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Gurugram News: बख्तावर चौक पर अंडरपास की जगह डबल डेकर ट्रैक
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- अंडरपास फिजिबल नहीं, डबल डेकर ट्रैक का दिया प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में नेताजी सुभाष रोड पर बख्तावर चौक पर प्रस्तावित अंडरपास निर्माण में पेंच फंस गया है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड ने चौक पर अंडरपास की जगह डबल डेकर ट्रैक बनाने का प्रस्ताव गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण को दिया है। जीएमआरएल का कहना है कि डबल डेकर ट्रैक की पहली मंजिल पर कार और उसके ऊपर मेट्रो का संचालन किया जाए तो बेहतर होगा।
मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो का निर्माण किया जाना है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-नौ तक मेट्रो का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी कॉरिडोर में नेताजी सुभाष मार्ग पर बख्तावर चौक है। जीएमडीए ने करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंडरपास निर्माण का काम जीएमआरएल को दिया हुआ है। मेट्रो की डिटेल डिजाइन एजेंसी ने चौक पर अंडरपास के लिए उपयुक्त नहीं माना है। एजेंसी का कहना है कि अंडरपास बनाने के लिए और जगह की जरूरत होगी। यदि बनाया जाता है तो सर्विस रोड भी प्रभावित हो जाएगी। ऐसे में एजेंसी का कहना कि अंडरपास के बजाय चौक पर डबल डेकर कॉरिडोर बना दिया जाए। इससे चौक पर जाम की समस्या दूर हो जाएगी और मेट्रो कॉरिडोर पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि अब इस पर जीएमआरएल और जीएमडीए के अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें पूरे मामले में विचार किया जाएगा कि चौक पर क्या उपयुक्त होगा। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि प्राधिकरण ने अंडरपास तय किया है। डबल डेकर कॉरिडोर का प्रस्ताव जीएमआरएल का है।
रेलवे स्टेशन को जोड़ने में भी तकनीकी पेंच
मेट्रो से गुड़गांव रेलवे स्टेशन को सीधे जोड़ने को प्रावधान पहले नहीं था। मेट्रो के डीपीआर में स्काईवॉक का विकल्प दिया गया था। हालांकि सार्वजनिक निवेश बोर्ड (पीआईबी) ने सुझाव दिया था गुड़गांव रेलवे स्टेशन को मेट्रो से जोड़ा जाए। जीएमआरएल ने सरकारी एजेंसी राइट्स से सेक्टर पांच मेट्रो स्टेशन से रेलवे स्टेशन का डीपीआर तैयार कराया है। जीएमआरएल की तकनीकी टीम ने पाया है कि गुड़गांव रेलवे स्टेशन का कॉरिडोर तकनीकी रूप से सही नहीं होगा। ऐसे में इस पर विचार करना चाहिए। जीएमआरएल का कहना है कि यह तकनीकी मामला है। इसे अभी परियोजना से बाहर नहीं किया गया है। जीएमआरएल की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। मेट्रो की मंजूर परियोजना को विश्व बैंक वित्तीय सहायता कर रहा है।
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गुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में नेताजी सुभाष रोड पर बख्तावर चौक पर प्रस्तावित अंडरपास निर्माण में पेंच फंस गया है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड ने चौक पर अंडरपास की जगह डबल डेकर ट्रैक बनाने का प्रस्ताव गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण को दिया है। जीएमआरएल का कहना है कि डबल डेकर ट्रैक की पहली मंजिल पर कार और उसके ऊपर मेट्रो का संचालन किया जाए तो बेहतर होगा।
मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो का निर्माण किया जाना है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-नौ तक मेट्रो का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी कॉरिडोर में नेताजी सुभाष मार्ग पर बख्तावर चौक है। जीएमडीए ने करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंडरपास निर्माण का काम जीएमआरएल को दिया हुआ है। मेट्रो की डिटेल डिजाइन एजेंसी ने चौक पर अंडरपास के लिए उपयुक्त नहीं माना है। एजेंसी का कहना है कि अंडरपास बनाने के लिए और जगह की जरूरत होगी। यदि बनाया जाता है तो सर्विस रोड भी प्रभावित हो जाएगी। ऐसे में एजेंसी का कहना कि अंडरपास के बजाय चौक पर डबल डेकर कॉरिडोर बना दिया जाए। इससे चौक पर जाम की समस्या दूर हो जाएगी और मेट्रो कॉरिडोर पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि अब इस पर जीएमआरएल और जीएमडीए के अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें पूरे मामले में विचार किया जाएगा कि चौक पर क्या उपयुक्त होगा। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि प्राधिकरण ने अंडरपास तय किया है। डबल डेकर कॉरिडोर का प्रस्ताव जीएमआरएल का है।
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रेलवे स्टेशन को जोड़ने में भी तकनीकी पेंच
मेट्रो से गुड़गांव रेलवे स्टेशन को सीधे जोड़ने को प्रावधान पहले नहीं था। मेट्रो के डीपीआर में स्काईवॉक का विकल्प दिया गया था। हालांकि सार्वजनिक निवेश बोर्ड (पीआईबी) ने सुझाव दिया था गुड़गांव रेलवे स्टेशन को मेट्रो से जोड़ा जाए। जीएमआरएल ने सरकारी एजेंसी राइट्स से सेक्टर पांच मेट्रो स्टेशन से रेलवे स्टेशन का डीपीआर तैयार कराया है। जीएमआरएल की तकनीकी टीम ने पाया है कि गुड़गांव रेलवे स्टेशन का कॉरिडोर तकनीकी रूप से सही नहीं होगा। ऐसे में इस पर विचार करना चाहिए। जीएमआरएल का कहना है कि यह तकनीकी मामला है। इसे अभी परियोजना से बाहर नहीं किया गया है। जीएमआरएल की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। मेट्रो की मंजूर परियोजना को विश्व बैंक वित्तीय सहायता कर रहा है।