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Ghaziabad News: इंद्रप्रस्थ कॉलोनी को छह महीने और झेलनी पड़ेगी सीवर ओवरफ्लो की समस्या
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साहिबाबाद। टीलामोड़ स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के करीब 20 हजार से अधिक निवासियों को सीवर ओवरफ्लो की समस्या से अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। कॉलोनी में नई सीवर लाइन बिछाने का कार्य तीन चरणों में किया जा रहा है। दो चरणों का काम पूरा हो चुका है, जबकि तीसरे और अंतिम चरण का निर्माण कार्य अगले छह महीनों में पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। तब तक कॉलोनीवासियों को गंदे पानी और बदबू की समस्या से जूझना पड़ेगा।
कॉलोनी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सतीश भारद्वाज ने बताया कि पिछले कई महीनों से कॉलोनी में सीवर ओवरफ्लो होने की वजह से गलियों में गंदा पानी भर जाता है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर सीवर का पानी सड़कों पर बहता रहता है, जिससे बदबू के कारण लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि जीडीए की तरफ से सीवर लाइन का काम तीन चरणों में किया जा रहा है लेकिन लगभग एक वर्ष में केवल दो चरण का ही काम पूरा किया गया है। कार्य की गति धीमी होने के कारण समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों ने अधिकारियों से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और जब तक पूरा काम नहीं होता, तब तक नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए।
जीडीए मीडिया कोडिनेटर रूद्रेश शुक्ला ने बताया कि करीब छह महीने में तीसरे चरण का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद लोगों के सीवर के कनेक्शन जोड़ दिए जाएंगे।
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कॉलोनी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सतीश भारद्वाज ने बताया कि पिछले कई महीनों से कॉलोनी में सीवर ओवरफ्लो होने की वजह से गलियों में गंदा पानी भर जाता है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर सीवर का पानी सड़कों पर बहता रहता है, जिससे बदबू के कारण लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि जीडीए की तरफ से सीवर लाइन का काम तीन चरणों में किया जा रहा है लेकिन लगभग एक वर्ष में केवल दो चरण का ही काम पूरा किया गया है। कार्य की गति धीमी होने के कारण समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों ने अधिकारियों से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और जब तक पूरा काम नहीं होता, तब तक नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए।
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जीडीए मीडिया कोडिनेटर रूद्रेश शुक्ला ने बताया कि करीब छह महीने में तीसरे चरण का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद लोगों के सीवर के कनेक्शन जोड़ दिए जाएंगे।