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गुरुग्राम: फर्जी प्रतिनिधि बनकर व फर्जी दस्तावेज से अवैध रजिस्ट्री करा धोखाधड़ी की, एक आरोपी गिरफ्तार
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Thu, 14 May 2026 03:01 PM IST
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सार
गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिल्ली के कैलाश विहार निवासी आशिफ व फर्जी रविंद्र मनराल (37) के रूप में हुई है। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वह दिल्ली में इलैक्ट्रिशियन के रूप में काम करता है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गुरुग्राम के पीजीएफ कंपनी की सीज संपत्ति के फर्जी दस्तावेज के आधार पर अवैध रजिस्ट्री करके धोखाधड़ी करने मामले में पुलिस ने एक आरोपी सिविल लाइंस स्थित नेहरू स्टेडियम के पास से गिरफ्तार किया। आर्थिक अपराध शाखा-1 ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। आरोपी ने बताया कि उसने अन्य साथियों के कहने पर फर्जी प्रतिनिघि बनकर वारदात में संलिप्त रहा। इस मामले में पुलिस अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिल्ली के कैलाश विहार निवासी आशिफ व फर्जी रविंद्र मनराल (37) के रूप में हुई है। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वह दिल्ली में इलैक्ट्रिशियन के रूप में काम करता है। उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी रविंद्र मनराल(पीजीएफ कंपनी का प्रतिनिधि) बनकर फर्जी दस्तावेज तैयार करके कंपनी की संपति (प्लॉट) की रजिस्ट्री करवाई थी। आरोपी ने बताया कि अन्य साथियों के कहने पर वह फर्जी व्यक्ति बना था और उसे ठगी से पांच लाख रुपये मिलने वाले थे, उसे 50 हजार रुपये ही अब तब मिले थे।
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बता दें कि 14 मार्च 2024 को नायब तहसीलदार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि पीजीएफ लिमिटेड की अटैच व सीज संपत्ति संख्या 131-जी, ब्लॉक-सी, सुशांतलोक-3 गुरुग्राम, जोकि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति के नियंत्रणाधीन थी, को बिना समिति की अनुमति के आरोपियों द्वारा फर्जी बोर्ड रेजोल्यूशन, गलत घोषणा व जाली दस्तावेज का प्रयोग कर अवैध रूप से विक्रय/रजिस्ट्री कराया गया। सैल डीड पंजीकृत करवाई गई। इसके बाद धोखाधड़ी व जालसाजी कर अवैध लाभ अर्जित किया गया। शिकायत के आधार पर सेक्टर-56 थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की आगामी जांच आर्थिक अपराध शाखा-1 द्वारा की जा रही है।
आगामी कार्रवाई के लिए आरोपी आशिफ को अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की पहचान, फर्जी दस्तावेज व वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जाएंगे। - चरण सिंह, जांच अधिकारी, आर्थिक अपराध शाखा-1, गुरुग्राम।