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Ghaziabad News: एक ही मोबाइल नंबर पर फर्जी पते से 22 पासपोर्ट जारी, 25 पर रिपोर्ट, पांच गिरफ्तार
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मोदीनगर का भोजपुर थाना
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मोदीनगर। भोजपुर क्षेत्र में एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग कर फर्जी पते पर 22 पासपोर्ट जारी कराने का मामला सामने आया है। जांच के बाद पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें से क्षेत्र के पोस्टमैन समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। घटना का खुलासा तब हुआ, जब दिल्ली स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से भोजपुर थाने को मामले की जांच भेजी गई।
डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी के अनुसार, 11 दिसंबर 2025 को पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों ने भोजपुर थाना पुलिस को पत्र भेजकर 22 पासपोर्ट के पतों की जांच कराने के लिए कहा था। इन पासपोर्ट में दर्ज पते गांव भोजपुर और त्योड़ी के बताए गए थे। साथ ही सभी आवेदनों में एक ही मोबाइल नंबर दर्ज पाया गया था, जिससे संदेह गहराया।
मामले की जांच भोजपुर थाने में तैनात दरोगा राजकुमार को सौंपी गई थी। जांच के दौरान पाया गया कि जिन पतों पर पासपोर्ट जारी हुए, उन पर पासपोर्ट में दर्ज नाम का कोई भी व्यक्ति निवास नहीं करता है।
पोस्टमैन की भूमिका आई सामने
पुलिस ने पोस्टमैन अरुण कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने सच उगल दिया। पोस्टमैन ने बताया कि करीब पांच माह पहले उसके पास विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा नाम के दो युवक आए थे। उन्होंने कहा था कि भोजपुर और त्योड़ी के पते पर आने वाले पासपोर्ट वहां वितरित न कर उन्हें सौंप दिए जाएं। इसके बदले प्रति पासपोर्ट दो हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। लालच में आकर पोस्टमैन ने सभी पासपोर्ट आरोपियों को सौंप दिए।
इनको जारी किए गए पासपोर्ट
अमनप्रीत कौर, जसप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेधना राणा, रामकुमारी, दलजीत सिंह, मोहिंद्र कौर, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह, कमलजीत कौर, इंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, मनजीत सिंह, रजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरन कौर, जगलीन कौर, गुरनुर कौर, जसकरण सिंह, जपमैहर कौर के नाम पासपोर्ट जारी हुए हैं। इनके अलावा पोस्टमैन अरुण कुमार निवासी भोजपुर, विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हुई हैं।
अधिकांश नाम पंजाबी व सिख समुदाय से
जांच में सामने आया कि पासपोर्टों में दर्ज अधिकांश नाम पंजाबी व सिख समुदाय से जुड़े हैं। आशंका जताई जा रही है कि फर्जी पासपोर्ट का उपयोग कनाडा सहित अन्य देशों की यात्रा के लिए किया जाना था। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है।
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डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी के अनुसार, 11 दिसंबर 2025 को पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों ने भोजपुर थाना पुलिस को पत्र भेजकर 22 पासपोर्ट के पतों की जांच कराने के लिए कहा था। इन पासपोर्ट में दर्ज पते गांव भोजपुर और त्योड़ी के बताए गए थे। साथ ही सभी आवेदनों में एक ही मोबाइल नंबर दर्ज पाया गया था, जिससे संदेह गहराया।
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मामले की जांच भोजपुर थाने में तैनात दरोगा राजकुमार को सौंपी गई थी। जांच के दौरान पाया गया कि जिन पतों पर पासपोर्ट जारी हुए, उन पर पासपोर्ट में दर्ज नाम का कोई भी व्यक्ति निवास नहीं करता है।
पोस्टमैन की भूमिका आई सामने
पुलिस ने पोस्टमैन अरुण कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने सच उगल दिया। पोस्टमैन ने बताया कि करीब पांच माह पहले उसके पास विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा नाम के दो युवक आए थे। उन्होंने कहा था कि भोजपुर और त्योड़ी के पते पर आने वाले पासपोर्ट वहां वितरित न कर उन्हें सौंप दिए जाएं। इसके बदले प्रति पासपोर्ट दो हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। लालच में आकर पोस्टमैन ने सभी पासपोर्ट आरोपियों को सौंप दिए।
इनको जारी किए गए पासपोर्ट
अमनप्रीत कौर, जसप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेधना राणा, रामकुमारी, दलजीत सिंह, मोहिंद्र कौर, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह, कमलजीत कौर, इंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, मनजीत सिंह, रजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरन कौर, जगलीन कौर, गुरनुर कौर, जसकरण सिंह, जपमैहर कौर के नाम पासपोर्ट जारी हुए हैं। इनके अलावा पोस्टमैन अरुण कुमार निवासी भोजपुर, विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हुई हैं।
अधिकांश नाम पंजाबी व सिख समुदाय से
जांच में सामने आया कि पासपोर्टों में दर्ज अधिकांश नाम पंजाबी व सिख समुदाय से जुड़े हैं। आशंका जताई जा रही है कि फर्जी पासपोर्ट का उपयोग कनाडा सहित अन्य देशों की यात्रा के लिए किया जाना था। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है।
