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Gurugram News: जिला अस्पताल में निरीक्षण में सीएमओ को मिलीं कई खामियां
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जिला अस्पताल में सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण। संवाद
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-परिसर में गंदगी, खराब उपकरण और बंद पड़े सीसीटीवी से प्रशासन की लापरवाही उजागर
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर केवल औपचारिकता बरती जा रही है। मरीजों को बेहतर इलाज और सुरक्षित माहौल देने का दावा करने वाला जिला अस्पताल इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। बुधवार को जिला सिविल सर्जन डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ की ओर से किए गए औचक निरीक्षण में कई गंभीर खामियां उजागर हुई। जिससे अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शौचालयों में मिली गंदगी :
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अधिकांश वार्डों के शौचालय की हालत बेहद खराब पाई गई। शौचालयों में गंदगी का आलम ऐसा था कि वहां से दुर्गंध आ रही थी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साफ-सफाई की अनदेखी न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि अस्पताल की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
टूटे पड़े बिजली के स्विच बोर्ड, हो सकता है हादसा :
इसके अलावा, अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की भी काफी कमी देखने को मिली। कई वार्डों में पंखे बंद पड़े थे और एसी खराब हालत में मिले। गर्मी के मौसम में यह स्थिति मरीजों के लिए और भी कष्टदायक बन जाती है। वहीं, टूटे हुए बिजली के स्विच बोर्ड किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं, जिससे करंट लगने का खतरा बना हुआ है।
सिर्फ 13 सीसीटीवी कैमरे मिले चालू :
सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। अस्पताल परिसर में लगे 32 सीसीटीवी कैमरों में से केवल 13 ही चालू हैं, जबकि 19 कैमरे काफी समय से खराब पड़े हुए हैं। इससे अस्पताल में चोरी जैसी घटनाओं को बढ़ावा मिल सकता है। पहले भी परिसर में वाहन चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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सभी खामियों को दुरुस्त करने के आदेश :
निरीक्षण के बाद जिला सिविल सर्जन ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी खामियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए और इसकी रिपोर्ट बनाकर सौंपी जाए। अगर कोई अधिकारी लापरवाही बरता रहा है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अस्पताल में आए मरीजों के परिजनों सवाल यह है कि बार-बार सामने आ रही इन लापरवाहियों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कब तक कार्रवाई होगी और मरीजों को कब तक बेहतर सुविधाएं मिल पाएंगी।
मरीजों के परिजनों से बातचीत :
शौचालय में इतनी गंदगी है कि मरीज का शौचालय जाना भी मुश्किल हो रहा है। हर तरफ बदबू फैली हुई है, लेकिन सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
- लज्जा, पलवल
पंखे बंद और एसी खराब पड़े हैं, जिससे गर्मी में मरीजों की हालत और ज्यादा खराब हो रही है। कई बार स्टाफ से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
- आरती, पलवल
अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे यहां चोरी का डर बना रहता है। मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे है।
- महेश कुमार, पलवल
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर केवल औपचारिकता बरती जा रही है। मरीजों को बेहतर इलाज और सुरक्षित माहौल देने का दावा करने वाला जिला अस्पताल इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। बुधवार को जिला सिविल सर्जन डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ की ओर से किए गए औचक निरीक्षण में कई गंभीर खामियां उजागर हुई। जिससे अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शौचालयों में मिली गंदगी :
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अधिकांश वार्डों के शौचालय की हालत बेहद खराब पाई गई। शौचालयों में गंदगी का आलम ऐसा था कि वहां से दुर्गंध आ रही थी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साफ-सफाई की अनदेखी न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि अस्पताल की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
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टूटे पड़े बिजली के स्विच बोर्ड, हो सकता है हादसा :
इसके अलावा, अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की भी काफी कमी देखने को मिली। कई वार्डों में पंखे बंद पड़े थे और एसी खराब हालत में मिले। गर्मी के मौसम में यह स्थिति मरीजों के लिए और भी कष्टदायक बन जाती है। वहीं, टूटे हुए बिजली के स्विच बोर्ड किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं, जिससे करंट लगने का खतरा बना हुआ है।
सिर्फ 13 सीसीटीवी कैमरे मिले चालू :
सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। अस्पताल परिसर में लगे 32 सीसीटीवी कैमरों में से केवल 13 ही चालू हैं, जबकि 19 कैमरे काफी समय से खराब पड़े हुए हैं। इससे अस्पताल में चोरी जैसी घटनाओं को बढ़ावा मिल सकता है। पहले भी परिसर में वाहन चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सभी खामियों को दुरुस्त करने के आदेश :
निरीक्षण के बाद जिला सिविल सर्जन ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी खामियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए और इसकी रिपोर्ट बनाकर सौंपी जाए। अगर कोई अधिकारी लापरवाही बरता रहा है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अस्पताल में आए मरीजों के परिजनों सवाल यह है कि बार-बार सामने आ रही इन लापरवाहियों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कब तक कार्रवाई होगी और मरीजों को कब तक बेहतर सुविधाएं मिल पाएंगी।
मरीजों के परिजनों से बातचीत :
शौचालय में इतनी गंदगी है कि मरीज का शौचालय जाना भी मुश्किल हो रहा है। हर तरफ बदबू फैली हुई है, लेकिन सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
- लज्जा, पलवल
पंखे बंद और एसी खराब पड़े हैं, जिससे गर्मी में मरीजों की हालत और ज्यादा खराब हो रही है। कई बार स्टाफ से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
- आरती, पलवल
अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे यहां चोरी का डर बना रहता है। मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे है।
- महेश कुमार, पलवल