{"_id":"69cd60461f4263f9420466ee","slug":"empty-cylinders-heavy-hearts-people-leaving-the-city-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-83710-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: खाली सिलिंडर, भारी मन...शहर छोड़ते लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: खाली सिलिंडर, भारी मन...शहर छोड़ते लोग
विज्ञापन
विज्ञापन
गैस सिलिंडर की किल्लत, बुकिंग के 40 से 45 दिन बाद भी नहीं मिल पा रहा सिलिंडर
कुशाल रंंगा
बादशाहपुर। शहर में रसोई गैस के गहराते संकट ने आम जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। गैस एजेंसियों के बाहर लगी उपभोक्ताओं की लाइनें हालात की गंभीरता बता रही हैं। बुकिंग के 40 से 45 दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। बादशाहपुर, कन्हई और भोंडसी जैसे इलाकों में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर बिना ईंधन के भूखे पेट रहने को मजबूर हैं और भारी मन से अपने गांवों की ओर पलायन कर रहे हैं। एजेंसी कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि उच्चाधिकारियों के सख्त निर्देश हैं कि अभी कोई भी नया कनेक्शन जारी न किया जाए।
लोग बोले- तीन से नहीं बन रहा घर का खाना
गैस न मिल पाने के कारण तीन दिन से घर पर खाना नहीं बन पाया है। तीन दिन से होटल पर खाना खाने को मजबूर है। अगर गैस नहीं मिल पाएगी तो मजबूरन अपने घर वापस जाना पड़ेगा। - वंदना, भोंडसी
पिछले 42 दिन से सिलिंडर का इंतजार कर रहा हूं। घर में चूल्हा नहीं जल रहा है। होटल का खाना खाने के लिए पैसे नहीं है। अब मकान खाली करके गांव वापस जा रहा हूं। - रविंद्र सिंह, दौलताबाद
होटल पर काम करता था। गैस न मिल पाने के कारण ढाबा बंद करना पड़ा, जिसके कारण अब हम घर लौटने को मजबूर हैं। - दिनेश, निवासी राजेंद्र पार्क
अब 400-500 रुपये किलो के हिसाब से गैस मिल रही है। 600-700 रुपये प्रति दिन दिहाड़ी मिलती है और 500 रुपये की गैस खरीद पाना मुश्किल है, जिस कारण घर जाना पड़ेगा। - विष्णु, कार्टरपूरी
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
हलवाई भट्टियों पर खाना बनाने को मजबूर
सोहना। घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी ने स्थानीय व्यवसायियों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। हलवाई अब सिलेंडरों की अनुपलब्धता के कारण भट्टियों का प्रयोग कर रहे हैं। इससे वे गैस की कतारों और समय की परेशानी से बच पा रहे हैं। गैस की कमी के कारण खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों ने भी वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए हैं। कस्बे में धीरे-धीरे घरेलू गैस की उपलब्धता बढ़ने लगी है और गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतारें पहले की तुलना में काफी छोटी हो गई हैं। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
एलपीजी की कमी से पीजी व हॉस्टल की रसोई पर असर
गुरुग्राम/पटौदी। एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसका असर हॉस्टलों और पीजी में रहने वाली छात्राओं के जीवन पर भी पड़ रहा है, जहां गैस की कमी के चलते मीनू से कई व्यंजन गायब हो गए हैं। प्रबंधन अब इंडक्शन और पारंपरिक चूल्हों का सहारा ले रहा है।
वहीं, पटौदी क्षेत्र में रिफिल और केवाईसी की उलझनों के कारण उपभोक्ताओं की सुबह लंबी कतारों में बीत रही है। वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध और तनाव ने इस घरेलू संकट को और गहरा कर दिया है। इंडेन गैस संचालक जोगिन्द्र सिंह का कहना है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। हर रोज गोदाम में गैस की गाड़ियां आ रही हैं, फिर भी उपभोक्ता इसे लेकर हाहाकार मचा रहे हैं, समझ से परे स्थिति बनी हुई है।
इसके साथ ही जिले में रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। लोगों का कहना है कि निर्धारित 25 दिन पूरे होने के बावजूद भी वे ऑनलाइन सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण उन्हें गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और लंबी कतारों में घंटों खड़ा रहना पड़ता है। उपभोक्ताओं के अनुसार, ऑनलाइन व्यवस्था सुचारू रूप से काम नहीं कर रही है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। इसके अलावा, जिन उपभोक्ताओं ने बुकिंग कर भी ली है, उन्हें समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा है। कई मामलों में सिलिंडर कई दिन तक नहीं पहुंचता, जबकि रिकॉर्ड में उसे डिलिवर दिखा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और वे इसे गंभीर लापरवाही मान रहे हैं।
-- -- --
छात्राएं बोलीं- थाली के गायब हुए कई व्यंजन
पहले खाने में काफी विकल्प मिलते थे, लेकिन अब व्यंजन कम कर दिए गए हैं। रोज सीमित खाना मिलने से परेशानी होती है और कभी-कभी बाहर से खाना मंगवाना पड़ता है। -रिशु
अब मेन्यु में से कुछ चीजें हटा दी गई हैं। जो मिल रहा है उसी में काम चलाना पड़ रहा है, लेकिन लगातार ऐसा होना मुश्किल है। -लवन्या
खाने में कटौती का असर साफ दिख रहा है। पहले जैसा खाना अब नहीं मिल पा रहा, जिससे परेशानी बढ़ गई है। -स्नेहा
-- -- -- -- -- -- -- -- --
लोग बोले-पर्ची के लिए घंटों लाइन में खड़े होने को मजबूर
19 मार्च को ऑनलाइन गैस बुकिंग की थी, लेकिन जब पर्ची के लिए इंडेन एजेंसी पहुंचा तो गैस डिलीवर हो चुकी थी, जबकि मैंने अभी तक गैस ली भी नहीं। -सुरेश कुमार, जटशाहपुर
हमने गैस बुकिंग कराई थी लेकिन सिलिंडर नहीं भरा। 28 मार्च को मैसेज आया कि गैस डिलीवरी हो गई। अब एजेंसी जाकर लाइनों में लगकर जांच करूंगा।-- मामराज, भोकरका
गैस की ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद एजेंसी पर भारी उपभोक्ताओं की लाइन देखकर कई घंटे पर्ची के लिए खड़ा होना पड़ा।- दानवीर यादव, भोडाकलां
17 मार्च को नया गैस कनेक्शन लेने और सिक्योरिटी जमा करने के बावजूद अब तक सिलिंडर नहीं मिला। एजेंसी एक महीने का समय बता रही है, जिससे बाहर खाना महंगा पड़ रहा है। -अकिंत शर्मा, साउथ सिटी 2
बार-बार नियम बदलने से भ्रम की स्थिति है। सिलिंडर बुकिंग के बाद भी समय पर गैस नहीं मिल रही, किल्लत बनी हुई है। वहीं, प्रशासन इन समस्याओं से इन्कार कर रहा है। -बनवारी लाल शर्मा, दयानंद काॅलोनी
11 मार्च को सिलिंडर बुक किया था, लेकिन अब तक उसे प्राप्त नहीं हुआ। रिकॉर्ड में सिलिंडर डिलिवर्ड दिखाया जा रहा है, जिससे उपभोक्ता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -राम निवास कौशिक, राजेंद्र पार्क
गैस कंट्रोल रूम में पहले दिन पहुंचीं 126 शिकायतें
गुरुग्राम। जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध डायवर्जन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। डीसी अजय कुमार ने बताया कि आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से लघु सचिवालय के दूसरी मंजिल स्थित एनआईसी रूम में एलपीजी सेवाओं से जुड़ा 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। बीते मंगलवार से बुधवार तक कंट्रोल रूम में 126 शिकायतें दर्ज की गईं। अधिकतम शिकायतें सिलिंडर डिलिवर्ड न होने की प्राप्त हुई हैं। यहां उपभोक्ता गैस की कमी, आपूर्ति में देरी या किसी भी अनियमितता की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डीएफएससी डॉ. अशोक रावत ने जानकारी दी कि कंट्रोल रूम के नंबर 0124-2868930 पर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। संवाद
Trending Videos
कुशाल रंंगा
बादशाहपुर। शहर में रसोई गैस के गहराते संकट ने आम जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। गैस एजेंसियों के बाहर लगी उपभोक्ताओं की लाइनें हालात की गंभीरता बता रही हैं। बुकिंग के 40 से 45 दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। बादशाहपुर, कन्हई और भोंडसी जैसे इलाकों में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर बिना ईंधन के भूखे पेट रहने को मजबूर हैं और भारी मन से अपने गांवों की ओर पलायन कर रहे हैं। एजेंसी कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि उच्चाधिकारियों के सख्त निर्देश हैं कि अभी कोई भी नया कनेक्शन जारी न किया जाए।
लोग बोले- तीन से नहीं बन रहा घर का खाना
गैस न मिल पाने के कारण तीन दिन से घर पर खाना नहीं बन पाया है। तीन दिन से होटल पर खाना खाने को मजबूर है। अगर गैस नहीं मिल पाएगी तो मजबूरन अपने घर वापस जाना पड़ेगा। - वंदना, भोंडसी
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले 42 दिन से सिलिंडर का इंतजार कर रहा हूं। घर में चूल्हा नहीं जल रहा है। होटल का खाना खाने के लिए पैसे नहीं है। अब मकान खाली करके गांव वापस जा रहा हूं। - रविंद्र सिंह, दौलताबाद
होटल पर काम करता था। गैस न मिल पाने के कारण ढाबा बंद करना पड़ा, जिसके कारण अब हम घर लौटने को मजबूर हैं। - दिनेश, निवासी राजेंद्र पार्क
अब 400-500 रुपये किलो के हिसाब से गैस मिल रही है। 600-700 रुपये प्रति दिन दिहाड़ी मिलती है और 500 रुपये की गैस खरीद पाना मुश्किल है, जिस कारण घर जाना पड़ेगा। - विष्णु, कार्टरपूरी
हलवाई भट्टियों पर खाना बनाने को मजबूर
सोहना। घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी ने स्थानीय व्यवसायियों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। हलवाई अब सिलेंडरों की अनुपलब्धता के कारण भट्टियों का प्रयोग कर रहे हैं। इससे वे गैस की कतारों और समय की परेशानी से बच पा रहे हैं। गैस की कमी के कारण खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों ने भी वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए हैं। कस्बे में धीरे-धीरे घरेलू गैस की उपलब्धता बढ़ने लगी है और गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतारें पहले की तुलना में काफी छोटी हो गई हैं। संवाद
एलपीजी की कमी से पीजी व हॉस्टल की रसोई पर असर
गुरुग्राम/पटौदी। एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसका असर हॉस्टलों और पीजी में रहने वाली छात्राओं के जीवन पर भी पड़ रहा है, जहां गैस की कमी के चलते मीनू से कई व्यंजन गायब हो गए हैं। प्रबंधन अब इंडक्शन और पारंपरिक चूल्हों का सहारा ले रहा है।
वहीं, पटौदी क्षेत्र में रिफिल और केवाईसी की उलझनों के कारण उपभोक्ताओं की सुबह लंबी कतारों में बीत रही है। वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध और तनाव ने इस घरेलू संकट को और गहरा कर दिया है। इंडेन गैस संचालक जोगिन्द्र सिंह का कहना है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। हर रोज गोदाम में गैस की गाड़ियां आ रही हैं, फिर भी उपभोक्ता इसे लेकर हाहाकार मचा रहे हैं, समझ से परे स्थिति बनी हुई है।
इसके साथ ही जिले में रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। लोगों का कहना है कि निर्धारित 25 दिन पूरे होने के बावजूद भी वे ऑनलाइन सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण उन्हें गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और लंबी कतारों में घंटों खड़ा रहना पड़ता है। उपभोक्ताओं के अनुसार, ऑनलाइन व्यवस्था सुचारू रूप से काम नहीं कर रही है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। इसके अलावा, जिन उपभोक्ताओं ने बुकिंग कर भी ली है, उन्हें समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा है। कई मामलों में सिलिंडर कई दिन तक नहीं पहुंचता, जबकि रिकॉर्ड में उसे डिलिवर दिखा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और वे इसे गंभीर लापरवाही मान रहे हैं।
छात्राएं बोलीं- थाली के गायब हुए कई व्यंजन
पहले खाने में काफी विकल्प मिलते थे, लेकिन अब व्यंजन कम कर दिए गए हैं। रोज सीमित खाना मिलने से परेशानी होती है और कभी-कभी बाहर से खाना मंगवाना पड़ता है। -रिशु
अब मेन्यु में से कुछ चीजें हटा दी गई हैं। जो मिल रहा है उसी में काम चलाना पड़ रहा है, लेकिन लगातार ऐसा होना मुश्किल है। -लवन्या
खाने में कटौती का असर साफ दिख रहा है। पहले जैसा खाना अब नहीं मिल पा रहा, जिससे परेशानी बढ़ गई है। -स्नेहा
लोग बोले-पर्ची के लिए घंटों लाइन में खड़े होने को मजबूर
19 मार्च को ऑनलाइन गैस बुकिंग की थी, लेकिन जब पर्ची के लिए इंडेन एजेंसी पहुंचा तो गैस डिलीवर हो चुकी थी, जबकि मैंने अभी तक गैस ली भी नहीं। -सुरेश कुमार, जटशाहपुर
हमने गैस बुकिंग कराई थी लेकिन सिलिंडर नहीं भरा। 28 मार्च को मैसेज आया कि गैस डिलीवरी हो गई। अब एजेंसी जाकर लाइनों में लगकर जांच करूंगा।
गैस की ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद एजेंसी पर भारी उपभोक्ताओं की लाइन देखकर कई घंटे पर्ची के लिए खड़ा होना पड़ा।- दानवीर यादव, भोडाकलां
17 मार्च को नया गैस कनेक्शन लेने और सिक्योरिटी जमा करने के बावजूद अब तक सिलिंडर नहीं मिला। एजेंसी एक महीने का समय बता रही है, जिससे बाहर खाना महंगा पड़ रहा है। -अकिंत शर्मा, साउथ सिटी 2
बार-बार नियम बदलने से भ्रम की स्थिति है। सिलिंडर बुकिंग के बाद भी समय पर गैस नहीं मिल रही, किल्लत बनी हुई है। वहीं, प्रशासन इन समस्याओं से इन्कार कर रहा है। -बनवारी लाल शर्मा, दयानंद काॅलोनी
11 मार्च को सिलिंडर बुक किया था, लेकिन अब तक उसे प्राप्त नहीं हुआ। रिकॉर्ड में सिलिंडर डिलिवर्ड दिखाया जा रहा है, जिससे उपभोक्ता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -राम निवास कौशिक, राजेंद्र पार्क
गैस कंट्रोल रूम में पहले दिन पहुंचीं 126 शिकायतें
गुरुग्राम। जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध डायवर्जन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। डीसी अजय कुमार ने बताया कि आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से लघु सचिवालय के दूसरी मंजिल स्थित एनआईसी रूम में एलपीजी सेवाओं से जुड़ा 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। बीते मंगलवार से बुधवार तक कंट्रोल रूम में 126 शिकायतें दर्ज की गईं। अधिकतम शिकायतें सिलिंडर डिलिवर्ड न होने की प्राप्त हुई हैं। यहां उपभोक्ता गैस की कमी, आपूर्ति में देरी या किसी भी अनियमितता की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डीएफएससी डॉ. अशोक रावत ने जानकारी दी कि कंट्रोल रूम के नंबर 0124-2868930 पर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। संवाद