10 सेकंड में मारीं चार गोलियां: पैरोल पर आए पूर्व एनएसजी कमांडो की हत्या, बेटी की शादी के लिए आया था बाहर
कासन गांव में वीरवार सुबह पूर्व एनएसजी कमांडो सुंदर फौजी (55) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह बेटी की शादी के लिए पैरोल पर बाहर आया था। सुंदर फौजी ने अप्रैल 2018 में पूर्व सरपंच बहादुर की हत्या की थी।
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गुरुग्राम के कासन गांव में बेटी की शादी के लिए 70 दिन के पैरोल पर बाहर आए पूर्व एनएसजी कमांडो की वीरवार सुबह चार गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। मृतक सुंदर फौजी (55) को अप्रैल 2018 में पूर्व सरपंच बहादुर की हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी, तब से वह जेल में था और एक महीना पहले पहले ही बाहर आया था।
आईएमटी मानेसर थाने की पुलिस के अनुसार, वीरवार सुबह करीब 8:30 बजे सैर करने के बाद वह गांव में मोनी बाबा के चबूतरे पर अन्य ग्रामीणों के साथ बैठा था। इसी दौरान दो युवकों ने आकर पिस्टल व कट्टे से फायरिंग करनी शुरू कर दी। गोलियां लगते ही वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद भी युवकों ने उस पर गोलियां बरसाईं। इसके बाद दोनों आरोपी हवा में फायर करते हुए मौके से भाग गए।
पुलिस ने सीन ऑफ क्राइम, फिंगरप्रिंट और फोरेंसिक टीमों को बुलाकर घटनास्थल का निरीक्षण कराया व साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस के अनुसार सरपंच पिता की हत्या का बदला लेने के लिए उसके बेटे और एक साथी ने इस वारदात को अंजाम दिया है। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी मिली है।
मात्र 10 सेकंड में ही हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है। जांच अधिकारी व एसआई सुभाष ने बताया कि मृतक के परिजनों की शिकायत पर बहादुर के बेटे रोहन व उसके साथी गणेश उर्फ गुलशन, सतपाल, मनोज, राहुल, बुच्चा, संतोष व सरला के खिलाफ हत्या मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। परिजनों ने अन्य कई लोगों पर भी रेकी करने के आरोप लगाए हैं। आरोपी फरार हैं।
अप्रैल 2018 में की थी पूर्व सरपंच की हत्या
सुंदर ने 12 अप्रैल 2018 को कासन गांव के सरपंच बहादुर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सरपंच बहादुर भी फौज से सेवानिवृत था। दोनों में गहरी दोस्ती थी लेकिन बाद में किसी बात पर दोनों के बीच रंजिश हो गई थी। हत्या के बाद सुंदर फौजी ने थाने में जाकर आत्मसमर्पण भी कर दिया था। सरपंच की हत्या मामले में उसे उम्र कैद की सजा हुई थी और तब से ही वह जेल में बंद था।
अब आठ साल बाद 29 मार्च को वह पैरोल पर बाहर आया था और परिवार के साथ गांव में ही रह रहा था। सुंदर की पत्नी मंजू रानी ने बताया कि उनकी बेटी की 20 अप्रैल को शादी थी। बताया कि सरपंच बहादुर ने उनके पति से करीब दो करोड़ रुपये लिए हुए थे। इन रुपयों को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था जिसमें सरपंच बहादुर की हत्या हुई थी।
