{"_id":"6a7785cd317994c77b0eb791","slug":"barricading-at-both-bridges-near-the-regulator-has-increased-difficulties-for-kanwariyas-ghaziabad-news-c-139-1-mdr1001-110431-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: रेगुलेटर के पास दोनों पुलों पर बैरिकेडिंग से कांवड़ियों की बढ़ी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: रेगुलेटर के पास दोनों पुलों पर बैरिकेडिंग से कांवड़ियों की बढ़ी परेशानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादनगर। हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर लौट रहे शिवभक्तों को गंगनहर रेगुलेटर के पास बने दोनों पुलों पर बैरिकेडिंग लगाए जाने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग से पाइपलाइन रोड होते हुए राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली की ओर जाने वाले कांवड़ियों का सीधा रास्ता बंद होने से उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
वर्तमान में सौंदा, डिडौली पुल और शहजादपुर मार्ग से आने वाले कांवड़िये ही आगे निकल पा रहे हैं। वहीं, पाइपलाइन रोड से चुंगी नंबर-3 होते हुए दिल्ली जाने वाला मार्ग बंद है। इसके चलते बड़ी संख्या में कांवड़ियों को कांवड़ मार्ग से दिल्ली-मेरठ रोड की ओर जाना पड़ रहा है।
अखिल भारतीय परशुराम सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि मुरादनगर से पाइपलाइन रोड होते हुए दिल्ली की दूरी करीब 25 किलोमीटर और लोनी की दूरी करीब 22 किलोमीटर है। जबकि दिल्ली-मेरठ रोड से होकर लोनी जाने पर दूरी करीब 38 किलोमीटर हो जाती है। इसी तरह शाहदरा, भजनपुरा, राजेंद्र नगर, साहिबाबाद, मौजपुर, दुर्गापुरी चौक और दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में जाने वाले कांवड़ियों को भी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
पंडित मिश्रा ने बताया कि कई कांवड़िये रावली रोड से होते हुए चुंगी नंबर-3 के रास्ते पाइपलाइन रोड पहुंच रहे हैं, लेकिन गंगनहर रेगुलेटर के पास बने दोनों पुलों पर पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण इक्का-दुक्का कांवड़िये ही आगे निकल पा रहे हैं। अन्य कांवड़ियों को वापस रावली रोड की ओर लौटना पड़ रहा है। इससे उन्हें तीन किलोमीटर या उससे अधिक की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। दिल्ली रोड से जाने पर यह दूरी और बढ़ जाती है। उन्होंने दोनों पुलों पर लगाई गई बैरिकेडिंग हटाकर पाइपलाइन रोड का मार्ग खोलने की मांग की है।
एसीपी सुनील कुमार भारद्वाज का कहना है कि रेगुलेटर के पास बने दोनों पुलों पर कोई बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई है।
विज्ञापन
वर्तमान में सौंदा, डिडौली पुल और शहजादपुर मार्ग से आने वाले कांवड़िये ही आगे निकल पा रहे हैं। वहीं, पाइपलाइन रोड से चुंगी नंबर-3 होते हुए दिल्ली जाने वाला मार्ग बंद है। इसके चलते बड़ी संख्या में कांवड़ियों को कांवड़ मार्ग से दिल्ली-मेरठ रोड की ओर जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अखिल भारतीय परशुराम सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि मुरादनगर से पाइपलाइन रोड होते हुए दिल्ली की दूरी करीब 25 किलोमीटर और लोनी की दूरी करीब 22 किलोमीटर है। जबकि दिल्ली-मेरठ रोड से होकर लोनी जाने पर दूरी करीब 38 किलोमीटर हो जाती है। इसी तरह शाहदरा, भजनपुरा, राजेंद्र नगर, साहिबाबाद, मौजपुर, दुर्गापुरी चौक और दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में जाने वाले कांवड़ियों को भी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
पंडित मिश्रा ने बताया कि कई कांवड़िये रावली रोड से होते हुए चुंगी नंबर-3 के रास्ते पाइपलाइन रोड पहुंच रहे हैं, लेकिन गंगनहर रेगुलेटर के पास बने दोनों पुलों पर पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण इक्का-दुक्का कांवड़िये ही आगे निकल पा रहे हैं। अन्य कांवड़ियों को वापस रावली रोड की ओर लौटना पड़ रहा है। इससे उन्हें तीन किलोमीटर या उससे अधिक की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। दिल्ली रोड से जाने पर यह दूरी और बढ़ जाती है। उन्होंने दोनों पुलों पर लगाई गई बैरिकेडिंग हटाकर पाइपलाइन रोड का मार्ग खोलने की मांग की है।
एसीपी सुनील कुमार भारद्वाज का कहना है कि रेगुलेटर के पास बने दोनों पुलों पर कोई बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई है।