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Gurugram News: बर्खास्त सरपंच और सचिव पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश
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-उपमंडल की ग्राम पंचायत चीला का मामला, रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने पर कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल की ग्राम पंचायत चीला का रिकॉर्ड वर्तमान सरपंच को नहीं सौंपने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिला उपायुक्त की ओर से करीब एक महीना पहले बर्खास्त पूर्व सरपंच और तत्कालीन ग्राम सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए जाने के बावजूद अब तक पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर वर्तमान सरपंच पक्ष ने स्थानीय प्रशासन और पंचायत विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार उपायुक्त नूंह द्वारा 29 अप्रैल को जारी पत्र में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, तावडू को निर्देश दिए गए थे कि ग्राम पंचायत चीला का पूरा रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया जाए तथा तत्कालीन ग्राम सचिव रामसिंह और पूर्व पदच्युत सरपंच निसवा पत्नी अल्तमश के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदेश में कहा गया कि दोनों ने आपसी मिलीभगत से पंचायत का रिकॉर्ड बहुमत वाले पंचों और बाद में निर्वाचित वर्तमान सरपंच को नहीं सौंपा। इसके चलते ग्राम सचिव के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा नियमावली के तहत विभागीय कार्रवाई करने और दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
वर्तमान सरपंच के प्रतिनिधि खालिद ने बताया कि उनकी बेटी उपचुनाव में ग्राम पंचायत चीला की सरपंच निर्वाचित हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरपंच के बर्खास्त होने के बाद भी पंचायत का रिकॉर्ड नहीं सौंपा गया और बाद में नई सरपंच के चुने जाने के बावजूद रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पंचायत विभाग और जिला प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार उपायुक्त ने कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए, लेकिन करीब एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस स्तर पर कार्रवाई नहीं हो सकी। वहीं तावडू के बीडीपीओ अरुण कुमार यादव का कहना है कि उन्हें यह पत्र तीन दिन पहले ही प्राप्त हुआ है और उपायुक्त के आदेशों के अनुसार नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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तावडू। उपमंडल की ग्राम पंचायत चीला का रिकॉर्ड वर्तमान सरपंच को नहीं सौंपने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिला उपायुक्त की ओर से करीब एक महीना पहले बर्खास्त पूर्व सरपंच और तत्कालीन ग्राम सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए जाने के बावजूद अब तक पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर वर्तमान सरपंच पक्ष ने स्थानीय प्रशासन और पंचायत विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार उपायुक्त नूंह द्वारा 29 अप्रैल को जारी पत्र में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, तावडू को निर्देश दिए गए थे कि ग्राम पंचायत चीला का पूरा रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया जाए तथा तत्कालीन ग्राम सचिव रामसिंह और पूर्व पदच्युत सरपंच निसवा पत्नी अल्तमश के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदेश में कहा गया कि दोनों ने आपसी मिलीभगत से पंचायत का रिकॉर्ड बहुमत वाले पंचों और बाद में निर्वाचित वर्तमान सरपंच को नहीं सौंपा। इसके चलते ग्राम सचिव के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा नियमावली के तहत विभागीय कार्रवाई करने और दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
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वर्तमान सरपंच के प्रतिनिधि खालिद ने बताया कि उनकी बेटी उपचुनाव में ग्राम पंचायत चीला की सरपंच निर्वाचित हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरपंच के बर्खास्त होने के बाद भी पंचायत का रिकॉर्ड नहीं सौंपा गया और बाद में नई सरपंच के चुने जाने के बावजूद रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पंचायत विभाग और जिला प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार उपायुक्त ने कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए, लेकिन करीब एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस स्तर पर कार्रवाई नहीं हो सकी। वहीं तावडू के बीडीपीओ अरुण कुमार यादव का कहना है कि उन्हें यह पत्र तीन दिन पहले ही प्राप्त हुआ है और उपायुक्त के आदेशों के अनुसार नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।