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गाजियाबाद में प्लॉट घोटाला: फर्जी दस्तावेजों से 19 करोड़ की जमीन बेचने का आरोप, छह लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
Mon, 03 Aug 2026 03:18 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Mon, 03 Aug 2026 03:18 PM IST
सार
गाजियाबाद के वेव सिटी थाना क्षेत्र में 19 करोड़ रुपये के प्लॉट धोखाधड़ी मामले में एसएमवी एजेन्सीज प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज, हस्ताक्षर और कंपनी के लेटरहेड का इस्तेमाल कर प्लॉट बेचे गए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : AI
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विस्तार
गाजियाबाद में वेव सिटी थाना क्षेत्र में एक बड़े प्लॉट धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एसएमवी एजेन्सीज प्राइवेट लिमिटेड ने छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। कंपनी का आरोप है कि फर्जी दस्तावेज के जरिये करीब 19 करोड़ रुपये के प्लॉट बेचे गए हैं।
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एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता विवेक सिंह निर्वाण ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में पूर्व लेखा प्रमुख प्रदीप कुमार झा और पूर्व लेखा सहायक संजीव कुमार राय का नाम है। संपत्ति डीलर वीरेन्द्र सिंह, उनकी पत्नी सविता और रिश्तेदार मांडवी चौधरी भी अभियुक्तों में शामिल हैं। विकास कुमार और मनोरमा त्रिपाठी पर भी धोखाधड़ी का आरोप है।
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प्रदीप कुमार झा और संजीव कुमार राय कंपनी में 15 वर्षों से कार्यरत थे। वे कर और लेखा संबंधी कार्यों के लिए जिम्मेदार थे। आरोप है कि उन्होंने आपस में षड्यंत्र किया। कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता शशांक वार्ष्णेय के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। निदेशक मंडल की अनुमति के बिना आवंटन पत्र और बिक्री समझौता तैयार किए गए। कंपनी की रबर स्टाम्प और लेटरहेड का भी गलत उपयोग किया गया।
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करोड़ों रुपये के प्लॉट का मामला
धोखाधड़ी के तहत प्लॉट संख्या सी-209 और एफ-25 को निशाना बनाया गया। प्लॉट संख्या सी-209 की बाजार कीमत करीब एक करोड़ बीस लाख रुपये थी। प्लॉट संख्या एफ-25 की बाजार कीमत लगभग एक करोड़ पचास लाख रुपये थी। इन प्लॉटों के लिए कंपनी को कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई। कंपनी ने पहले पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद कमिश्नरेट को शिकायत दी थी। कोई कार्रवाई न होने पर अदालत के आदेश से यह प्राथमिकी दर्ज हुई है।