार रुपये लेकर सुरक्षा से खिलवाड़ किया। विशाल पूर्व में दिल्ली में पासपोर्ट ऑफिस के बाहर एजेंट के रूप में काम करता था। प्रकाश सुब्बा के साथ मिलकर यहां फर्जीवाड़ा कर रहा था। सामने आए मामले में बीते 6 महीने में सामने आए हैं।
आरोप है कि विशाल ने अपने साथियों की मदद से इस 25 हजार रुपये लेकर सुरक्षा से खिलवाड़ किया। विशाल पूर्व में दिल्ली में पासपोर्ट ऑफिस के बाहर एजेंट के रूप में काम करता था। प्रकाश सुब्बा के साथ मिलकर यहां फर्जीवाड़ा कर रहा था। सामने आए मामले में बीते 6 महीने में सामने आए हैं।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी 25 हजार रुपये पासपोर्ट बनाने का ठेका लेते थे। उनके साथ गिरफ्तार सतवंत ने बताया कि उनका और बेटा एक पासपोर्ट पहले से दिल्ली के पते पर 2015 में बना था। उसमें कुछ दिक्कत होने पर वह रिन्यू नहीं हो रहा था।
इसके बाद वह विशाल के संपर्क में आए और उसने गाजियाबाद से पासपोर्ट बनवाने की बात कही। पहले भोजपुर के पते पर फर्जी आधार और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया और फिर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। इसके बाद पुलिसकर्मियों को भी साथ लेकर फर्जी तरीके से वेरिफिकेशन करा पासपोर्ट तैयार करा दिया।
