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Gurugram News: नाकाम इंतजाम, हौसला लाजवाब
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हौसले बुलंद पर व्यवस्था ने तोड़ा दम
मिलेनियम सिटी की सड़कों पर उमड़ने लगा कांवड़ियों का सैलाब
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सावन के पावन महीने में शिवरात्रि का त्योहार नजदीक आते ही मिलेनियम सिटी की सड़कों पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ने लगा है। भोले के भक्तों का उत्साह सातवें आसमान पर है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी तरह कागजी साबित हो रही हैं। यातायात पुलिस ने मार्ग पर बैनर-पोस्टर लगाकर अपनी जिम्मेदारी तो पूरी कर ली, लेकिन सुरक्षा और व्यवस्था संभालने के लिए जमीन पर पुलिसकर्मी नदारद हैं। कांवड़ियों के लिए सुरक्षित बनाई गई विशेष लेन में भरा बारिश का पानी, कीचड़ और अवैध रूप से खड़े वाहन प्रशासन की पोल खोल रहे हैं। इसके बावजूद, बदइंतजामी पर कांवड़ियों का अटूट हौसला और आस्था भारी पड़ रही है। शनिवार की दोपहर को पड़ताल की गई तो सिग्नेचर टावर से राजीव चौक के बीच में सिर्फ झाड़सा फ्लाईओवर के पास दो पुलिसकर्मी तैनात पाए गए ।
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मनोकामना के अनुसार ला रहे कांवड़
पत्नी के बीमार होने पर महादेव से उसके ठीक होने के बाद कांवड़ लाने की मनोकामना की थी। पत्नी के ठीक होने के बाद मनोकामना के अनुसार पूरी आस्था के साथ कांवड़ लेकर आए हैं। -मनोज कुमार, फिदेड़ी गांव, रेवाड़ी
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कई साल पहले दोस्तों के साथ कांवड़ लेकर आना शुरू किया था। शिवशंकर में ऐसी आस्था हुई कि पिछले कई सालों से लगातार कांवड़ लेकर आ रहा हूं। कई बार डाक कांवड़ व पैदल कांवड़ लेकर आए हैं। - सुशील, हरचंदपुर गांव, रेवाड़ी
परिवार में सुख-शांति की मनोकामना रखते हुए हर साल महादेव की कांवड़ लेकर आते हैं। यह उनकी पांचवीं कांवड़ है और भविष्य में भी भोलेनाथ में आस्था रखते हुए कांवड़ लेकर आएंगे। - देवेंद्र शर्मा, तिजारा, राजस्थान
वे हरिद्वार से 12 बार कांवड़ ला चुके हैं। कांवड़ उठाने के बाद जिस तरफ मन होता है, कांवड़ लेकर चल पड़ते हैं। शिवरात्रि पर जिस क्षेत्र में पहुंचते हैं वहीं, मंदिर में गंगाजल चढ़ाकर कांवड़ पूरी करते हैं। - निरंजन दास, वृंदावन
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मिलेनियम सिटी की सड़कों पर उमड़ने लगा कांवड़ियों का सैलाब
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सावन के पावन महीने में शिवरात्रि का त्योहार नजदीक आते ही मिलेनियम सिटी की सड़कों पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ने लगा है। भोले के भक्तों का उत्साह सातवें आसमान पर है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी तरह कागजी साबित हो रही हैं। यातायात पुलिस ने मार्ग पर बैनर-पोस्टर लगाकर अपनी जिम्मेदारी तो पूरी कर ली, लेकिन सुरक्षा और व्यवस्था संभालने के लिए जमीन पर पुलिसकर्मी नदारद हैं। कांवड़ियों के लिए सुरक्षित बनाई गई विशेष लेन में भरा बारिश का पानी, कीचड़ और अवैध रूप से खड़े वाहन प्रशासन की पोल खोल रहे हैं। इसके बावजूद, बदइंतजामी पर कांवड़ियों का अटूट हौसला और आस्था भारी पड़ रही है। शनिवार की दोपहर को पड़ताल की गई तो सिग्नेचर टावर से राजीव चौक के बीच में सिर्फ झाड़सा फ्लाईओवर के पास दो पुलिसकर्मी तैनात पाए गए ।
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मनोकामना के अनुसार ला रहे कांवड़
पत्नी के बीमार होने पर महादेव से उसके ठीक होने के बाद कांवड़ लाने की मनोकामना की थी। पत्नी के ठीक होने के बाद मनोकामना के अनुसार पूरी आस्था के साथ कांवड़ लेकर आए हैं। -मनोज कुमार, फिदेड़ी गांव, रेवाड़ी
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कई साल पहले दोस्तों के साथ कांवड़ लेकर आना शुरू किया था। शिवशंकर में ऐसी आस्था हुई कि पिछले कई सालों से लगातार कांवड़ लेकर आ रहा हूं। कई बार डाक कांवड़ व पैदल कांवड़ लेकर आए हैं। - सुशील, हरचंदपुर गांव, रेवाड़ी
परिवार में सुख-शांति की मनोकामना रखते हुए हर साल महादेव की कांवड़ लेकर आते हैं। यह उनकी पांचवीं कांवड़ है और भविष्य में भी भोलेनाथ में आस्था रखते हुए कांवड़ लेकर आएंगे। - देवेंद्र शर्मा, तिजारा, राजस्थान
वे हरिद्वार से 12 बार कांवड़ ला चुके हैं। कांवड़ उठाने के बाद जिस तरफ मन होता है, कांवड़ लेकर चल पड़ते हैं। शिवरात्रि पर जिस क्षेत्र में पहुंचते हैं वहीं, मंदिर में गंगाजल चढ़ाकर कांवड़ पूरी करते हैं। - निरंजन दास, वृंदावन