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Ghaziabad News: एनआरएचएम घोटालाः पूर्व मंत्री अनंत मिश्रा केस में गवाह के बयान दर्ज
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गाजियाबाद। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले के बहुचर्चित मामले में बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान पूर्व मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा अदालत में पेश हुए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने न्यायालय के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया।
मामले में एक अन्य आरोपी पूर्व मंत्री व जौनपुर से सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से अधिवक्ता ने हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की है।
सीबीआई के अनुसार, वर्ष 2008 से 2010 के बीच एनआरएचएम योजना के तहत करीब पांच हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा ने परिवार कल्याण विभाग को स्वास्थ्य विभाग से अलग कर अनियमित तरीके से मुख्य चिकित्सा अधिकारी के लगभग 100 पद सृजित किए और मनमाने ढंग से नियुक्तियां कीं।
साथ ही महंगी दरों पर दवाओं की खरीद में कमीशनखोरी के माध्यम से सरकारी धन को नुकसान पहुंचाया गया। सीबीआई ने बाबू सिंह कुशवाहा पर भी अनियमितताओं के जरिये करोड़ों रुपये के सरकारी नुकसान का आरोप लगाया है। मामले की सुनवाई विशेष अदालत में जारी है।
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मामले में एक अन्य आरोपी पूर्व मंत्री व जौनपुर से सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से अधिवक्ता ने हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की है।
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सीबीआई के अनुसार, वर्ष 2008 से 2010 के बीच एनआरएचएम योजना के तहत करीब पांच हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा ने परिवार कल्याण विभाग को स्वास्थ्य विभाग से अलग कर अनियमित तरीके से मुख्य चिकित्सा अधिकारी के लगभग 100 पद सृजित किए और मनमाने ढंग से नियुक्तियां कीं।
साथ ही महंगी दरों पर दवाओं की खरीद में कमीशनखोरी के माध्यम से सरकारी धन को नुकसान पहुंचाया गया। सीबीआई ने बाबू सिंह कुशवाहा पर भी अनियमितताओं के जरिये करोड़ों रुपये के सरकारी नुकसान का आरोप लगाया है। मामले की सुनवाई विशेष अदालत में जारी है।