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Ghaziabad News: नहीं पहुंचा गंगाजल, लोगों को हुई परेशानी
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साहिबाबाद। टीएचए के इलाकों में पेयजल संकट गहराता नजर आ रहा है। गंगाजल प्लांट तक नहर का पानी नहीं पहुंचने के कारण इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली समेत कई इलाकों में गंगाजल आपूर्ति प्रभावित हो गई। हालात ऐसे हो गए हैं कि नगर निगम के ओवरहेड टैंक में भरा गंगाजल भी खत्म हो गया है। ग्राउंडवाटर से टैंक भर रहे लेकिन भर नहीं पा रहे हैं। यदि जल्द ही गंगाजल की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो करीब पांच लाख की आबादी को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
रविवार को कई इलाकों में लोगों को निर्धारित समय पर पानी नहीं मिला। जहां पानी की आपूर्ति हुई भी, वहां उसका दबाव इतना कम था कि बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों तक पानी नहीं पहुंच पाया। इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी, वसुंधरा में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ग्राउंड वाटर पंप चलाए गए, लेकिन उससे भी ऊंची मंजिलों में रहने वाले लोगों को पानी नहीं मिला। कई कॉलोनी में सुबह से मोटर लगातार चलती रहीं, फिर भी टंकियों तक पानी नहीं पहुंचा।
ज्यादा दाम और कंपनी के नाम से लोग करते हैं शुद्ध पानी की पहचान
निजी प्लांट की तरफ से पानी की शुद्धता को जांचने के लिए मानक नहीं बनाए गए हैं। लेकिन स्थानीय लोग पानी खरीदते समय कंपनी के नाम और पानी के दाम के हिसाब से उसकी शुद्धता जांच रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि वह सस्ते दाम वाली बोतल खरीदते हैं और जब घर लाकर उसका टीडीएस जांच करते हैं। तो पानी की शुद्धता थोड़ी कम होती है। लेकिन जब बड़े ब्रांड का बोतलबंद पानी खरीदते हैं। तो जांच का सवाल ही नहीं होता है। वहीं गंगाजल प्लांट बंद होने की वजह से अभी दामों पर कोई असर नहीं है। अगर आगे भी कुछ दिन पानी की समस्या बनी रही तो दाम बढ़ सकते हैं।
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-वर्जन-
अभी पता नहीं है। कितनी दिन में नहर का पानी गंगाजल प्लांट में आएगा। इस बारे में ऊपर से अभी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। जैसे ही प्लांट में नहर का पानी आ जाएगा। क्षेत्र के लिए आपूर्ति कर दी जाएगी। - ब्रह्मानंद, प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम
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सभी इलाकों में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पंप लगाए गए हैं। लेकिन प्रेशर कम होने की वजह से कुछ इलाकों में प्रर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। पानी की आपूर्ति कुछ इलाकों में सीधा पंप के माध्यम और टंकी की माध्यम से की जा रही है।- केपी आनंद, जीएम, जलकल, नगर निगम
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रविवार को कई इलाकों में लोगों को निर्धारित समय पर पानी नहीं मिला। जहां पानी की आपूर्ति हुई भी, वहां उसका दबाव इतना कम था कि बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों तक पानी नहीं पहुंच पाया। इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी, वसुंधरा में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ग्राउंड वाटर पंप चलाए गए, लेकिन उससे भी ऊंची मंजिलों में रहने वाले लोगों को पानी नहीं मिला। कई कॉलोनी में सुबह से मोटर लगातार चलती रहीं, फिर भी टंकियों तक पानी नहीं पहुंचा।
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ज्यादा दाम और कंपनी के नाम से लोग करते हैं शुद्ध पानी की पहचान
निजी प्लांट की तरफ से पानी की शुद्धता को जांचने के लिए मानक नहीं बनाए गए हैं। लेकिन स्थानीय लोग पानी खरीदते समय कंपनी के नाम और पानी के दाम के हिसाब से उसकी शुद्धता जांच रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि वह सस्ते दाम वाली बोतल खरीदते हैं और जब घर लाकर उसका टीडीएस जांच करते हैं। तो पानी की शुद्धता थोड़ी कम होती है। लेकिन जब बड़े ब्रांड का बोतलबंद पानी खरीदते हैं। तो जांच का सवाल ही नहीं होता है। वहीं गंगाजल प्लांट बंद होने की वजह से अभी दामों पर कोई असर नहीं है। अगर आगे भी कुछ दिन पानी की समस्या बनी रही तो दाम बढ़ सकते हैं।
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अभी पता नहीं है। कितनी दिन में नहर का पानी गंगाजल प्लांट में आएगा। इस बारे में ऊपर से अभी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। जैसे ही प्लांट में नहर का पानी आ जाएगा। क्षेत्र के लिए आपूर्ति कर दी जाएगी। - ब्रह्मानंद, प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम
सभी इलाकों में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पंप लगाए गए हैं। लेकिन प्रेशर कम होने की वजह से कुछ इलाकों में प्रर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। पानी की आपूर्ति कुछ इलाकों में सीधा पंप के माध्यम और टंकी की माध्यम से की जा रही है।- केपी आनंद, जीएम, जलकल, नगर निगम