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Gurugram News: पुर्वोत्तर नागरिकों को मिला सुरक्षा का भरोसा
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नॉर्थ-ईस्ट रीजन के लोगों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस ने उत्तर-पूर्वी राज्यों से आकर गुरुग्राम में रह रहे नागरिकों के लिए बुधवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भाषा, संस्कृति, जातीय पहचान एवं क्षेत्रीय विविधता के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना और किसी भी प्रकार के भेदभाव, उत्पीड़न अथवा अभद्र व्यवहार के विरुद्ध लोगों को जागरूक करना था। इसके अलावा उनकी समस्याओं व सुरक्षा से संबंधित जानकारी प्राप्त करना था।
कार्यक्रम में उत्तर-पूर्वी राज्यों असम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश एवं सिक्किम के मूल निवासी लोगों ने हिस्सा लिया। पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी भाषा, जातीय पहचान, पहनावे, संस्कृति अथवा क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव करना कानूनन गलत है। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आपातकालीन सहायता सेवाओं, हेल्पलाइन नंबर 112 एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ जातीय टिप्पणी, भाषा को लेकर अभद्र व्यवहार, धमकी व किसी प्रकार का भेदभाव किया जाता है तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और हेल्पलाइन नंबर पर दें, ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने अपने विचार एवं सुझाव साझा किए और गुरुग्राम पुलिस द्वारा किए जा रहे सामुदायिक पुलिसिंग के प्रयासों की सराहना की।
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गुरुग्राम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों एवं समुदायों का सम्मान करें और एक सुरक्षित, समावेशी एवं सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस ने उत्तर-पूर्वी राज्यों से आकर गुरुग्राम में रह रहे नागरिकों के लिए बुधवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भाषा, संस्कृति, जातीय पहचान एवं क्षेत्रीय विविधता के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना और किसी भी प्रकार के भेदभाव, उत्पीड़न अथवा अभद्र व्यवहार के विरुद्ध लोगों को जागरूक करना था। इसके अलावा उनकी समस्याओं व सुरक्षा से संबंधित जानकारी प्राप्त करना था।
कार्यक्रम में उत्तर-पूर्वी राज्यों असम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश एवं सिक्किम के मूल निवासी लोगों ने हिस्सा लिया। पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी भाषा, जातीय पहचान, पहनावे, संस्कृति अथवा क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव करना कानूनन गलत है। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आपातकालीन सहायता सेवाओं, हेल्पलाइन नंबर 112 एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी जानकारी दी गई।
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इस दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ जातीय टिप्पणी, भाषा को लेकर अभद्र व्यवहार, धमकी व किसी प्रकार का भेदभाव किया जाता है तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और हेल्पलाइन नंबर पर दें, ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने अपने विचार एवं सुझाव साझा किए और गुरुग्राम पुलिस द्वारा किए जा रहे सामुदायिक पुलिसिंग के प्रयासों की सराहना की।
गुरुग्राम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों एवं समुदायों का सम्मान करें और एक सुरक्षित, समावेशी एवं सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।