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Gurugram News: वार्षिक परीक्षा परिणाम एमआईएस पोर्टल पर 20 मई तक करना होगा अपलोड
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एमआईएस पोर्टल से जुड़ेगा छात्रों का रिकार्ड, पारदर्शी होगी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शिक्षा विभाग अब स्कूली शिक्षा को पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से जोड़ने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों के वार्षिक परीक्षा परिणाम एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 20 मई तक का समय दिया है, ताकि छात्र का शैक्षणिक रिकार्ड ऑनलाइन सुरक्षित किया जा सके।
अधिकारियों के अुनसार इस पहल का मुख्य उद्दे्श्य छात्रों के डेटा को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। डिजिटल रिकार्ड तैयार होने भविष्य में किसी भी छात्र की पढ़ाई, पढाई प्रमोशन या बोर्ड से जुड़े कार्यों में आसानी होगी। साथ ही स्कूलों और विभाग के बीच तालमेल बेहतर होगा और रिकार्ड से जुड़ी गड़बड़ियों की संभावना कम हो जाएगी। विभाग का मानना है कि अब शिक्षा प्रणाली में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी हो गया है। इसी वजह से स्कूलों को समय पर डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हर छात्र की शैक्षणिक जानकारी एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध रहे। हालांकि विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। समय सीमा के भीतर डेटा अपलोड न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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गुरुग्राम। शिक्षा विभाग अब स्कूली शिक्षा को पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से जोड़ने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों के वार्षिक परीक्षा परिणाम एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 20 मई तक का समय दिया है, ताकि छात्र का शैक्षणिक रिकार्ड ऑनलाइन सुरक्षित किया जा सके।
अधिकारियों के अुनसार इस पहल का मुख्य उद्दे्श्य छात्रों के डेटा को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। डिजिटल रिकार्ड तैयार होने भविष्य में किसी भी छात्र की पढ़ाई, पढाई प्रमोशन या बोर्ड से जुड़े कार्यों में आसानी होगी। साथ ही स्कूलों और विभाग के बीच तालमेल बेहतर होगा और रिकार्ड से जुड़ी गड़बड़ियों की संभावना कम हो जाएगी। विभाग का मानना है कि अब शिक्षा प्रणाली में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी हो गया है। इसी वजह से स्कूलों को समय पर डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हर छात्र की शैक्षणिक जानकारी एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध रहे। हालांकि विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। समय सीमा के भीतर डेटा अपलोड न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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