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Gurugram News: होम्योपैथी को अधिक मजबूत बनाने के लिए रोडमैप पर काम कर रही सरकारः स्वास्थ्य मंत्री
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-120 होम्योपैथिक डिस्पेंसरी में हर वर्ष लगभग 19 लाख मरीज परामर्श के लिए रहे पहुंच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर इंटीग्रेटिव मेडिसिन के युग में होम्योपैथी: परंपराओं को जोड़ना, स्वास्थ्य को आगे बढ़ाना विषय पर एक वैज्ञानिक सेमिनार हुआ। इसका आयोजन पहली बार दिल्ली राज्य आयुष सोसायटी और आयुष निदेशालय, दिल्ली सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जो पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में सरकार होम्योपैथी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए स्पष्ट और दूरदर्शी रोडमैप पर काम कर रही है। विशेष रूप से जीवनशैली से संबंधी बीमारियों और तनाव-संबंधी समस्याओं के बढ़ते बोझ को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं। होम्योपैथी को सुरक्षित, सौम्य और दीर्घकालिक उपचार पद्धति के कारण लोगों के बीच अब तेजी से स्वीकार्यता मिल रही है। यह निवारक व प्रोत्साहक स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
दिल्ली में 120 से अधिक होम्योपैथिक डिस्पेंसरी संचालित हो रही हैं, जहां प्रतिवर्ष लगभग 19 लाख मरीजों को निशुल्क परामर्श और दवाएं उपलब्ध करा रही हैं। सरकार नए पॉलीक्लिनिक खोलने, स्टाफ की कमी को दूर करने और विशेष रूप से उन क्षेत्रों में पहुंच का विस्तार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है।
उन्होंने मानस स्वास्थ्य विजन के अनुरूप इंटीग्रेटेड आयुष स्ट्रेस मैनेजमेंट पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम की भी जानकारी दी। जिसका उद्देश्य आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी के संयुक्त दृष्टिकोण के माध्यम से मनोदैहिक विकारों का समाधान करना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष और एलोपैथिक सेवाओं के साथ एकीकृत करने के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। ताकि मरीजों को एक ही छत के नीचे इलाज के कई विकल्प मिल सकें।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर इंटीग्रेटिव मेडिसिन के युग में होम्योपैथी: परंपराओं को जोड़ना, स्वास्थ्य को आगे बढ़ाना विषय पर एक वैज्ञानिक सेमिनार हुआ। इसका आयोजन पहली बार दिल्ली राज्य आयुष सोसायटी और आयुष निदेशालय, दिल्ली सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जो पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में सरकार होम्योपैथी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए स्पष्ट और दूरदर्शी रोडमैप पर काम कर रही है। विशेष रूप से जीवनशैली से संबंधी बीमारियों और तनाव-संबंधी समस्याओं के बढ़ते बोझ को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं। होम्योपैथी को सुरक्षित, सौम्य और दीर्घकालिक उपचार पद्धति के कारण लोगों के बीच अब तेजी से स्वीकार्यता मिल रही है। यह निवारक व प्रोत्साहक स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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दिल्ली में 120 से अधिक होम्योपैथिक डिस्पेंसरी संचालित हो रही हैं, जहां प्रतिवर्ष लगभग 19 लाख मरीजों को निशुल्क परामर्श और दवाएं उपलब्ध करा रही हैं। सरकार नए पॉलीक्लिनिक खोलने, स्टाफ की कमी को दूर करने और विशेष रूप से उन क्षेत्रों में पहुंच का विस्तार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है।
उन्होंने मानस स्वास्थ्य विजन के अनुरूप इंटीग्रेटेड आयुष स्ट्रेस मैनेजमेंट पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम की भी जानकारी दी। जिसका उद्देश्य आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी के संयुक्त दृष्टिकोण के माध्यम से मनोदैहिक विकारों का समाधान करना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष और एलोपैथिक सेवाओं के साथ एकीकृत करने के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। ताकि मरीजों को एक ही छत के नीचे इलाज के कई विकल्प मिल सकें।
