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Ghaziabad News: ट्रैक्टर के लिए बड़े भाई की पत्थर से कुचलकर हत्या, गिरफ्तार
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मृतक मोनू सिंह का फाइल फोटो
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मसूरी। थाना पुलिस ने छह दिन पहले हुई एक हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने खुलासा किया है कि मोनू सिंह की हत्या उसके सगे छोटे भाई सुखबीर ने की थी। ट्रैक्टर को लेकर हुए विवाद के बाद सुखबीर ने मोनू को पत्थर से कुचलकर मार डाला था।
एसीपी मसूरी सुनील कुमार ने बताया कि 26 जुलाई की सुबह पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास झाड़ियों में एक अज्ञात शव मिला। मृतक के चेहरे व सिर पर गंभीर चोटें थीं और सीने पर खून से सना सीमेंटेड पत्थर रखा था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तीन टीमें गठित कीं। सीसीटीवी और सर्विलांस से जांच शुरू हुई। जहां 30 जुलाई को बम्हैटा के पास सीसीटीवी चेक करने पर मृतक की पहचान मुरादाबाद के रहने वाले 42 वर्षीय मोनू के रूप में हुई। वह एक व्यक्ति के साथ दिख रहा था। साथ दिख रहा व्यक्ति उसका ही छोटा भाई सुखबीर था। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने हत्या की बात कबूल ली। हत्या में इस्तेमाल दो खून से सने पत्थर भी बरामद हुए हैं।
मोनू के नाम पर था ट्रैक्टर
पुलिस पूछताछ में आरोपी सुखबीर ने बताया कि फरवरी 2026 में दोनों भाइयों ने 5 लाख 20 हजार रुपये के लोन पर मोनू के नाम से एक ट्रैक्टर खरीदा था। उन्होंने करीब दो लाख रुपये दिए थे और बाकी लोन मोनू के नाम पर हुआ। सुखबीर ट्रैक्टर को अपने नाम करवाना चाहता था। उनका ट्रैक्टर से होने वाली कमाई को लेकर भी विवाद हुआ। परिवार और रिश्तेदारों के बीच पंचायत भी हुई, पर मोनू ट्रैक्टर देने को तैयार नहीं हुआ। सुखबीर ने अपने भाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 25 जुलाई को वह मोनू के साथ गाजियाबाद गया, जहां उसने मोनू को शराब पिलाई। घर चलने के बहाने उसे पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास ले जाकर रात में भारी पत्थर से वार कर मोनू की मौके पर ही हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी शव पर पत्थर रखकर फरार हो गया। पुलिस ने शव को 72 घंटे मोर्चरी में रखने के बाद अंतिम संस्कार करवाया। बाद में मृतक के पिता और पत्नी ने मोनू सिंह के रूप में उसकी पहचान की। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा।
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भाई की हत्या कर मुरादाबाद लौट गया था सुखबीर
बड़े भाई की हत्या कर आरोपी मसूरी पहुंचा और मुरादाबाद वाली बस में बैठकर भाग गया। उसने अपनी भाभी और पिता को भी घटना की बाबत जानकारी नहीं दी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो सुखबीर अपने भाई के साथ शराब के ठेके और वापस बम्हैटा की ओर आता दिखा। इसके बाद वह मसूरी में अकेला दिखा।
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एसीपी मसूरी सुनील कुमार ने बताया कि 26 जुलाई की सुबह पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास झाड़ियों में एक अज्ञात शव मिला। मृतक के चेहरे व सिर पर गंभीर चोटें थीं और सीने पर खून से सना सीमेंटेड पत्थर रखा था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तीन टीमें गठित कीं। सीसीटीवी और सर्विलांस से जांच शुरू हुई। जहां 30 जुलाई को बम्हैटा के पास सीसीटीवी चेक करने पर मृतक की पहचान मुरादाबाद के रहने वाले 42 वर्षीय मोनू के रूप में हुई। वह एक व्यक्ति के साथ दिख रहा था। साथ दिख रहा व्यक्ति उसका ही छोटा भाई सुखबीर था। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने हत्या की बात कबूल ली। हत्या में इस्तेमाल दो खून से सने पत्थर भी बरामद हुए हैं।
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मोनू के नाम पर था ट्रैक्टर
पुलिस पूछताछ में आरोपी सुखबीर ने बताया कि फरवरी 2026 में दोनों भाइयों ने 5 लाख 20 हजार रुपये के लोन पर मोनू के नाम से एक ट्रैक्टर खरीदा था। उन्होंने करीब दो लाख रुपये दिए थे और बाकी लोन मोनू के नाम पर हुआ। सुखबीर ट्रैक्टर को अपने नाम करवाना चाहता था। उनका ट्रैक्टर से होने वाली कमाई को लेकर भी विवाद हुआ। परिवार और रिश्तेदारों के बीच पंचायत भी हुई, पर मोनू ट्रैक्टर देने को तैयार नहीं हुआ। सुखबीर ने अपने भाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 25 जुलाई को वह मोनू के साथ गाजियाबाद गया, जहां उसने मोनू को शराब पिलाई। घर चलने के बहाने उसे पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास ले जाकर रात में भारी पत्थर से वार कर मोनू की मौके पर ही हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी शव पर पत्थर रखकर फरार हो गया। पुलिस ने शव को 72 घंटे मोर्चरी में रखने के बाद अंतिम संस्कार करवाया। बाद में मृतक के पिता और पत्नी ने मोनू सिंह के रूप में उसकी पहचान की। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा।
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भाई की हत्या कर मुरादाबाद लौट गया था सुखबीर
बड़े भाई की हत्या कर आरोपी मसूरी पहुंचा और मुरादाबाद वाली बस में बैठकर भाग गया। उसने अपनी भाभी और पिता को भी घटना की बाबत जानकारी नहीं दी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो सुखबीर अपने भाई के साथ शराब के ठेके और वापस बम्हैटा की ओर आता दिखा। इसके बाद वह मसूरी में अकेला दिखा।
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