सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Former Pharmacist Swindled Under Pretext of Job Reinstatement

Gurugram News: नौकरी बहाल कराने के नाम पर पूर्व फार्मासिस्ट से ठगी

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 01:33 AM IST
विज्ञापन
Former Pharmacist Swindled Under Pretext of Job Reinstatement
विज्ञापन
-अक्तूबर 2024 में भ्रष्टाचार के मामले में विभाग ने हाजिरी पर लगा दी थी रोक

-पिता पुत्र ने जिला उपायुक्त कार्यालय में प्रभाव का हवाला देकर झांसे में लिया
-शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन में जुटी हुई है पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी

पलवल।
जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत रहे आयुष विभाग के पूर्व फार्मासिस्ट से नौकरी पर दोबारा बहाल कराने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पिता-पुत्र ने जिला उपायुक्त कार्यालय में पहुंच और प्रभाव का हवाला देकर पीड़ित को झांसे में लिया और लाखों रुपये ऐंठ लिए। शहर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार हथीन क्षेत्र के गांव टोंका निवासी उम्मर मौहम्मद जिला अस्पताल में आयुष विभाग में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात था। अक्टूबर 2024 में भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तारी के बाद विभाग ने उनकी हाजिरी पर रोक लगा दी थी। इसी दौरान वर्ष 2021-22 में उनके अधीन प्रशिक्षण ले चुके हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी अरुण कुमार उर्फ सोनू ने उनसे संपर्क किया। पीड़ित का आरोप है कि अरुण ने दावा किया कि उसकी चाची सुनीता उपायुक्त कार्यालय में कार्यरत हैं। उसके पिता डोरीलाल तथा राजेश कुमार की पहुंच के जरिए वह मात्र 15 दिनों में उनकी नौकरी बहाल करवा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद अरुण ने उम्मर मौहम्मद को अपने घर बुलाकर अपने पिता राजेश कुमार से मिलवाया। राजेश पेशे से अध्यापक बताए गए हैं। शिकायत के मुताबिक राजेश ने भरोसा दिलाया कि यदि काम नहीं हुआ तो पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों की बातों में आकर उम्मर मौहम्मद ने अपने घर के सोने-चांदी के जेवर गिरवी रख दिए और सितंबर 2025 में दो किस्तों में नौ लाख रुपये नगद दिए। इसके बाद भी आरोपी अरुण अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगता रहा। कभी चंडीगढ़ जाने, कभी नया मोबाइल खरीदने और कभी कार की बुकिंग कराने के नाम पर उसने फोन-पे के माध्यम से एक लाख दस हजार रुपये और ले लिए। इस तरह कुल 10 लाख 10 हजार रुपये की ठगी कर ली गई।
विज्ञापन
Trending Videos




काफी समय बीतने के बावजूद नौकरी बहाल नहीं हुई तो पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे। दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने करीब चार लाख रुपये लौटा दिए, लेकिन शेष रकम देने में आनाकानी करने लगे। शिकायत के अनुसार 25 मार्च को जब उम्मर मौहम्मद बकाया राशि लेने आरोपियों के घर पहुंचे तो उनके साथ अभद्रता की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर शहर थाना पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में व्हाट्सएप चैट, फोन रिकॉर्डिंग और डिजिटल लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।

----------------------------------------------
पहले भी लगते रहे हैं भ्रष्टाचार के आरोप :

पलवल। जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर पहले भी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। पिछले सात महीनों में नौकरी बहाल कराने के नाम पर ठगी, गन लाइसेंस जारी करने के बदले पैसे मांगने के आरोप, अधूरे विकास कार्यों के बावजूद करोड़ों रुपये के भुगतान और नगर परिषद में कथित घोटालों जैसे कई मामले सामने आ चुके हैं।

गन लाइसेंस बनाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप :

जिला उपायुक्त कार्यालय पर गन लाइसेंस बनवाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप लग चुका हैं। एडवोकेट दीपक चौहान ने हाल ही में आयोजित प्रेस वार्ता में दावा किया कि गन लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में अवैध रूप से रुपये मांगे जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अलावलपुर के एक युवक ने उनसे संपर्क कर लाइसेंस बनवाने के एवज में पैसे की मांग की। दीपक चौहान ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

बिना काम पूरा हुए 33 करोड़ के भुगतान पर विजिलेंस जांच के निर्देश :

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की 8 मई को आयोजित बैठक में बिना कार्य पूरा हुए 33 करोड़ रुपये के भुगतान का मामला सामने आया था। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई गई थी। मंत्री ने अधूरे कार्यों के बावजूद ठेकेदार को पैसे भुगतान किए जाने पर नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की विजिलेंस जांच कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।

नगर परिषद घोटालों की विजिलेंस जांच के निर्देश :

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की 22 दिसंबर को आयोजित बैठक में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने नगर परिषद पलवल में सामने आए कथित घोटालों और अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया था। बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने उपायुक्त को नगर परिषद के कार्यों की विजिलेंस जांच कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed