Twisha Case: हिरासत में ली गईं गिरिबाला सिंह? रात में रद्द हुई थी अग्रिम जमानत, सुबह से पूछताछ कर रही थी CBI
त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद सीबीआई टीम गुरुवार को उनके भोपाल स्थित घर पहुंची। उनको हिरासत में ले लिया है। वहीं, हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद एजेंसी ने पूछताछ और मामले की जांच तेज कर दी है। पढ़ें पूरी खबर
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भोपाल के त्विषा शर्मा मामले में आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द होने के एक दिन बाद गुरुवार को सीबीआई की टीम उनके भोपाल स्थित घर पहुंची। सूत्रों कि मानें तो टीम ने गिरिबाला सिंह को हिरासत में ले लिया है। सीबीआई अधिकारियों की टीम राजधानी के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित गिरिबाला सिंह के आवास में प्रवेश करती नजर आई। सूत्रों के मुताबिक, हाईकोर्ट के आदेश के बाद एजेंसी ने गिरिबाला सिंह से पूछताछ की।
गौरतलब है कि 15 मई को सत्र न्यायालय ने पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी। उन पर अपने बेटे समर्थ सिंह के साथ दहेज प्रताड़ना से जुड़े आरोप हैं। समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं और फिलहाल सीबीआई की हिरासत में हैं। सीबीआई ने इस सप्ताह की शुरुआत में मध्य प्रदेश पुलिस से मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।
जानें कोर्ट ने आदेश में क्या कहा है?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने संबंधी याचिकाओं को स्वीकार कर लिया था। न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा ने अपने 17 पृष्ठों के आदेश में कहा कि मामले के तथ्य और प्रतिवादी गिरिबाला सिंह पर लगाए गए आरोपों को देखते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा दी गई अग्रिम जमानत निरस्त किए जाने योग्य है।
सीबीआई ने सोमवार को औपचारिक रूप से त्विषा शर्मा मौत मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल घर में फांसी पर लटकी मिली थीं। एजेंसी ने पहले मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर को दोबारा पंजीबद्ध किया है।
सुनवाई के दौरान त्विषा शर्मा के परिवार की ओर से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि मृतका को ससुराल में मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था और वह वहां “बुरी तरह फंसी हुई” थी।
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'गिरिबाला सिंह ने सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश की'
याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में यह भी आरोप लगाया कि अग्रिम जमानत मिलने के बाद गिरिबाला सिंह ने सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश की। अदालत में दी गई दलीलों के अनुसार, पुलिस ने 13 मई को गिरिबाला सिंह के घर से सीसीटीवी फुटेज जब्त किए थे, लेकिन बाद में चुनिंदा क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए, जिससे जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि मामले के आरोपों और परिस्थितियों को देखते हुए ट्रायल कोर्ट को अग्रिम जमानत देने से पहले साक्ष्यों का अधिक गंभीरता से परीक्षण करना चाहिए था।

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