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Gurugram News: पांच महीने बाद भी खेल विभाग की फाइलों में कैद स्पीड क्लाइंबिंग वॉल योजना
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गुरुग्राम समेत चार जिलों में एडवेंचर खेलों को बढ़ावा देने की हुई थी घोषणा, लेकिन जमीन पर काम नहीं हुआ शुरू
न तो निर्माण स्थल तय हुआ है और न ही टेंडर प्रक्रिया पूरी हो सकी है
गुरुग्राम। हरियाणा में खिलाड़ियों को पारंपरिक खेलों के साथ-साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स से जोड़ने के लिए बनाई गई योजना अधर में लटकी हुई है। खेल विभाग ने करीब पांच महीने पहले एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की घोषणा की थी। इसके तहत गुरुग्राम, रोहतक, हिसार और अंबाला में स्पीड क्लाइंबिंग वॉल बनाने की योजना थी। विभाग ने दावा किया था कि इससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। हालांकि, घोषणा के पांच महीने बाद भी इस परियोजना पर कोई ठोस काम शुरू नहीं हो पाया है। जिले में न तो निर्माण स्थल तय हुआ है और न ही टेंडर प्रक्रिया पूरी हो सकी है।
योजना के तहत स्पीड क्लाइंबिंग वॉल करीब 15 मीटर ऊंची बनाई जाएगी। इसमें खिलाड़ी तय समय में दीवार पर तेजी से चढ़ाई करेंगे। यह खेल ओलिंपिक में शामिल होने के बाद युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। विभाग ने इसे हरियाणा में एडवेंचर स्पोर्ट्स की बड़ी पहल बताया था। लेकिन अब यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि समय रहते यह सुविधाएं शुरू नहीं हुईं तो प्रदेश के खिलाड़ी दूसरे राज्यों से पिछड़ जाएंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि स्पीड क्लाइंबिंग जैसे खेलों में शुरुआती उम्र से प्रशिक्षण लेना जरूरी होता है। इसके लिए आधुनिक उपकरण और योग्य प्रशिक्षकों की आवश्यकता होती है। लेकिन विभाग की ओर से अभी तक किसी प्रकार की तैयारी नजर नहीं आ रही है। जिले में बड़ी संख्या में युवा फिटनेस और एडवेंचर खेलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। खेल विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली खिलाड़ियों की उम्मीदों पर पानी फेरती दिखाई दे रही है।
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स्पीड क्लाइंबिंग वॉल को लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया जारी है। तकनीकी मंजूरी और अन्य औपचारिकताओं के कारण कार्य में समय लग रहा है। विभाग की कोशिश है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधा मिल सकेगी। - आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी
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न तो निर्माण स्थल तय हुआ है और न ही टेंडर प्रक्रिया पूरी हो सकी है
गुरुग्राम। हरियाणा में खिलाड़ियों को पारंपरिक खेलों के साथ-साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स से जोड़ने के लिए बनाई गई योजना अधर में लटकी हुई है। खेल विभाग ने करीब पांच महीने पहले एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की घोषणा की थी। इसके तहत गुरुग्राम, रोहतक, हिसार और अंबाला में स्पीड क्लाइंबिंग वॉल बनाने की योजना थी। विभाग ने दावा किया था कि इससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। हालांकि, घोषणा के पांच महीने बाद भी इस परियोजना पर कोई ठोस काम शुरू नहीं हो पाया है। जिले में न तो निर्माण स्थल तय हुआ है और न ही टेंडर प्रक्रिया पूरी हो सकी है।
योजना के तहत स्पीड क्लाइंबिंग वॉल करीब 15 मीटर ऊंची बनाई जाएगी। इसमें खिलाड़ी तय समय में दीवार पर तेजी से चढ़ाई करेंगे। यह खेल ओलिंपिक में शामिल होने के बाद युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। विभाग ने इसे हरियाणा में एडवेंचर स्पोर्ट्स की बड़ी पहल बताया था। लेकिन अब यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि समय रहते यह सुविधाएं शुरू नहीं हुईं तो प्रदेश के खिलाड़ी दूसरे राज्यों से पिछड़ जाएंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि स्पीड क्लाइंबिंग जैसे खेलों में शुरुआती उम्र से प्रशिक्षण लेना जरूरी होता है। इसके लिए आधुनिक उपकरण और योग्य प्रशिक्षकों की आवश्यकता होती है। लेकिन विभाग की ओर से अभी तक किसी प्रकार की तैयारी नजर नहीं आ रही है। जिले में बड़ी संख्या में युवा फिटनेस और एडवेंचर खेलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। खेल विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली खिलाड़ियों की उम्मीदों पर पानी फेरती दिखाई दे रही है।
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स्पीड क्लाइंबिंग वॉल को लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया जारी है। तकनीकी मंजूरी और अन्य औपचारिकताओं के कारण कार्य में समय लग रहा है। विभाग की कोशिश है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधा मिल सकेगी। - आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी
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