टाइम लिमिट बनी जानलेवा: 10 मिनट में मदद पहुंचाने निकले थे, रास्ते में टैंकर बना काल; दो पुलिसकर्मियों की मौत
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। दोनों का रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में राजकीय सम्मान से गुरुग्राम पुलिस के द्वारा दाह संस्कार किया गया।
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डायल 112 सेवा लागू होने के बाद से किसी भी घटना की कंट्रोल रूम में सूचना मिलने के बाद ईआरवी टीम को 10 मिनट में मौके पर पीड़ित के पास पहुंचना होता है। सोमवार रात फर्रुखनगर इलाके में ईआरवी नंबर 254 पर तैनात चालक सिपाही धर्मेंद्र, ईआरवी इंचार्ज हवलदार अनिल और एसपीओ छोटेलाल को भी यही जल्दी थी। ये मोबाइल झपटमारी की आई सूचना के बाद मौके पर जा रहे थे। इसी दौरान ट्रैक्टर से अलग होकर अनियंत्रित टैंकर बीच सड़क आ गया और ईआरवी उसमें टकरा गई। हादसे में हवलदार अनिल और एसपीओ छोटेलाल की जान चली गई।
मोर्चरी पर पुलिस अधिकारियों ने दिया परिवार को आश्वासन
हादसे की सूचना के बाद हवलदार और एसपीओ के परिजनों से मिलने गुरुग्राम पुलिस के कई अधिकारी मंगलवार दोपहर बाद मोर्चरी पहुंचे। इनमें संयुक्त पुलिस आयुक्त संगीता कालिया, डीसीपी मुख्यालय डॉ. अंशु सिंगला, एसीपी विशाल रूहिल और एसीपी मनोज कुमार शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से मिलकर उनको हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया गया।
राजकीय सम्मान से किया गया दाह संस्कार
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। दोनों का रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में राजकीय सम्मान से गुरुग्राम पुलिस के द्वारा दाह संस्कार किया गया।
साल 2007 में सिपाही भर्ती हुए थे अनिल
मृतक रेवाड़ी के गोकलगढ़ निवासी हवलदार अनिल के परिजनों ने बताया कि अनिल कुमार साल 2007 में हरियाणा पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। परिवार में उनके दो बेटे और एक पत्नी है। दोनों बेटे कॉलेज में पढ़ाई कर रहे है। अनिल सोमवार सुबह ही घर से ड्यूटी के लिए गुरुग्राम में आए थे।
बीएसएफ से सेवानिवृत्त होकर एसपीओ भर्ती हुए थे छोटेलाल
मूलरूप से महेंद्रगढ़ के कनीना के रहने वाले 52 वर्षीय छोटेलाल बीएसएफ से हवलदार पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सात साल पहले हरियाणा पुलिस में बतौर एसपीओ भर्ती हुए थे। चार साल तक फरीदाबाद में कार्यरत रहने के बाद वो बीते तीन साल से गुरुग्राम में कार्यरत थे। उनके दो बेटे हैं और दोनों अलग-अलग विभाग में क्लर्क के तौर पर नौकरी कर रहे हैं।