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Ghaziabad News: दो दिन बाद खुले अस्पताल, उमड़ी मरीजों की भीड़, कम पड़े बेड

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:36 PM IST
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Hospitals reopened after two days; crowds of patients surged in, and beds fell short.
एमएमजी अस्पताल में दवाई खिड़की पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
गाजियाबाद। दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को सरकारी अस्पताल खुले तो मरीजों की भीड़ से व्यवस्था ध्वस्त रही। पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने, जांच कराने और दवा लेने तक मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा। उमस और गर्मी के बीच बुखार, उल्टी-दस्त और पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों की इमरजेंसी और वार्डों पर भी दबाव बढ़ गया। बेड कम पड़ने पर एक बेड पर दो मरीजों को उपचार देने की नौबत आ गई।
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एमएमजी अस्पताल में सोमवार को तीन हजार नए मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें 1392 महिला, 1061 पुरुष और 547 बच्चे शामिल रहे। फिजिशियन और बाल रोग विभाग की ओपीडी में 1054 मरीज पहुंचे, जिनमें 140 उल्टी-दस्त और पेट दर्द से पीड़ित थे। मरीजों को डॉक्टर को दिखाने के लिए दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। भीड़ को देखते हुए फिजिशियन के अलावा तीन डॉक्टर अलग से लगाए गए, इसके बावजूद लाइन कम नहीं हुई। फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा ने बताया कि उनकी ओपीडी में हर 5वां मरीज बुखार, उल्टी, दस्त और पेट दर्द से परेशान था। इन बीमारियों के कारण अस्पतालों की इमरजेंसी पर दबाव बढ़ गया है। अधिकतर सरकारी और निजी अस्पतालों में इमरजेंसी के बेड फुल हो चुके हैं और मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
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इमरजेंसी में बढ़ा दबाव
एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में 114 मरीजों का उपचार किया गया। भर्ती के लिए बेड कम पड़ने पर एक बेड पर दो मरीजों को लिटाकर उपचार करना पड़ा। दो वार्ड बंद होने के बाद भर्ती करने में सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है। सोमवार को अस्पताल में 96 मरीज भर्ती रहे। गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है, जबकि सामान्य मरीजों को ओपीडी से दवा दी जा रही है।
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संयुक्त अस्पताल में भी बेड फुल
संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में भी बेड फुल रहे। सोमवार को एक हजार मरीजों ने पंजीकरण कराया। ज्यादा भीड़ फिजिशियन और बाल रोग विभाग में रही। इनमें से 20 से ज्यादा मरीजों को भर्ती किया गया। अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि उमस भरी गर्मी में दूषित भोजन और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ उल्टी-दस्त और पेट की बीमारियों का मुख्य कारण बन रहे हैं। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में बच्चे और बुजुर्ग अधिक हैं। इनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण संक्रमण का असर जल्दी होता है।
चक्कर आने से गिरा मरीज
ईएनटी ओपीडी में बिहारीपुरा से इलाज कराने आए अथर्व पांचाल गर्मी और उमस के चलते चक्कर आने से जमीन पर गिर गए। पास खड़े वार्डबॉय ने तुरंत उन्हें संभाला और अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी मां ने बताया कि कुछ दिन से कान में दर्द था और इलाज के लिए अस्पताल आए थे।


एमएमजी अस्पताल के सीएमएस राकेश कुमार ने बताया कि सोमवार को मरीजों की संख्या काफी अधिक थी। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल पहुंचे सभी मरीजों का इलाज कराया गया।
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