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Gurugram News: सेक्टर-89ए में बिजली संकट पर भड़के निवासी, आधी रात पटौदी रोड किया जाम
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विरोध के बाद बहाल हुई सप्लाई, खत्म किया जाम, लंबे समय से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ठप होने की भी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-89ए स्थित अडानी आंगन अफोर्डेबल होम्स में 24 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे परेशान निवासियों ने बुधवार देर रात पटौदी रोड पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग सोसाइटी से बाहर निकलकर सड़क पर बैठ गए और प्रशासन व बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बिजली बहाल होने के बाद निवासी रोड से हट गए हैं, लेकिन 24 घंटे में स्थायी समाधान करने की चेतावनी भी दी है।
नागरिक बिजली बहाल होने तक जाम हटाने को तैयार नहीं थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सेक्टर-88ए और 89ए की इस सोसाइटी में बिजली कटौती अब आम बात हो गई है। बार-बार बिजली जाने से खासकर बच्चों और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निवासी सच्चिदानंद ने कहा कि यहां बिजली जैसी जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। वहीं सोनाली ने बताया कि सिर्फ बिजली ही नहीं बल्कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी भी लंबे समय से बंद पड़ा है। गंदा पानी ओवरफ्लो हो रहा है जिससे बदबू फैल रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
निवासियों का आरोप है कि कई घंटों तक शिकायत करने के बावजूद न तो बिल्डर और न ही बिजली विभाग की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि जैसे ही उन्होंने सड़क जाम किया तुरंत बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं। निवासियों ने यह भी कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग के नाम पर उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद उन्हें पानी और बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पिछले दो वर्षों में कई बार लिखित और ऑनलाइन शिकायतें करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो वे इस मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग तक ले जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-89ए स्थित अडानी आंगन अफोर्डेबल होम्स में 24 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे परेशान निवासियों ने बुधवार देर रात पटौदी रोड पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग सोसाइटी से बाहर निकलकर सड़क पर बैठ गए और प्रशासन व बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बिजली बहाल होने के बाद निवासी रोड से हट गए हैं, लेकिन 24 घंटे में स्थायी समाधान करने की चेतावनी भी दी है।
नागरिक बिजली बहाल होने तक जाम हटाने को तैयार नहीं थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सेक्टर-88ए और 89ए की इस सोसाइटी में बिजली कटौती अब आम बात हो गई है। बार-बार बिजली जाने से खासकर बच्चों और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निवासी सच्चिदानंद ने कहा कि यहां बिजली जैसी जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। वहीं सोनाली ने बताया कि सिर्फ बिजली ही नहीं बल्कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी भी लंबे समय से बंद पड़ा है। गंदा पानी ओवरफ्लो हो रहा है जिससे बदबू फैल रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
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निवासियों का आरोप है कि कई घंटों तक शिकायत करने के बावजूद न तो बिल्डर और न ही बिजली विभाग की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि जैसे ही उन्होंने सड़क जाम किया तुरंत बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं। निवासियों ने यह भी कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग के नाम पर उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद उन्हें पानी और बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पिछले दो वर्षों में कई बार लिखित और ऑनलाइन शिकायतें करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो वे इस मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग तक ले जाएंगे।
