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Gurugram News: 1.13 करोड़ रुपये निजी खातों में ट्रांसफर करने का आरोप
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आर्थिक अपराध शाखा-1 कर रही मामले में छानबीन व कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डीएलएफ साइबर सिटी स्थित फाइनेंस कंपनी में सीनियर मैनेजर के कंपनी के खातों से करीब 1.13 करोड़ रुपये निजी खातों में ट्रांसफर करने के आरोप हैं। डीएलएफ फेज-2 थाने में दी शिकायत में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इस पूरी रकम को शेयर बाजार में उड़ा दिया। कंपनी के एवीपी फाइनेंस की शिकायत पर डीएलएफ फेज-2 में प्राथमिकी दर्ज की है।
मनी बॉक्स फाइनेंस लिमिटेड के एवीपी फाइनेंस कुमुद कुमार ने पुलिस को बताया कि आरोपी राहुल कुमार कंपनी में सीनियर मैनेजर फाइनेंस के तौर पर काम करता था। उसके पास बैंकिंग सिस्टम, फंड ट्रांसफर व वेंडर पेमेंट के अहम अधिकार थे। आरोप है कि अक्तूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच राहुल ने अपने एडमिन राइट्स का गलत इस्तेमाल किया। उसने कंपनी के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को धोखा दिया और अनधिकृत रूप से 1,13,33,000 रुपये अपने पर्सनल बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए। कंपनी के इंटरनल ऑडिट और मिलान प्रक्रिया के दौरान इस भारी हेराफेरी का खुलासा हुआ। सिस्टम की नजरों से बचने के लिए राहुल ने किस्तों में कुछ रकम वापस भी की।
डीएलएफ फेज-2 थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले में जांच व कार्रवाई आर्थिक अपराध शाखा-1 की पुलिस की कर रही है। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद रिपोर्ट आर्थिक अपराध शाखा-1 में भेजी जा चुकी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डीएलएफ साइबर सिटी स्थित फाइनेंस कंपनी में सीनियर मैनेजर के कंपनी के खातों से करीब 1.13 करोड़ रुपये निजी खातों में ट्रांसफर करने के आरोप हैं। डीएलएफ फेज-2 थाने में दी शिकायत में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इस पूरी रकम को शेयर बाजार में उड़ा दिया। कंपनी के एवीपी फाइनेंस की शिकायत पर डीएलएफ फेज-2 में प्राथमिकी दर्ज की है।
मनी बॉक्स फाइनेंस लिमिटेड के एवीपी फाइनेंस कुमुद कुमार ने पुलिस को बताया कि आरोपी राहुल कुमार कंपनी में सीनियर मैनेजर फाइनेंस के तौर पर काम करता था। उसके पास बैंकिंग सिस्टम, फंड ट्रांसफर व वेंडर पेमेंट के अहम अधिकार थे। आरोप है कि अक्तूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच राहुल ने अपने एडमिन राइट्स का गलत इस्तेमाल किया। उसने कंपनी के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को धोखा दिया और अनधिकृत रूप से 1,13,33,000 रुपये अपने पर्सनल बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए। कंपनी के इंटरनल ऑडिट और मिलान प्रक्रिया के दौरान इस भारी हेराफेरी का खुलासा हुआ। सिस्टम की नजरों से बचने के लिए राहुल ने किस्तों में कुछ रकम वापस भी की।
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डीएलएफ फेज-2 थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले में जांच व कार्रवाई आर्थिक अपराध शाखा-1 की पुलिस की कर रही है। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद रिपोर्ट आर्थिक अपराध शाखा-1 में भेजी जा चुकी है।