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Ghaziabad News: कांवड़ मार्गों पर अब जमीन के साथ आसमान से भी निगरानी, टिथर्ड ड्रोन तैनात
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गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में पुलिस व जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ के बीच कांवड़ मार्गों की निगरानी जमीन के साथ आसमान से भी की जा रही है। गाजियाबाद-मेरठ रोड, पाइपलाइन मार्ग और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत प्रमुख कांवड़ मार्गों पर पुलिस, पीएसी और क्यूआरटी के साथ अब 24 घंटे टिथर्ड ड्रोन भी तैनात हैं। इसके साथ ही कांवड़ मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को कांवड़ मॉनीटरिंग सेल से जोड़ा गया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था राजकरन नय्यर ने बताया कि टिथर्ड ड्रोन बिजली और बैटरी दोनों से संचालित होता है और लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी कर सकता है। इसकी मदद से करीब एक किलोमीटर के दायरे में लगातार फोटो और वीडियो लिए जा सकते हैं। दो दिन पहले गंगनहर पटरी से इसकी शुरुआत की गई थी। अब तीनों प्रमुख कांवड़ मार्गों पर इनकी तैनाती कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिले को 14 सेक्टर और 250 सब सेक्टर में विभाजित किया गया है। कांवड़ मॉनीटरिंग सेल से जुड़े सीसीटीवी कैमरों के जरिये भीड़, यातायात और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के साथ 24 घंटे भ्रमण करने वाली 40 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) भी तैनात की गई हैं। 550 से अधिक ट्रैफिक वालंटियर भी धरातल पर मोर्चा संभाल रहे हैं। प्रशिक्षित वालंटियर कांवड़ मार्गों पर यातायात संचालन में सहयोग करने के साथ श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।
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भोलों के वेश में भी मौजूद रहेंगे पुलिसकर्मी
कांवड़ मार्गों, प्रमुख चौराहों और दूधेश्वरनाथ मंदिर में सादे वेश में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। करीब 80 टुकड़ियों में पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के बीच रहेंगे। इनमें कुछ पुलिसकर्मी कांवड़ियों के वेश में तैनात रहेंगे। दुर्घटना, विवाद, अफवाह या किसी कांवड़िये को सहायता की जरूरत पड़ने पर ये पुलिसकर्मी तत्काल स्थिति संभालेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देंगे।
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दूधेश्वरनाथ मंदिर में डाक कांवड़ियों के लिए अलग कॉरिडोर
दूधेश्वरनाथ मंदिर में डाक कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए उनके लिए विशेष कॉरिडोर बनाया गया है। एसीपी नगर कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि गंगोत्री और हरिद्वार से जल लेकर बड़ी संख्या में कांवड़िये मंदिर पहुंचते हैं। इनमें डाक कांवड़ियों की संख्या अधिक रहती है। विशेष कॉरिडोर से डाक कांवड़िये सीधे शिवलिंग तक पहुंचकर जलाभिषेक कर सकेंगे।
मुख्य द्वार से मंदिर परिसर तक कांवड़ियों के लिए दो लाइन आरक्षित की गई हैं। इनमें एक महिलाओं और दूसरी पुरुष श्रद्धालुओं के लिए होगी। मंदिर परिसर में दो वॉच टावर, तीन स्वास्थ्य शिविर और जूते-चप्पल रखने के लिए दो स्थान बनाए गए हैं। खोया-पाया केंद्र और स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
एसीपी ने बताया कि सुरक्षा और व्यवस्था के लिए एडीसीपी क्राइम और प्रोटोकॉल की ड्यूटी भी मंदिर में लगाई गई है। चार एसीपी में से दो मुख्य द्वार और दो मंदिर परिसर में निगरानी रखेंगे। नौ अगस्त सुबह से 11 अगस्त दोपहर तक शिफ्टवार 24 घंटे ड्यूटी जारी रहेगी।
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शिवरात्रि पर वीआईपी दर्शन नहीं
दूधेश्वरनाथ मंदिर में शिवरात्रि पर इस बार वीआईपी दर्शन नहीं हो सकेंगे। मंदिर समिति ने इस पर रोक लगा दी है। मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसलिए इस बार यह व्यवस्था की गई है। सोमवार और मंगलवार को वीआईपी पास नहीं बनेंगे।
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सोशल मीडिया पर भी निगरानी
एसीपी ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर मॉनीटरिंग सेल सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर पोस्ट और रील्स की निगरानी कर रहा है। अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था राजकरन नय्यर ने बताया कि टिथर्ड ड्रोन बिजली और बैटरी दोनों से संचालित होता है और लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी कर सकता है। इसकी मदद से करीब एक किलोमीटर के दायरे में लगातार फोटो और वीडियो लिए जा सकते हैं। दो दिन पहले गंगनहर पटरी से इसकी शुरुआत की गई थी। अब तीनों प्रमुख कांवड़ मार्गों पर इनकी तैनाती कर दी गई है।
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उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिले को 14 सेक्टर और 250 सब सेक्टर में विभाजित किया गया है। कांवड़ मॉनीटरिंग सेल से जुड़े सीसीटीवी कैमरों के जरिये भीड़, यातायात और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के साथ 24 घंटे भ्रमण करने वाली 40 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) भी तैनात की गई हैं। 550 से अधिक ट्रैफिक वालंटियर भी धरातल पर मोर्चा संभाल रहे हैं। प्रशिक्षित वालंटियर कांवड़ मार्गों पर यातायात संचालन में सहयोग करने के साथ श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।
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भोलों के वेश में भी मौजूद रहेंगे पुलिसकर्मी
कांवड़ मार्गों, प्रमुख चौराहों और दूधेश्वरनाथ मंदिर में सादे वेश में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। करीब 80 टुकड़ियों में पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के बीच रहेंगे। इनमें कुछ पुलिसकर्मी कांवड़ियों के वेश में तैनात रहेंगे। दुर्घटना, विवाद, अफवाह या किसी कांवड़िये को सहायता की जरूरत पड़ने पर ये पुलिसकर्मी तत्काल स्थिति संभालेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देंगे।
दूधेश्वरनाथ मंदिर में डाक कांवड़ियों के लिए अलग कॉरिडोर
दूधेश्वरनाथ मंदिर में डाक कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए उनके लिए विशेष कॉरिडोर बनाया गया है। एसीपी नगर कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि गंगोत्री और हरिद्वार से जल लेकर बड़ी संख्या में कांवड़िये मंदिर पहुंचते हैं। इनमें डाक कांवड़ियों की संख्या अधिक रहती है। विशेष कॉरिडोर से डाक कांवड़िये सीधे शिवलिंग तक पहुंचकर जलाभिषेक कर सकेंगे।
मुख्य द्वार से मंदिर परिसर तक कांवड़ियों के लिए दो लाइन आरक्षित की गई हैं। इनमें एक महिलाओं और दूसरी पुरुष श्रद्धालुओं के लिए होगी। मंदिर परिसर में दो वॉच टावर, तीन स्वास्थ्य शिविर और जूते-चप्पल रखने के लिए दो स्थान बनाए गए हैं। खोया-पाया केंद्र और स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
एसीपी ने बताया कि सुरक्षा और व्यवस्था के लिए एडीसीपी क्राइम और प्रोटोकॉल की ड्यूटी भी मंदिर में लगाई गई है। चार एसीपी में से दो मुख्य द्वार और दो मंदिर परिसर में निगरानी रखेंगे। नौ अगस्त सुबह से 11 अगस्त दोपहर तक शिफ्टवार 24 घंटे ड्यूटी जारी रहेगी।
शिवरात्रि पर वीआईपी दर्शन नहीं
दूधेश्वरनाथ मंदिर में शिवरात्रि पर इस बार वीआईपी दर्शन नहीं हो सकेंगे। मंदिर समिति ने इस पर रोक लगा दी है। मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसलिए इस बार यह व्यवस्था की गई है। सोमवार और मंगलवार को वीआईपी पास नहीं बनेंगे।
सोशल मीडिया पर भी निगरानी
एसीपी ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर मॉनीटरिंग सेल सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर पोस्ट और रील्स की निगरानी कर रहा है। अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।