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Ghaziabad News: 14.37 लाख लेकर भी नहीं हुई रजिस्ट्री, बिल्डर पर प्राथमिकी
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इंदिरापुरम। गाजियाबाद के कविनगर के संजय नगर सेक्टर 23 में रहने वाले रोहित शर्मा ने जोगिंदर सिंह और नवनीत नाम के व्यक्तियों पर इंदिरापुरम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि बिल्डर जोगिंदर और उनके दोस्त ने पीड़ित से दो लाख रुपये व बैंक लोन के माध्यम से 12.37 लाख रुपये लेकर भी रजिस्ट्री नहीं की। मामला वर्ष 2012 से 2025 के बीच का है। आर्थिक तंगी का सामना करते हुए पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। 31 जनवरी की रात पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2012 में वह इंदिरापुरम के प्रह्लादगढ़ी क्षेत्र में किराये पर रह रहे थे। इस दौरान उन्होंने गौतमबुद्धनगर में एक फ्लैट बिल्डर जोगिंदर से खरीदा था। दो लाख रुपये देकर उन्होंने संपत्ति की बुकिंग कराई थी। इसके बाद बैंक लोन लेकर बिल्डर को 12.37 लाख रुपये का भुगतान कराया। आरोप है कि अनुबंध के तहत तय समय पर रजिस्ट्री न होने पर बैंक की किश्तें बिल्डर को भरनी थीं लेकिन न तो रजिस्ट्री हुई और न ही बैंक की किश्त भरी गईं। इस दौरान उनके पिता को कैंसर की बीमारी से जूझना पड़ा लेकिन तब भी बिल्डर ने न तो रकम वापस की न ही रजिस्ट्री उनके नाम की। 20 फरवरी 2025 को उनकी मेजर सर्जरी हुई। इस दौरान भी बिल्डर ने सुनवाई नहीं की और उन्हें पत्नी के जेवरात गिरवी रखकर लोन लेना पड़ा। दंपती का सिविल स्कोर खराब होने की वजह से अब उन्हें लोन भी नहीं मिल रहा है बल्कि बैंक प्रबंधन उन पर सेटेलमेंट का दबाव बना रहा है। उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि रुपयों के लेनदेन को लेकर जो भी साक्ष्य दिए गए हैं उनकी जांच की जा रही है। आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया है।
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पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2012 में वह इंदिरापुरम के प्रह्लादगढ़ी क्षेत्र में किराये पर रह रहे थे। इस दौरान उन्होंने गौतमबुद्धनगर में एक फ्लैट बिल्डर जोगिंदर से खरीदा था। दो लाख रुपये देकर उन्होंने संपत्ति की बुकिंग कराई थी। इसके बाद बैंक लोन लेकर बिल्डर को 12.37 लाख रुपये का भुगतान कराया। आरोप है कि अनुबंध के तहत तय समय पर रजिस्ट्री न होने पर बैंक की किश्तें बिल्डर को भरनी थीं लेकिन न तो रजिस्ट्री हुई और न ही बैंक की किश्त भरी गईं। इस दौरान उनके पिता को कैंसर की बीमारी से जूझना पड़ा लेकिन तब भी बिल्डर ने न तो रकम वापस की न ही रजिस्ट्री उनके नाम की। 20 फरवरी 2025 को उनकी मेजर सर्जरी हुई। इस दौरान भी बिल्डर ने सुनवाई नहीं की और उन्हें पत्नी के जेवरात गिरवी रखकर लोन लेना पड़ा। दंपती का सिविल स्कोर खराब होने की वजह से अब उन्हें लोन भी नहीं मिल रहा है बल्कि बैंक प्रबंधन उन पर सेटेलमेंट का दबाव बना रहा है। उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि रुपयों के लेनदेन को लेकर जो भी साक्ष्य दिए गए हैं उनकी जांच की जा रही है। आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया है।
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