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Gurugram News: पहली शादी छिपाकर दूसरा विवाह करने वाली महिला की जमानत याचिका खारिज
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महिला पर हनी ट्रैप का भी आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी करने और फ्लैट के फर्जी दस्तावेज अपने नाम पर करने के मामले में जिला अदालत ने आरोपी महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास निधि बेनीवाल की अदालत ने दिया है। महिला के पति की शिकायत पर सेक्टर-65 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। वह 21 जुलाई 2026 से हिरासत में है। उनके खिलाफ कोई कानूनी सबूत नहीं है। यह विवाद मूल रूप से दीवानी प्रकृति का है। इसे रुपये की वसूली के लिए आपराधिक रंग दिया गया है। वकील ने यह भी बताया कि आरोपी ने हिंदू विवाह अधिनियम, दंड प्रक्रिया संहिता और घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत याचिकाएं दायर की हुई हैं।
अभियोजन पक्ष के अदालत में दलील दी कि आरोपी महिला को झूठी शिकायतें दर्ज करने की आदत है। उन्होंने शिकायतकर्ता को अपनी पिछली शादी छिपाकर शादी की। उन पर शिकायतकर्ता की संपत्ति के फर्जी दस्तावेज बनाने और खुद को मालिक बताकर उसे पट्टे पर देने का भी आरोप है। आरोपी महिला पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के एक फ्लैट को एक सीमित कंपनी के रूप में पंजीकृत कराया। उसमें उसने खुद को प्रमोटर दिखाया, जबकि वह फ्लैट शिकायतकर्ता का था। आरोपी महिला पर हनी ट्रैप का भी आरोप है। उसकी तरफ से दर्ज कराए गए दुष्कर्म के मामलों को रद्द कर दिया गया था और उसके खिलाफ पुलिस को झूठी शिकायत देने पर मामला दर्ज किया गया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी करने और फ्लैट के फर्जी दस्तावेज अपने नाम पर करने के मामले में जिला अदालत ने आरोपी महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास निधि बेनीवाल की अदालत ने दिया है। महिला के पति की शिकायत पर सेक्टर-65 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। वह 21 जुलाई 2026 से हिरासत में है। उनके खिलाफ कोई कानूनी सबूत नहीं है। यह विवाद मूल रूप से दीवानी प्रकृति का है। इसे रुपये की वसूली के लिए आपराधिक रंग दिया गया है। वकील ने यह भी बताया कि आरोपी ने हिंदू विवाह अधिनियम, दंड प्रक्रिया संहिता और घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत याचिकाएं दायर की हुई हैं।
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अभियोजन पक्ष के अदालत में दलील दी कि आरोपी महिला को झूठी शिकायतें दर्ज करने की आदत है। उन्होंने शिकायतकर्ता को अपनी पिछली शादी छिपाकर शादी की। उन पर शिकायतकर्ता की संपत्ति के फर्जी दस्तावेज बनाने और खुद को मालिक बताकर उसे पट्टे पर देने का भी आरोप है। आरोपी महिला पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के एक फ्लैट को एक सीमित कंपनी के रूप में पंजीकृत कराया। उसमें उसने खुद को प्रमोटर दिखाया, जबकि वह फ्लैट शिकायतकर्ता का था। आरोपी महिला पर हनी ट्रैप का भी आरोप है। उसकी तरफ से दर्ज कराए गए दुष्कर्म के मामलों को रद्द कर दिया गया था और उसके खिलाफ पुलिस को झूठी शिकायत देने पर मामला दर्ज किया गया था।
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