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Gurugram News: कक्षा तत्परता कार्यक्रम कल से
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बच्चों का बढ़ेगा संख्या ज्ञान, कार्यक्रम के संचालन के लिए विभाग ने तैयार किया सीआरपी मॉडल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुुरुग्राम। निपुण हरियाणा मिशन के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में 13 अप्रैल से 23 मई तक कक्षा तत्परता कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस दौरान बालवाटिका 3 से कक्षा पांचवीं तक के बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की सीखने की नींव को मजबूत करना है ताकि वे आगे की पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम के तहत कक्षाओं में गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।
बच्चों को खेल, संवाद और अनुभव के माध्यम से पढ़ाया जाएगा, जिससे उनकी भागीदारी बढ़े और सीखने के परिणाम बेहतर हो। कक्षा दो से पांच तक हिन्दी, गणित और अंग्रेजी विषयों में दक्षताओं को तय किया जाएगा। हिन्दी में पढ़ना लिखना और अभिव्यक्ति कौशल, गणित में संख्या ज्ञान, जोड़ घटाव, गुणा भाग और आंकड़ों की समझ व अंग्रेजी में वाक्य निर्माण, व्याकरण और लेखन कौशल पर फोकस रहेगा। कार्यक्रम के संचालन के लिए शिक्षा विभाग ने सीआरपी मॉडल तैयार किया है, जिसमें साप्ताहिक शिक्षण योजना और गतिविधियों की सूची शामिल है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कक्षाओं को रोचक बनाने के लिए टीएलम का उपयोग करें।
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जिले के सरकारी स्कूलों में इस कार्यक्रम की निगरानी मेंटर्स द्वारा विजिट की जाएगी और ब्लॉक स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित होगी। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे उनकी प्रगति का आकलन कर आगे की रणनीति तय की जा सके। -मनोज लाकड़ा, जिला समन्वयक, गुरुग्राम
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुुरुग्राम। निपुण हरियाणा मिशन के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में 13 अप्रैल से 23 मई तक कक्षा तत्परता कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस दौरान बालवाटिका 3 से कक्षा पांचवीं तक के बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की सीखने की नींव को मजबूत करना है ताकि वे आगे की पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम के तहत कक्षाओं में गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।
बच्चों को खेल, संवाद और अनुभव के माध्यम से पढ़ाया जाएगा, जिससे उनकी भागीदारी बढ़े और सीखने के परिणाम बेहतर हो। कक्षा दो से पांच तक हिन्दी, गणित और अंग्रेजी विषयों में दक्षताओं को तय किया जाएगा। हिन्दी में पढ़ना लिखना और अभिव्यक्ति कौशल, गणित में संख्या ज्ञान, जोड़ घटाव, गुणा भाग और आंकड़ों की समझ व अंग्रेजी में वाक्य निर्माण, व्याकरण और लेखन कौशल पर फोकस रहेगा। कार्यक्रम के संचालन के लिए शिक्षा विभाग ने सीआरपी मॉडल तैयार किया है, जिसमें साप्ताहिक शिक्षण योजना और गतिविधियों की सूची शामिल है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कक्षाओं को रोचक बनाने के लिए टीएलम का उपयोग करें।
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जिले के सरकारी स्कूलों में इस कार्यक्रम की निगरानी मेंटर्स द्वारा विजिट की जाएगी और ब्लॉक स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित होगी। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे उनकी प्रगति का आकलन कर आगे की रणनीति तय की जा सके। -मनोज लाकड़ा, जिला समन्वयक, गुरुग्राम