फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Builder and family subjected to rigorous questioning in rs 80 crore fraud case in Ghaziabad

गाजियाबाद: 80 करोड़ की धोखाधड़ी में शिकंजा, बिल्डर और परिवार से सख्ती से पूछताछ; दफ्तर से मिलीं सात फाइलें

Tue, 18 Aug 2026 10:44 PM IST
Rahul Kumar Tiwari संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Tue, 18 Aug 2026 10:44 PM IST
सार

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में फ्लैट और दुकानों के नाम पर 80 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार बिल्डर, उसके भाई और बेटे से पुलिस ने पूछताछ की। 12 घंटे की पीसीआर के दौरान कार्यालयों पर छापेमारी कर सात फाइलें कब्जे में ली गईं।

विज्ञापन
Builder and family subjected to rigorous questioning in rs 80 crore fraud case in Ghaziabad
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में फ्लैट और दुकानों के नाम पर खरीदारों से 80 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार बिल्डर, उसके भाई और बेटे को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर नंदग्राम पुलिस ने पूछताछ की। कोर्ट ने तीनों आरोपियों की 12 घंटे की पीसीआर मंजूर की। 

विज्ञापन


मंगलवार सुबह आठ बजे डासना जेल से तीनों को पुलिस ने अपनी कस्टडी में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। आरोपियों के साथ पुलिस ने राजनगर एक्सटेंशन स्थित उनके कार्यालयों पर छापेमारी की और दस्तावेज कब्जे में लिए। एसीपी के अनुसार ग्राहकों से 80 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला अभी तक उजागर हुआ है। तीन अन्य कर्मियों को पीसीआर पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन


एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि पीड़ित खरीदारों की शिकायत के आधार पर मैसर्स एएसआर रियलटेक लिमिटेड और मैसर्स राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी के डायरेक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मुकदमों में अन्य आरोपियों के साथ एएसआर रियलटेक के डायरेक्टर प्रवीन कुमार गुप्ता, उनके भाई संदीप कुमार गुप्ता और बेटे आर्यन गुप्ता सहित करीब एक दर्जन आरोपी बनाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने मंगलवार को प्रवीन गुप्ता, संदीप गुपता और उनके बेटे आर्यन गुप्ता को पीसीआर पर लिया था। एसीपी का कहना है कि तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद राजनगर एक्सटेंशन स्थित उनके कार्यालय पर छापेमारी की गई। जहां से सात फाइलों को कब्जे में लिया गया है। इस फाइल में 80 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी उजागर हुई है। बरामद दस्तावेज और अन्य जानकारी के अनुसार पुलिस अब आरोपी हनी गिल और प्रेम गिल को पीसीआर पर लेकर पूछताछ करेगी।


इसके साथ ही वांछित आरोपी दीपक शर्मा, वरुण मक्कड़, निधि मक्कडन सागरिका और उसके पति को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। बताया कि पुलिस कस्टडी रिमांड के बाद आरोपियों को जिला कारागार में भेज दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed